उच्च पेंशन: हर महीने मिलने वाली राशि पर भरना होगा कर; EPFO की इस योजना के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ाई
यह योजना उन अंशधारकों के लिए सुरक्षित विकल्प है, जो कम जोखिम के साथ स्थिर रिटर्न चाहते हैं। हर माह मिलने वाली मासिक पेंशन करयोग्य होगी। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली एकमुश्त राशि पर कर नहीं लगेगा।
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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने उच्च पेंशन के लिए आवेदन करने की समयसीमा 11 जुलाई तक बढ़ा दी है। ईपीएफओ के जो सदस्य कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत उच्च पेंशन का लाभ उठाना चाहते हैं तो इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे पहले आवेदन की अंतिम तिथि 26 जून यानी आज थी। जानकारों की मानें तो उच्च पेंशन के आवेदन में आ रही दिक्कतों को देखते हुए ईपीएफओ ने तीसरी बार समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया है।
दरअसल,यह योजना उन अंशधारकों के लिए सुरक्षित विकल्प है, जो कम जोखिम के साथ स्थिर रिटर्न चाहते हैं। हर माह मिलने वाली मासिक पेंशन करयोग्य होगी। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली एकमुश्त राशि पर कर नहीं लगेगा।
इनके लिए बेहतर योजना
- ऐसे अंशधारक जिनके पास सेवानिवृत्ति के बाद नियमित कमाई का विकल्प नहीं है या जिन्होंने किसी एन्युटी प्लान या निश्चित आय वाली योजनाओं में निवेश नहीं किया है।
- अधिक अंशदान में सक्षम नहीं हैं तो योजना चुन सकते हैं।
- योजना के चयन को लेकर निर्णय नहीं ले पा रहे हैं तो वित्तीय सलाहकार से संपर्क करें।
ऐसे होगी पेंशन की गणना
- आवेदक की पेंशन एक सितंबर, 2014 से पहले शुरू हुई है तो उच्च पेंशन की गणना सेवानिवृत्त होने की तारीख से पहले के 12 महीनों के दौरान मिले औसत मासिक वेतन पर आधारित होगी।
- अगर आप 31 अगस्त, 2014 को या उससे पहले सेवानिवृत्त हुए हैं तो उच्च पेंशन के लिए औसत वेतन की गणना काम करने के अंतिम वर्ष के औसत वेतन पर होगी।
बैंक बाजार के सीईओ आदिल शेट्टी ने बताया कि उच्च पेंशन चुनते समय ध्यान रखें कि इसमें निवेश से आपका अल्पकालिक और दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्य तो प्रभावित नहीं होगा। भविष्य में वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए धन की जरूरत हो तो इस योजना से बचें।