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ऊंची कीमतों का असर: गोल्ड लोन सात माह में 50 फीसदी बढ़ा, पर्सनल लोन सहित कुल कर्ज में वृद्धि दर 9% से नीचे
Sun, 01 Dec 2024 07:01 AM IST
ज्योति भास्कर
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sun, 01 Dec 2024 07:01 AM IST
सार
ऊंची कीमतों का असर बाजार पर साफ दिख रहा है। बीते सात माह में गोल्ड लोन 50 फीसदी बढ़ा है। दूसरी तरफ पर्सनल लोन सहित कुल कर्ज में वृद्धि दर 9% से नीचे पहुंच गई है।
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गोल्ड लोन सात माह में 50 फीसदी बढ़ा (प्रतीकात्मक)
- फोटो : pti
विस्तार
सोने की कीमतों में हालिया तेजी ने उधार लेने वालों के लिए मौका दे दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों यानी अप्रैल से अक्तूबर के दौरान गहनों के एवज में दिए जाने वाले कर्ज में 50.4 फीसदी का इजाफा हुआ है। यह तेज वृद्धि तब हुई है, जब हर दूसरे पर्सनल लोन सेगमेंट में उधारी की दर 9 फीसदी से भी कम रही है।
सालाना आधार पर 56% की बढ़ोतरी
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 18 अक्तूबर तक सोने के एवज में दिया गया कुल कर्ज 1,54,282 करोड़ रुपये था। मार्च, 2024 के अंत में यह 1,02,562 करोड़ रुपये था। सालाना आधार पर इसमें 56% की बढ़ोतरी हुई है। अक्तूबर, 2023 में केवल 13 फीसदी की बढ़त थी। बैंकरों का कहना है कि गोल्ड लोन में बढ़ोतरी के कई कारण हो सकते हैं।
सोने की कीमत प्रति दस ग्राम 80 हजार रुपये के करीब तक पहुंची
इनमें गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के नियमों में बदलाव और असुरक्षित ऋणों की तुलना में सुरक्षित ऋणों को प्राथमिकता देना शामिल है। कुछ विश्लेषक गोल्ड लोन की बढ़ती मांग को वित्तीय संकट का संकेत भी मानते हैं। मालूम हो कि हाल में सोने की कीमत प्रति दस ग्राम 80 हजार रुपये के करीब पहुंच चुकी है।
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सालाना आधार पर 56% की बढ़ोतरी
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, 18 अक्तूबर तक सोने के एवज में दिया गया कुल कर्ज 1,54,282 करोड़ रुपये था। मार्च, 2024 के अंत में यह 1,02,562 करोड़ रुपये था। सालाना आधार पर इसमें 56% की बढ़ोतरी हुई है। अक्तूबर, 2023 में केवल 13 फीसदी की बढ़त थी। बैंकरों का कहना है कि गोल्ड लोन में बढ़ोतरी के कई कारण हो सकते हैं।
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सोने की कीमत प्रति दस ग्राम 80 हजार रुपये के करीब तक पहुंची
इनमें गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के नियमों में बदलाव और असुरक्षित ऋणों की तुलना में सुरक्षित ऋणों को प्राथमिकता देना शामिल है। कुछ विश्लेषक गोल्ड लोन की बढ़ती मांग को वित्तीय संकट का संकेत भी मानते हैं। मालूम हो कि हाल में सोने की कीमत प्रति दस ग्राम 80 हजार रुपये के करीब पहुंच चुकी है।
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