{"_id":"67563e56f8fe88c3090c2f73","slug":"guarantee-free-education-loan-benefits-may-be-availed-to-bear-various-expenses-2024-12-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"निवेश-बचत: बिना गारंटी सभी खर्च के लिए कर्ज लेकर अच्छी शिक्षा पाएं, जानिए किन परिस्थितियों में मिलेगा लाभ","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
निवेश-बचत: बिना गारंटी सभी खर्च के लिए कर्ज लेकर अच्छी शिक्षा पाएं, जानिए किन परिस्थितियों में मिलेगा लाभ
Mon, 09 Dec 2024 06:18 AM IST
ज्योति भास्कर
आशीष कुमार, आर्थिक सलाहकार
आशीष कुमार, आर्थिक सलाहकार
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 09 Dec 2024 06:18 AM IST
सार
किसी भी समाज को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। बच्चे के पैदा होते ही हर माता-पिता को इसकी चिंता होने लगती है। वे पहले से इसकी तैयारी भी करते रहते हैं। लेकिन, जब बात क्वालिटी एजुकेशन की आती है तो बहुतेरे माता-पिता पैसे के अभाव में बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दे पाते हैं।
विज्ञापन
लोन (प्रतीकात्मक)
- फोटो : Istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने पीएम विद्यालक्ष्मी योजना को मंजूरी दी है। यह योजना देश के सभी अनुसूचित बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) और सहकारी बैंकों पर लागू है। यानी जो शहरी क्षेत्र में छात्र हैं, उनके अलावा ग्रामीण इलाकों में भी इसका फायदा लिया जा सकता है। इसलिए, इस योजना को ग्रामीण बैंकों तक फैलाया गया है, ताकि कोई भी क्वालिटी एजुकेशन लेने वाला छात्र इस योजना से वंचित न हो सके।
पीएम विद्यालक्ष्मी में ट्यूशन फी भी कवर
पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के तहत कोई भी छात्र जो क्वालिटी वाली उच्च शिक्षा संस्थान में प्रवेश लेता है, वह पूरी ट्यूशन फी और पाठ्यक्रम से जुड़े अन्य खर्चों को कवर करने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों से गारंटी और गारंटर मुक्त कर्ज पाने के लिए पात्र है। छात्र के आवेदन करने के बाद बैंक उसे यह कर्ज देता है। यह योजना राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) के अनुसार, देश में क्वालिटी वाले शीर्ष 860 उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए उपलब्ध है। योजना की एक जो सबसे बड़ी खासियत है वह यह कि सभी पारिवारिक आय समूहों के छात्र यदि चाहें तो शिक्षा कर्ज ले सकते हैं।
ऐसे छात्र लाभ उठाने के लिए पात्र नहीं
पीएम विद्यालक्ष्मी योजना में जरूर कुछ ऐसे नियम और शर्तें हैं, जिसके कारण कुछ छात्रों को कर्ज नहीं मिलता है। इसके तहत, ऐसा छात्र कोई अन्य केंद्र या और राज्य सरकार स्कॉलरशिप, ब्याज छूट योजना, या शुल्क प्रतिपूर्ति प्राप्त करते हैं, वे पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के तहत लाभ के लिए पात्र नहीं हैं। जो छात्र अपनी पढ़ाई बीच में ही रोक देते हैं या अनुशासनात्मक या शैक्षणिक आधार पर संस्थान से बर्खास्त कर दिए जाते हैं, वे भी इस योजना के तहत ब्याज छूट या क्रेडिट गारंटी के लिए पात्र नहीं हैं।
विज्ञापन
मेडिकल स्थितियों में ले सकते हैं फायदा
योजना के तहत ब्याज छूट और क्रेडिट गारंटी केवल तभी संभव है जब आपकी शिक्षा में रुकावट मेडिकल कारणों से हो। इसके लिए शैक्षणिक संस्थान के प्रमुख की संतुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने चाहिए। किसी भी तरह की धोखाधड़ी करने पर इस योजना का लाभ आपको नहीं मिलेगा। ब्याज छूट का भुगतान ई-वाउचर और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी वॉलेट का उपयोग कर किया जाएगा।
हॉस्टल से लेकर सभी खर्चे हैं शामिल
योजना के तहत आपको मिलने वाले शिक्षा ऋण की राशि की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। यह पाठ्यक्रम शुल्क और गुणवत्ता उच्च शिक्षा संस्थान द्वारा ली जाने वाली अन्य फीस और अन्य संबंधित खर्चों जैसे मेस, छात्रावास शुल्क, संस्थान की अन्य वापसी योग्य और गैर-वापसी योग्य फीस, उचित गुणवत्ता वाले लैपटॉप की लागत और आवश्यक रहने वाले खर्चों की उचित मात्रा पर निर्भर करेगा।
आवेदन की प्रक्रिया सरल और आसान
आवेदक को विद्या लक्ष्मी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा और लॉग इन करना होगा। यह पोर्टल सभी आवश्यक जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए उपलब्ध है। होम पेज पर रजिस्ट्रेशन का विकल्प मिलेगा। इस पर क्लिक कर आवेदन फॉर्म भरें। इसमें व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता, ईमेल आईडी आदि शामिल होंगी। योजना के लिए 2024-25 से 2030-31 के बीच 3,600 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। 7,00,000 नए छात्रों को ब्याज सब्सिडी मिलेगी।
विज्ञापन
पीएम विद्यालक्ष्मी में ट्यूशन फी भी कवर
पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के तहत कोई भी छात्र जो क्वालिटी वाली उच्च शिक्षा संस्थान में प्रवेश लेता है, वह पूरी ट्यूशन फी और पाठ्यक्रम से जुड़े अन्य खर्चों को कवर करने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों से गारंटी और गारंटर मुक्त कर्ज पाने के लिए पात्र है। छात्र के आवेदन करने के बाद बैंक उसे यह कर्ज देता है। यह योजना राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) के अनुसार, देश में क्वालिटी वाले शीर्ष 860 उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए उपलब्ध है। योजना की एक जो सबसे बड़ी खासियत है वह यह कि सभी पारिवारिक आय समूहों के छात्र यदि चाहें तो शिक्षा कर्ज ले सकते हैं।
विज्ञापन
ऐसे छात्र लाभ उठाने के लिए पात्र नहीं
पीएम विद्यालक्ष्मी योजना में जरूर कुछ ऐसे नियम और शर्तें हैं, जिसके कारण कुछ छात्रों को कर्ज नहीं मिलता है। इसके तहत, ऐसा छात्र कोई अन्य केंद्र या और राज्य सरकार स्कॉलरशिप, ब्याज छूट योजना, या शुल्क प्रतिपूर्ति प्राप्त करते हैं, वे पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के तहत लाभ के लिए पात्र नहीं हैं। जो छात्र अपनी पढ़ाई बीच में ही रोक देते हैं या अनुशासनात्मक या शैक्षणिक आधार पर संस्थान से बर्खास्त कर दिए जाते हैं, वे भी इस योजना के तहत ब्याज छूट या क्रेडिट गारंटी के लिए पात्र नहीं हैं।
विज्ञापन
मेडिकल स्थितियों में ले सकते हैं फायदा
योजना के तहत ब्याज छूट और क्रेडिट गारंटी केवल तभी संभव है जब आपकी शिक्षा में रुकावट मेडिकल कारणों से हो। इसके लिए शैक्षणिक संस्थान के प्रमुख की संतुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने चाहिए। किसी भी तरह की धोखाधड़ी करने पर इस योजना का लाभ आपको नहीं मिलेगा। ब्याज छूट का भुगतान ई-वाउचर और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी वॉलेट का उपयोग कर किया जाएगा।
हॉस्टल से लेकर सभी खर्चे हैं शामिल
योजना के तहत आपको मिलने वाले शिक्षा ऋण की राशि की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। यह पाठ्यक्रम शुल्क और गुणवत्ता उच्च शिक्षा संस्थान द्वारा ली जाने वाली अन्य फीस और अन्य संबंधित खर्चों जैसे मेस, छात्रावास शुल्क, संस्थान की अन्य वापसी योग्य और गैर-वापसी योग्य फीस, उचित गुणवत्ता वाले लैपटॉप की लागत और आवश्यक रहने वाले खर्चों की उचित मात्रा पर निर्भर करेगा।
आवेदन की प्रक्रिया सरल और आसान
आवेदक को विद्या लक्ष्मी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा और लॉग इन करना होगा। यह पोर्टल सभी आवश्यक जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए उपलब्ध है। होम पेज पर रजिस्ट्रेशन का विकल्प मिलेगा। इस पर क्लिक कर आवेदन फॉर्म भरें। इसमें व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता, ईमेल आईडी आदि शामिल होंगी। योजना के लिए 2024-25 से 2030-31 के बीच 3,600 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। 7,00,000 नए छात्रों को ब्याज सब्सिडी मिलेगी।