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GST: प्रोत्साहन राशि पर नहीं चुकानी होगी जीएसटी, भीम यूपीआई व रूपे कार्ड से लेनदेन
Mon, 16 Jan 2023 07:22 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Mon, 16 Jan 2023 07:22 AM IST
सार
जीएसटी आयुक्त को जारी सर्कुलर में मंत्रालय ने कहा कि प्रोत्साहन सेवा के मूल्य से जुड़ी सब्सिडी से संबंधित है। यह 2017 के प्रावधानों के तहत लेनदेन के टैक्स मूल्य का हिस्सा नहीं है।
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जीएसटी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रूपे डेबिट कार्ड और भीम यूपीआई का उपयोग करने वाले ग्राहकों के लिए राहत भरी बात है। वित्त मंत्रालय ने कहा, इन दोनों के लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए बैंकों को मिलने वाली प्रोत्साहन रकम पर जीएसटी नहीं लगेगा। पिछले हफ्ते ही 2,600 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी गई थी।
जीएसटी आयुक्त को जारी सर्कुलर में मंत्रालय ने कहा कि प्रोत्साहन सेवा के मूल्य से जुड़ी सब्सिडी से संबंधित है। यह 2017 के प्रावधानों के तहत लेनदेन के टैक्स मूल्य का हिस्सा नहीं है। रूपे कार्ड से लेनदेन के मूल्य के फीसदी के रूप में और दो हजार से कम मूल्य के भीम यूपीआई लेनदेन पर प्रोत्साहन मिलेगा।
2600 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा चालू वित्त वर्ष में
कुछ खास सेवाओं जैसे डाक विभाग या परिवहन जीएसटी के तहत आती हैं। लेकिन केंद्र या राज्याें या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा कारोबारी संस्थान के अलावा यदि किसी और को कोई सेवा दी जाती है तो वह जीएसटी के दायरे से बाहर है। दिसंबर में यूपीआई से रिकॉर्ड 782.9 करोड़ डिजिटल भुगतान हुए थे। इनका मूल्य 12.82 लाख करोड़ रुपये था।
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डीमैट खाते 34% बढ़कर 10.8 करोड़
नई दिल्ली। शेयर बाजारों से मिल रहे आकर्षक मुनाफे और वित्तीय बचत बढ़ने के कारण डीमैट खातों की संख्या दिसंबर, 2022 में बढ़कर 10.8 करोड़ हो गई। दिसंबर, 2021 में 8.1 करोड़ की तुलना में यह 34 फीसदी अधिक है। डिपॉजिटरी आंकड़ों के अनुसार, अक्तूबर में 18 लाख, नवंबर में 20 लाख और दिसंबर, 2022 में 21 लाख नए खाते खुले हैं। आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में मासिक औसतन 29 लाख खाते खुले थे। इसकी तुलना में पिछले साल कम खाते खुले। यूक्रेन-रूस युद्ध व ब्याज दरों के लगातार बढ़ने के कारण बाजारों में उतार-चढ़ाव से खातों के खुलने की संख्या में गिरावट आई।
बजट सत्र में हो सकता है प्रतिस्पर्धा कानून में संशोधन
सरकार एक संसदीय समिति के विभिन्न सुझावों पर विचार के बाद संसद के आगामी बजट सत्र में प्रतिस्पर्धा कानून में संशोधन का प्रस्ताव रख सकती है। दिवालिया एवं ऋणशोधन अक्षमता कानून (आईबीसी) के साथ कंपनी अधिनियम-2013 में भी संशोधनों के लिए विचार चल रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय नया डिजिटल प्रतिस्पर्धा कानून बनाने के लिए संसदीय समिति के सुझावों की समीक्षा कर रहा है। मंत्रालय प्रतिस्पर्धा अधिनियम, आईबीसी और कंपनी अधिनियम का क्रियान्वयन कर रहा है। इन कानूनों में इस साल संशोधनों की उम्मीद है। बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा।
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जीएसटी आयुक्त को जारी सर्कुलर में मंत्रालय ने कहा कि प्रोत्साहन सेवा के मूल्य से जुड़ी सब्सिडी से संबंधित है। यह 2017 के प्रावधानों के तहत लेनदेन के टैक्स मूल्य का हिस्सा नहीं है। रूपे कार्ड से लेनदेन के मूल्य के फीसदी के रूप में और दो हजार से कम मूल्य के भीम यूपीआई लेनदेन पर प्रोत्साहन मिलेगा।
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2600 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा चालू वित्त वर्ष में
कुछ खास सेवाओं जैसे डाक विभाग या परिवहन जीएसटी के तहत आती हैं। लेकिन केंद्र या राज्याें या स्थानीय प्राधिकरण द्वारा कारोबारी संस्थान के अलावा यदि किसी और को कोई सेवा दी जाती है तो वह जीएसटी के दायरे से बाहर है। दिसंबर में यूपीआई से रिकॉर्ड 782.9 करोड़ डिजिटल भुगतान हुए थे। इनका मूल्य 12.82 लाख करोड़ रुपये था।
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डीमैट खाते 34% बढ़कर 10.8 करोड़
नई दिल्ली। शेयर बाजारों से मिल रहे आकर्षक मुनाफे और वित्तीय बचत बढ़ने के कारण डीमैट खातों की संख्या दिसंबर, 2022 में बढ़कर 10.8 करोड़ हो गई। दिसंबर, 2021 में 8.1 करोड़ की तुलना में यह 34 फीसदी अधिक है। डिपॉजिटरी आंकड़ों के अनुसार, अक्तूबर में 18 लाख, नवंबर में 20 लाख और दिसंबर, 2022 में 21 लाख नए खाते खुले हैं। आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में मासिक औसतन 29 लाख खाते खुले थे। इसकी तुलना में पिछले साल कम खाते खुले। यूक्रेन-रूस युद्ध व ब्याज दरों के लगातार बढ़ने के कारण बाजारों में उतार-चढ़ाव से खातों के खुलने की संख्या में गिरावट आई।
बजट सत्र में हो सकता है प्रतिस्पर्धा कानून में संशोधन
सरकार एक संसदीय समिति के विभिन्न सुझावों पर विचार के बाद संसद के आगामी बजट सत्र में प्रतिस्पर्धा कानून में संशोधन का प्रस्ताव रख सकती है। दिवालिया एवं ऋणशोधन अक्षमता कानून (आईबीसी) के साथ कंपनी अधिनियम-2013 में भी संशोधनों के लिए विचार चल रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय नया डिजिटल प्रतिस्पर्धा कानून बनाने के लिए संसदीय समिति के सुझावों की समीक्षा कर रहा है। मंत्रालय प्रतिस्पर्धा अधिनियम, आईबीसी और कंपनी अधिनियम का क्रियान्वयन कर रहा है। इन कानूनों में इस साल संशोधनों की उम्मीद है। बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू होगा।