फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   GST rules will change from July 2025, returns will not be filed after three years

GST: जुलाई 2025 से बदल जाएंगे जीएसटी के नियम, तीन साल बाद नहीं भर सकेंगे रिटर्न

Sat, 07 Jun 2025 05:36 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रिया दुबे Updated Sat, 07 Jun 2025 05:36 PM IST
सार

जुलाई 2025 से जीएसटी अपने नियमों में बदलाव ला रहा है। करदाता तीन साल की समय-सीमा समाप्त होने के बाद, जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएंगे। यह जुलाई 2025 टैक्स अवधि से लागू किया जाएगा।

विज्ञापन
GST rules will change from July 2025, returns will not be filed after three years
जीएसटी - फोटो : एएनआई

विस्तार

अब तीन साल की समय-सीमा समाप्त होने के बाद मासिक और वार्षिक जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं किया जा सकेगा। गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (जीएसटीएन) ने शनिवार को कहा कि जुलाई 2025 की टैक्स अवधि से यह लागू हो जाएगा। इसका मतलब है कि करदाता जुलाई 2025 की टैक्स अवधि के लिए अगस्त 2025 में मासिक रिटर्न दाखिल करेंगे। यह इस नई व्यवस्था के अंतर्गत आएगा।

विज्ञापन

नहीं दाखिल कर पाएंगे ये रिटर्न 

जीएसटीएन ने बताया कि करदाता रिटर्न दाखिल करने की निर्धारित तिथि से तीन साल की अवधि के बाद जीएसटीआर-1, जीएसटीआर 3बी, जीएसटीआर-4, जीएसटीआर-5, जीएसटीआर-5ए, जीएसटीआर-6, जीएसटीआर 7, जीएसटीआर 8 और जीएसटीआर 9 जैसे रिटर्न दाखिल नहीं कर पाएंगे। 

विज्ञापन

वित्त अधिनियम 2023 के तहत हुआ संसोधन 

समय सीमा में यह संशोधन माल और सेवा कर (जीएसटी) वित्त अधिनियम, 2023 के तहत लागू किए जा रहे हैं। इसके अनुसार, बाहरी आपूर्ति रिटर्न, देयता भुगतान से संबंधित रिटर्न, वार्षिक रिटर्न और स्रोत पर जमा किए गए कर से जुड़े रिटर्न अब समय सीमा समाप्त होने पर दाखिल नहीं किए जाएंगे। यह प्रतिबंध जुलाई 2025 की कर अवधि से जीएसटी पोर्टल पर लागू किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

अपने रिकॉर्ड का मिलान करें करदाता 

करदाताओं को सलाह दी गई कि अपने रिकॉर्ड का मिलाने करें। देखें अगर अब तक जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं किया गया है, तो जितनी जल्दी हो सके दाखिल कर लें। पिछले साल अक्तूबर की शुरुआत में जीएसटीए ने करदाताओं को आगाह किया था कि 2025 की शुरुआत में कर प्रतिबंध पर उक्त प्रावधान को लागू किया जाएगा। 

इस बदलाव से अनुशासन आएगा- रजत मोहन 

एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ सदस्य रजत मोहन ने कहा कि यह कदम अनुशासन को बढ़ाता है और लंबे समय नियम न मानने वालों पर रोक लगाएगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि यह उन करदाताओं के लिए समस्या खड़ी कर सकता है, जो मुकदमेबाजी, सिस्टम के मुद्दों या वास्तविक निरीक्षण के कारण उनकी फाइल अभी भी पेंडिंग। मोहन ने कहा ऐसे असाधारण मामलों को अलग से संभालने का कोई तरीका नहीं होने से उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हमेशा के लिए नहीं मिल पाएगा और वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed