{"_id":"660a235bd9a78988480aea21","slug":"gst-officials-big-companies-investigation-instructions-prior-approval-must-2024-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"GST: बिना मंजूरी बड़ी कंपनियों की जांच नहीं कर पाएंगे अधिकारी, केंद्रीय जीएसटी अधिकारियों के लिए निर्देश जारी","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
GST: बिना मंजूरी बड़ी कंपनियों की जांच नहीं कर पाएंगे अधिकारी, केंद्रीय जीएसटी अधिकारियों के लिए निर्देश जारी
Mon, 01 Apr 2024 08:30 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Mon, 01 Apr 2024 08:30 AM IST
सार
सीबीआईसी ने आगे कहा, किसी सूचीबद्ध कंपनी या सरकारी कंपनी (पीएसयू) के संबंध में जांच शुरू करने या उनसे विवरण मांगने के लिए सीजीएसटी अधिकारियों को इकाई के नामित अधिकारी को समन भेजने के बजाय आधिकारिक पत्र जारी करना चाहिए।
विज्ञापन
GST
- फोटो : Istock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जीएसटी के क्षेत्रीय अधिकारियों को अब किसी भी बड़े औद्योगिक घराने या प्रमुख बहुराष्ट्रीय कंपनी के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले अपने क्षेत्रीय प्रधान मुख्य आयुक्तों की मंजूरी लेनी होगी। उन्हें पहली बार वस्तुओं/सेवाओं पर शुल्क लगाने के लिए भी क्षेत्रीय प्रधान मुख्य आयुक्तों की मंजूरी लेनी होगी।
विज्ञापन
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) अधिकारियों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक, जब एक करदाता की जांच राज्य जीएसटी और डीजीजीआई अधिकारी कर रहे हैं, तो प्रधान आयुक्त इस संभावना पर विचार करेंगे कि उसके संबंध में सभी मामलों को एक कार्यालय की ओर से आगे बढ़ाया जाए। कर अधिकारियों को जांच शुरू होने के एक साल के भीतर इसे पूरी करनी होगी।
विज्ञापन
पीएसयू की जांच के लिए भेजना होगा आधिकारिक पत्र
सीबीआईसी ने आगे कहा, किसी सूचीबद्ध कंपनी या सरकारी कंपनी (पीएसयू) के संबंध में जांच शुरू करने या उनसे विवरण मांगने के लिए सीजीएसटी अधिकारियों को इकाई के नामित अधिकारी को समन भेजने के बजाय आधिकारिक पत्र जारी करना चाहिए। इस पत्र में जांच के कारणों का विवरण देना चाहिए और उचित समय अवधि के भीतर दस्तावेजों को प्रस्तुत करने की मांग करनी चाहिए। कर अधिकारियों को करदाता से वह जानकारी नहीं मांगनी चाहिए, जो जीएसटी पोर्टल पर पहले से ही ऑनलाइन उपलब्ध है।
विज्ञापन