फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   GST Council to decide on cutting taxes on insurance premium; big-ticket rate rejig unlikely

GST Council: बीमा पर कर कटौती फिलहाल नहीं, जीन थेरेपी में छूट; वित्त मंत्री ने बताया बैठक में क्या फैसले हुए

Sat, 21 Dec 2024 07:25 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Sat, 21 Dec 2024 07:25 PM IST
सार

GST Council: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी काउंसिल की 55वीं बैठक के बाद कहा, जीएसटी काउंसिल ने फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर टैक्स रेट तय करने का फैसला टाल दिया है। दरअसल, रेट को सरल बनाने के लिए बनी मंत्री समूह (जीओएम) की रिपोर्ट अभी तक तैयार नहीं हुई है, इसलिए फैसला आगे बढ़ा दिया गया है।

विज्ञापन
GST Council to decide on cutting taxes on insurance premium; big-ticket rate rejig unlikely
जीएसटी परिषद् की बैठक - फोटो : x.com/@nsitharamanoffc

विस्तार

विज्ञापन

जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा,अगर आप पुराने वाहन खरीदने को इच्छुक हैं तो अब इस पर 18 फीसदी जीएसटी देना होगा। पहले यह दर 12 फीसदी थी। हालांकि, यह दर तब लागू होगी, जब किसी कंपनी से आप खरीद रहे हैं। अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को बेच रहा है तो कोई टैक्स नहीं लगेगा। नई ईवी पर पहले की तरह पांच फीसदी जीएसटी की दर लागू रहेगी। इसी के साथ यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि लोन की शर्त नहीं मानने वाले ग्राहकों पर बैंक या वित्तीय संस्थान कोई जुर्माना लगाते हैं तो अब उस पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा। जीवन व स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम, विमानन ईंधन और फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर टैक्स को कम करने का फैसला जनवरी की बैठक में होगा।

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की शनिवार को जैसलमेर में 55वीं बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, पौष्टिक चावल (फोर्टिफाइड राइस) पर जीएसटी दर को घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। देश से बाहर माल भेजने वाले सप्लायर्स के लिए मुआवजा उपकर की दर को कम किया गया है। यह इसलिए, ताकि निर्यातक की वर्किंग कैपिटल बढ़ सके।

विज्ञापन

सीतारमण ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों की ओर से आपूर्ति की जाने वाली काली मिर्च और किशमिश पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा। दो हजार रुपये से कम के भुगतान पर पेमेंट एग्रीगेटर्स को जीएसटी से राहत मिलेगी, लेकिन यह राहत पेमेंट गेटवे और फिनटेक सेवाओं को नहीं मिलेगी। 50 फीसदी फ्लाई एश वाले एसीसी ब्लॉक्स पर 12 फीसदी जीएसटी लगेगा। सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों पर इंटर स्टेट गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स यानी आईजीएसटी की छूट को बढ़ा दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

फूड डिलीवरी एप्स पर कोई फैसला नहीं
परिषद ने क्विक कॉमर्स, ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी एप्स पर जीएसटी लगाने पर विस्तार से चर्चा की, लेकिन जीएसटी से जुड़ा कोई फैसला नहीं लिया। इसी तरह बीमा प्रीमियम के बारे में भी चर्चा हुई लेकिन फैसला नहीं हुआ। इस पर मंंत्री समूह और बीमा नियामक इरडाई के साथ बातचीत के बाद फैसला लिया जाएगा। इरडाई को अपना प्रस्ताव परिषद को देना होगा। इस पर सभी राज्यों में सहमति नहीं बन पाई। जीन थेरेपी पर भी कोई टैक्स नहीं लगेगा।

  
148 वस्तुओं की दरों को तर्कसंगत बनाने का फैसला टला
148 वस्तुओं की दरों में बदलाव का सुझाव दिया गया था। इस पर भी फैसला टल गया है। इस सिफारिश को परिषद के समक्ष पेश नहीं किया गया।मंत्री समूह ने इसी महीने करीब 148 वस्तुओं पर कर दरों में फेरबदल करने पर व्यापक सहमति बनाई थी, जिसमें हानिकारक पेय पदार्थ और तंबाकू उत्पादों जैसी वस्तुओं पर वर्तमान 28 प्रतिशत की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक कर लगाना शामिल है।

पॉपकॉर्न पर स्पष्टीकरण, लगते रहेंगे तीन तरह के टैक्स
पहले से पैक और लेबल के साथ पॉपकॉर्न पर 12% का टैक्स लगाया जाएगा। अगर इसमें चीनी मिलाई गई है तो उस पर 18% की दर से जीएसटी जीएसटी लागू रहेगा। इसकी कीमतों पर परिषद अलग से सर्कुलर जारी करेगी। पॉपकॉर्न पर तीन तरह से अब टैक्स लगेगा। पहला नमक और मसाले मिलाकर खाने के लिए तैयार किए गए और पैक्ड हैं, लेकिन उन पर कोई लेबल नहीं लगा है। ऐसे पैक्ड पॉपकॉर्न पर 5% जीएसटी लागू होगा। पैकेट पर लेबल भी लगा है तो उस पर जीएसटी बढकर 12 फीसदी हो जाएगा। ये सभी टैक्स पहले से ही लागू हैं, अब इनको स्पष्ट कर दिया गया है।

मुआवजा उपकर पर रिपोर्ट जमा करने की सीमा बढ़ी
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के अधीन जीएसटी मुआवजा उपकर पर मंत्री समूह को अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए विस्तारित समय सीमा दी गई है। पहले की समय सीमा 31 दिसंबर, 2024 थी।जीएसटी परिषद वाउचर के लेनदेन पर कोई जीएसटी नहीं लगाने का फैसला किया है, क्योंकि वे न तो वस्तुओं की आपूर्ति हैं और न ही सेवाओं की आपूर्ति हैं। वाउचर से जुड़े प्रावधानों को भी सरल बनाया गया है।

रेस्तरां में खाने पर 18 फीसदी टैक्स लगता रहेगा
महंगे होटल के अंदर बने रेस्टोरेंट में खाने पर 18 फीसदी जीएसटी लगता रहेगा। इसे घटाकर पांच फीसदी करने का प्रस्ताव था। इसमें किसी बदलाव को मंजूरी नहीं दी गई है। 7500 रुपए से ज्यादा रूम प्रति रात वाले होटलों को राहत देने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन इस पर भी कोई फैसला नहीं हुआ।

एसीसी ब्लॉकों पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा- वित्त मंत्री
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 50 प्रतिशत से अधिक फ्लाई ऐश वाले एसीसी ब्लॉकों पर 12 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। काली मिर्च चाहे ताजी हरी काली मिर्च हो या सूखी काली मिर्च और किशमिश जब किसी किसान की तरफ से आपूर्ति की जाती है तो उस पर जीएसटी नहीं लगेगा। ऋण शर्तों का पालन न करने पर बैंकों और एनबीएफसी की तरफ से वसूले गए दंडात्मक शुल्क या लेवी पर कोई जीएसटी देय नहीं है।

'ATF को GST के दायरे में लाने पर नहीं बनी सहमति'
निर्मला सीतारमण ने आगे कहा, 'एजेंडे में यह अनुरोध रखा गया था कि क्या एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) को जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए... इस पर सहमति नहीं बन पाई है क्योंकि राज्य इससे सहमत नहीं हैं और यह अभी भी वहीं है जहां यह आज है... स्वास्थ्य बीमा से संबंधित निर्णयों के लिए अधिक समय की आवश्यकता है। आईआरडीएआई से इनपुट की प्रतीक्षा है।'

आंध्र प्रदेश की 1% आपदा उपकर की मांग पर बनेगी GoM
इसके साथ ही जीएसटी काउंसिल ने आंध्र प्रदेश की 1% आपदा उपकर लगाने की मांग पर विचार करने के लिए मंत्रियों का एक समूह बनाने का फैसला किया है। यह उपकर कुछ लग्जरी सामानों पर लगाया जाएगा ताकि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए संसाधन जुटाए जा सकें। आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री पय्यावुला केशव ने कहा कि इस पर सहमति बनी है कि एक GoM बनाया जाए।  
'यह उपकर केवल लग्जरी सामानों पर और राज्य विशेष के लिए लागू होगा'। सितंबर-अक्तूबर में आंध्र प्रदेश बाढ़ से प्रभावित हुआ था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed