फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   GST collection record high in april 2024 with more then two lakh crore rupees

GST: अप्रैल महीने में जीएसटी संग्रह दो लाख करोड़ रुपये के पार, पिछले साल की तुलना में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी

Wed, 01 May 2024 01:28 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 01 May 2024 01:28 PM IST
सार

वित्त मंत्रालय ने बयान में बताया कि, 'सकल वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह अप्रैल 2024 में 2.10 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। यह सालाना आधार पर 12.4 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।'

विज्ञापन
GST collection record high in april 2024 with more then two lakh crore rupees
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Istock

विस्तार

आर्थिक गतिविधियों में तेजी के बीच घरेलू लेनदेन और आयात में मजबूत वृद्धि के दम पर जीएसटी संग्रह अप्रैल, 2024 में पहली बार दो लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। इससे पहले अप्रैल, 2023 में सबसे ज्यादा 1,87,035 करोड रुपये का कर संग्रह हुआ था। वित्त मंत्रालय के बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, सकल जीएसटी संग्रह अप्रैल में 2.10 लाख करोड़ के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। यह सालाना आधार पर 12.4% की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। घरेलू लेनदेन में 13.4 व आयात में 8.3% की वृद्धि दर्ज की गई।

विज्ञापन


मंत्रालय ने बताया, 2,10,267 करोड़ के सकल जीएसटी संग्रह में केंद्रीय जीएसटी की 43,846 करोड़ और राज्य जीएसटी की 53,538 करोड़ हिस्सेदारी रही। एकीकृत जीएसटी 99,623 करोड़ रहा, जिसमें आयातित वस्तुओं पर जुटाए 37,826 करोड़ शामिल हैं। कुल उपकर संग्रह 13,260 करोड़ रुपये रहा।  
विज्ञापन


शुद्ध राजस्व 1.92 लाख करोड़ रुपये
रिफंड के बाद अप्रैल के लिए शुद्ध जीएसटी राजस्व 1.92 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। यह अप्रैल, 2023 की तुलना में 15.5 फीसदी की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूपी ने तमिलनाडु को पीछे छोड़ा
उत्तर प्रदेश ने अप्रैल में जीएसटी संग्रह में 19% की वृद्धि के साथ तमिलनाडु को पीछे छोड़ दिया है। यूपी 12,290 करोड़ के जीएसटी संग्रह के साथ चौथे, तमिलनाडु 12,210 करोड़ के साथ 5वें स्थान पर है। महाराष्ट्र सबसे आगे है, कर्नाटक दूसरे व गुजरात तीसरे स्थान पर है।

उपभोक्ताओं ने एसी और पेय पदार्थों पर किया खर्च
नेक्सडिगम के संजय छाबड़िया ने कहा, घरेलू लेनदेन में उल्लेखनीय वृद्धि का कारण गर्मी से बचने के लिए लोगों की ओर से किया गया खर्च है। एसी और पेय पदार्थों पर खर्च तेजी से बढ़ा है।

विमान ईंधन 0.7 फीसदी महंगा
विमान ईंधन 0.7 फीसदी यानी 749.25 रुपये महंगा हुआ है। राष्ट्रीय राजधानी में इसकी कीमत बढ़कर 101,642.88 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है।

पेट्रोल बिक्री : 12.3 फीसदी बढ़ी, डीजल में रही गिरावट

  • देश में पेट्रोल की बिक्री अप्रैल, 2024 में सालाना आधार पर 12.3 फीसदी बढ़कर 29.7 लाख टन पहुंच गई। कीमतों में कटौती से निजी वाहनों का इस्तेमाल बढ़ने से पेट्रोल की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, चुनाव प्रचार तेज होने के बावजूद डीजल की बिक्री 2.3 फीसदी घटकर 70 लाख टन रह गई। मार्च में भी डीजल बिक्री 2.7 फीसदी घटी थी।
  •  सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों के मुताबिक, मासिक आधार पर पेट्रोल की बिक्री अप्रैल में मार्च के 28.2 लाख टन की तुलना में 5.3 फीसदी घट गई। लेकिन, डीजल की खपत मार्च के 67 लाख टन से 4.4 फीसदी ज्यादा रही।
  •  विमान ईंधन की बिक्री अप्रैल में सालाना आधार पर 7 फीसदी बढ़कर 6,56,700 टन पहुंच गई। यह मार्च के 6,70,100 टन से 2 फीसदी कम है।
  •  एलपीजी की बिक्री सालाना आधार पर 12 फीसदी बढ़कर 24.5 लाख टन पहुंच गई।


बिजली खपत : 11% बढ़कर 144 अरब यूनिट
देश में तापमान बढ़ने से बिजली की खपत अप्रैल में करीब 11 फीसदी बढ़कर 144.25 अरब यूनिट पहुंच गई। अप्रैल, 2023 में खपत 130.08 अरब यूनिट रही थी। एक दिन में बिजली की अधिकतम मांग भी एक साल पहले की समान अवधि के 215.88 गीगावॉट से बढ़कर अप्रैल में 224.18 गीगावॉट पहुंच गई। बिजली मंत्रालय ने गर्मियों में बिजली की अधिकतम मांग करीब 260 गीगावॉट रहने का अनुमान लगाया है। विशेषज्ञों ने कहा, बिजली की खपत और मांग में वृद्धि मुख्य रूप से तापमान बढ़ने के साथ इस्पात एवं बिजली जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी के कारण हुई है।



जीएसटी 2.0 में सुधारों को आगे बढ़ाने का मंच तैयार

  • डेलॉय इंडिया में साझेदार महेश जयसिंह ने कहा, कर संग्रह में लगातार उछाल ने जीएसटी 2.0 के तहत दूरगामी सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए मंच तैयार किया है।
  • नई सरकार बनने के बाद जीएसटी में सुधारों की अगली लहर से कर संग्रह में और तेजी आने की उम्मीद है। 
  • सरकार दरों को तर्कसंगत बनाने के साथ एटीएफ व प्राकृतिक गैस जैसे अन्य उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने जैसे साहसिक फैसले ले सकती है।


यूपीआई लेनदेन : घटकर 19.64 लाख करोड़ रुपये

  • यूपीआई के जरिये लेनदेन में संख्या और मूल्य दोनों के लिहाज से गिरावट आई है। संख्या के लिहाज से यूपीआई लेनदेन अप्रैल, 2024 में मासिक आधार पर एक फीसदी घटकर 13.30 अरब रह गया। मार्च, 2023 में यह आंकड़ा 13.44 अरब था। मूल्य के लिहाज से यूपीआई के जरिये लेनदेन मार्च के 19.78 लाख करोड़ रुपये से घटकर 19.64 लाख करोड़ रुपये रह गया।
  • आईएमपीएस लेनदेन मूल्य के लिहाज से 7 फीसदी घटकर 5.92 लाख करोड़ रुपये रह गया। संख्या के आधार पर लेनदेन 5 फीसदी कम होकर 55 करोड़ रह गया।
  • संख्या और मूल्य के लिहाज से फास्टैग लेनदेन में भी क्रमशः तीन फीसदी एवं 6 फीसदी की गिरावट रही। इस दौरान फास्टैग के जरिये 5,592 करोड़ रुपये के 32.8 करोड़ लेनदेन हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed