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GST: सरकार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर रख रही नजर, जीएसटी दर में कटौती का लाभ लोगों को मिले इसलिए हो रही निगरानी
Tue, 30 Sep 2025 04:08 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Tue, 30 Sep 2025 04:08 PM IST
सार
GST Reforms: सरकार से जुड़े एक सूत्र के अनुसार अधिकारी इस बात पर नजर रख रहे हैं कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मूल्य निर्धारण मानदंडों का अनुपालन कर रहे हैं या नहीं। इस बात की भी निगरानी की जा रही है कि वे कर कटौती से उपभोक्ताओं को होने वाले लाभ को रोक तो नहीं रहे हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
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ई-कॉमर्स
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
सरकार शैम्पू से लेकर दालों तक दैनिक उपयोग के एफएमसीजी उत्पादों की कीमतों पर नजर रख रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती का लाभ आम लोगों तक उचित तरीके से पहुंचे। इसी कड़ी में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों की भी निगरानी की जा रही है। एक सूत्र ने मंगलवार को इस बारे में बताया
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अधिकारी ने बताया कि वे इस बात पर नजर रख रहे हैं कि ये प्लेटफॉर्म मूल्य निर्धारण मानदंडों का अनुपालन कर रहे हैं या नहीं। इस बात की भी निगरानी की जा रही है कि वे कर कटौती से उपभोक्ताओं को होने वाले लाभ को रोक तो नहीं रहे हैं।
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कुछ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बेची जा रही दैनिक आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उचित कमी नहीं किए जाने की शिकायतों के बीच, सूत्रों ने बताया कि सरकार ने अनौपचारिक रूप से कुछ ई-कॉमर्स ऑपरेटरों को कुछ वस्तुओं पर उनके द्वारा दी जा रही कीमतों के लिए फटकार लगाई है।
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सूत्र ने कहा, "सरकार जीएसटी कटौती को सुचारू और वास्तविक रूप से पारित कराने के लिए ई-कॉमर्स ऑपरेटरों पर नज़र रख रही है। राजस्व विभाग इस बात पर नज़र रख रहा है कि करों में कटौती उसी अनुपात में की गई है या नहीं।"
सूत्रों ने बताया कि जब जीएसटी कटौती से पहले और बाद में मूल्य निर्धारण में विसंगतियों की ओर इशारा किया गया तो ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने 'तकनीकी गड़बड़ियों' का हवाला दिया। सूत्र ने बताया, "सरकार कड़ी निगरानी रख रही है।"
22 सितंबर से प्रभावी, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो-स्तरीय संरचना बन गया है। 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की पूर्व दरों को 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो दरों में मिला दिया गया है, जिससे 99 प्रतिशत दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतें कम हो गई हैं।
वित्त मंत्रालय ने 9 सितंबर को केंद्रीय जीएसटी के क्षेत्रीय अधिकारियों को पत्र लिखकर 54 आम इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं की कीमतों में बदलाव की मासिक रिपोर्ट पेश करने को कहा था। इन वस्तुओं के ब्रांडवार अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के तुलनात्मक विवरण वाली पहली रिपोर्ट मंगलवार तक केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) को सौंपनी होगी। 54 वस्तुओं की सूची में मक्खन, शैम्पू, टूथपेस्ट, टोमैटो केचप, जैम, आइसक्रीम, एसी, टीवी, सभी डायग्नोस्टिक किट, ग्लूकोमीटर, पट्टियां, थर्मामीटर, रबड़, क्रेयॉन और सीमेंट आदि शामिल हैं।