जीएसटी से होने वाली महंगाई पर काबू पाने में जुटी सरकार
इस लक्ष्य को रिजर्व बैंक के साथ मौद्रिक नीति रूप रेखा करार के तहत तय किया गया है। सरकार ने मुद्रास्फीति का जो दायरा तय किया है वह मार्च 2021 तक की अवधि के लिए है। मॉर्गन स्टैनली ने एक रिपोर्ट में कहा है कि जीएसटी लागू होने के बाद कुछ समय के लिए महंगाई में तेजी का रुख देखने को मिल सकता है। अगर यह मानकर चलें कि जीएसटी के तहत कर की दरें 12, 15 और 22 फीसदी तय की जाती हैं तो उनसे महंगाई के मोर्चे पर 0.3 फीसदी से लेकर 0.7 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
एचएसबीसी ग्लोबल रिसर्च ने भी अनुमान लगाया है कि जीएसटी के तहत 18 फीसदी की दर से कर लगाए जाने पर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में 0.2 फीसदी की तेजी जबकि 22 फीसदी होने पर 0.7 फीसदी की ऊंची वृद्धि हो सकती है। हालांकि, दोनों ही बाजार विश्लेषण संस्थानों की रिपोर्ट में यह कहा गया है कि मुद्रास्फीति में तेजी का दौर कुछ समय तक ही रहेगा।
वित्त मंत्रालय का दावा नहीं बढ़ेगी महंगाई
गौरतलब है कि जीएसटी पर बीते बृहस्पतिवार को बुलाये गए संवाददाता सम्मेलन के दौरान वित्त मंत्रालय ने जीएसटी लागू होने के बाद महंगाई बढ़ने की आशंकाओं को दरकिनार किया था। वित्त मंत्रालय से एक बयान में बताया है कि रिजर्व बैंक कानून 1934 की धारा 45जेडए के तहत मिले अधिकारों के तहत केंद्र सरकार ने बैंक के साथ विचार-विमर्श कर अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से 31 मार्च, 2021 तक के लिए मुद्रास्फीति का यह लक्ष्य तय किया है।
मुद्रास्फीति का लक्ष्य चार फीसदी रखा गया है, लेकिन यह इससे दो फीसदी ऊपर यानी छह फीसदी तक और दो फीसदी नीचे यानी दो फीसदी तक भी हो सकती है।
सरकार और रिजर्व बैंक ने पिछले साल फरवरी में मौद्रिक नीति रूप रेखा पर करार किया था, जिसके तहत रिजर्व बैंक नीतिगत दरें तय करेगा और जनवरी, 2016 तक मुद्रास्फीति को छह फीसदी से नीचे लाने का लक्ष्य लेकर चलेगा। इसके बाद 2016-17 तथा आगे के वर्षों के लिए इसे चार फीसदी तय किया गया है। उल्लेखनीय है कि वित्त अधिनियम 2016 के जरिए सरकार ने मौद्रिक नीति समिति -एमपीसी- बनाने के लिए रिजर्व बैंक कानून में संशोधन किया है।
इसमें विशेष रूप से मुद्रास्फीति का लक्ष्य रखने का प्रावधान किया गया है। संशोधन के तहत केंद्र सरकार रिजर्व बैंक के साथ विचार विमर्श कर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक -सीपीआई- के मामले में प्रत्येक पांच साल में एक बार मुद्रास्फीति का लक्ष्य तय करेगी और गजट में अधिसूचित करेगी।