Electoral Bonds: चुनावी बॉन्ड की 27वीं खेप को मंजूरी, 3-12 जुलाई के बीच एसबीआई की 29 शाखाओं पर होगी बिक्री
Electoral Bonds: चुनावी बॉन्ड भारतीय नागरिकों या देश में निगमित या स्थापित संस्थाओं की ओर से खरीदे जा सकते हैं। जिन पंजीकृत राजनीतिक दलों ने पिछले लोकसभा या विधानसभा चुनाव में डाले गए वोटों का कम से कम एक प्रतिशत हासिल किया है, वे चुनावी बॉन्ड के माध्यम से धन प्राप्त करने के पात्र हैं।
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सरकार ने तीन जुलाई से चुनावी बॉन्ड के 27वीं खेप की बिक्री को मंजूरी दे दी है। सरकार का यह फैसला राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले आया है। इन राज्यों में एक-दो महीनों में चुनाव की तारीखों का एलान हो सकता है। सरकार की ओर से राजनीतिक चंदे की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के प्रयासों के तहत राजनीतिक दलों को दिए जाने वाले नकद चंदे के विकल्प के तौर पर चुनावी बॉन्ड को पेश किया गया है।
चुनावी बॉन्ड की बिक्री के लिए सिर्फ एसबीआई की शाखाओं को किया गया अधिकृत
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि बिक्री के 27वें चरण में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को अपनी 29 शाखाओं के जरिये तीन से 12 जुलाई के बीच चुनावी बॉन्ड जारी करने और भुनाने के लिए अधिकृत किया गया है। चुनावी बॉन्ड के पहले बैच की बिक्री एक मार्च से 10 मार्च 2018 के बीच की गई थी।
चुनावी बॉन्ड जारी होने की तारीख से 15 दिनों के लिए रहेंगे वैध
एसबीआई की अधिकृत शाखाओं में बेंगलुरु, लखनऊ, शिमला, देहरादून, कोलकाता, गुवाहाटी, चेन्नई, पटना, नई दिल्ली, चंडीगढ़, श्रीनगर, गांधीनगर, भोपाल, रायपुर और मुंबई शामिल हैं। चुनावी बॉन्ड जारी करने के लिए एसबीआई एकमात्र अधिकृत बैंक है। चुनावी बॉन्ड जारी होने की तारीख से 15 दिनों के लिए वैध होगा। बयान में कहा गया है कि वैधता अवधि समाप्त होने के बाद बॉन्ड जमा करने पर किसी भी राजनीतिक दल को कोई भुगतान नहीं किया जाएगा।
एक प्रतिशत से अधिक वोट पाने वाले दल चुनावी बॉन्ड से धन प्राप्त करने के पात्र
चुनावी बॉन्ड भारतीय नागरिकों या देश में निगमित या स्थापित संस्थाओं की ओर से खरीदे जा सकते हैं। जिन पंजीकृत राजनीतिक दलों ने पिछले लोकसभा या विधानसभा चुनाव में डाले गए वोटों का कम से कम एक प्रतिशत हासिल किया है, वे चुनावी बॉन्ड के माध्यम से धन प्राप्त करने के पात्र हैं।