IPO: संशोधित विनिवेश लक्ष्य भी पूरा नहीं कर पाएगी सरकार, 20516 करोड़ मिले थे एलआईसी आईपीओ से
बैंक ऑफ बड़ौदा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 31 हजार करोड़ में से अकेले एलआईसी से ही 20,516 करोड़ रुपये आए हैं। जबकि ओएनजीसी से 3,059, आईआरसीटीसी से 2,724 और एक्सिस बैंक से 3,939 करोड़ रुपये आए हैं। सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए 51,000 करोड़ के विनिवेश का लक्ष्य रखा है।
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चालू वित्त वर्ष के खत्म होने में अब महज 21 दिन बचे हैं। ऐसे में सरकार के लिए विनिवेश की संशोधित रकम भी हासिल करना मुश्किल लग रहा है। अब तक विनिवेश से 31,106 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं, जबकि संशोधित लक्ष्य 50,000 करोड़ रुपये था। हालांकि, बजट में यह लक्ष्य 65 हजार करोड़ रुपये का था।
बैंक ऑफ बड़ौदा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 31 हजार करोड़ में से अकेले एलआईसी से ही 20,516 करोड़ रुपये आए हैं। जबकि ओएनजीसी से 3,059, आईआरसीटीसी से 2,724 और एक्सिस बैंक से 3,939 करोड़ रुपये आए हैं। सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए 51,000 करोड़ के विनिवेश का लक्ष्य रखा है।
51फीसदी तक हिस्सा घटाने पर एसबीआई से मिलेगा ज्यादा पैसा
संस्थान रकम हिस्सा
एसबीआई 32,433 6.50%
आईओबी 21,539 45.40%
यूनियन बैंक 16,305 32.50%
यूको बैंक 14,420 44.40%
पीएनबी 12,557 22.10%
बीओबी 11,671 13.00%
इंडियन बैंक 10,468 28.90%
(आंकड़े करोड़ रुपये में)
इनसे भी मिलेगी ज्यादा रकम
रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लि. से 23,120 करोड़ और कोल इंडिया से 20,966 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।
- ओएनजीसी से 18,720 और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन से 12,968 करोड़ मिल सकते हैं।
- सरकार को मिल सकते हैं 3.5 लाख करोड़ रुपये।
इनसे भी मिलेगी ज्यादा रकम
रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लि. से 23,120 करोड़ और कोल इंडिया से 20,966 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।
- ओएनजीसी से 18,720 और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन से 12,968 करोड़ मिल सकते हैं।