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सरकार की मंशा, एनबीएफसी की फंसी संपत्तियां खरीदे आरबीआई
Thu, 28 Nov 2019 07:12 PM IST
paliwal पालीवाल
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Published by: paliwal पालीवाल
Updated Thu, 28 Nov 2019 07:12 PM IST
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वित्त मंत्रालय की मंशा है कि मुश्किल में फंसे गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को उबारने के लिए रिजर्व बैंक आगे आए। सरकारी सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय चाहता है कि देश की 25 प्रमुख एनबीएफसी की संकटग्रस्त संपत्तियों को खरीदने के लिए आरबीआई फंड बनाए।
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सरकार ने यह भी कहा है कि आरबीआई रियल एस्टेट क्षेत्र के कुछ कर्ज या फंसे कर्ज पर राहत देने के लिए बैंकों को एकमुश्त माफी पर भी विचार करे। हालांकि, रिजर्व बैंक ने इस बात का विरोध किया है कि वह अपनी बैलेंस शीट का इस्तेमाल एनबीएफसी की संकटग्रस्त संपत्तियों को खरीदने में करेगा।
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कमजोर आर्थिक वृद्धि और घटती कमाई से 2020 में गैर वित्तीय क्षेत्र की भारतीय कंपनियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। वैश्विक निवेशक फर्म मूडीज ने बृहस्पतिवार को कहा कि इन कंपनियों की साख परिस्थितियां 2020 में कमजोर बनी रहेंगी।
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मूडीज की उपाध्यक्ष और वरिष्ठ साख अधिकारी कौस्तुभ चौबाल ने कहा कि प्रमुख कंपनियों की साख में 2020-21 में ज्यादा सुधार की उम्मीद नहीं है। ऊंचा ऋण स्तर, कमजोर मुनाफा और लगातार सुस्त पड़ती विकास दर का काफी असर पड़ा है। इस कारण निवेश और खपत दोनों ही कमजोर हुए हैं।
मूडीज ने कहा कि ऐसे कारण जिनसे भारत की गैर वित्तीय कंपनियों को सुधारा जा सके, उनमें खपत की मांग बढ़ाने और सरकार की ओर से मिलने वाली मदद प्रमुख है। मूडीज ने कहा कि सरकार के प्रोत्साहन उपायों, बेहतर वित्त पोषण और बाजार में तरलता की स्थिति में सुधार जैसे कदमों से घरेलू मांग और उपभोक्ताओं का वित्त पोषण दोनों बढ़ाया जा सकता है।
हालांकि, सरकार के लिए निकट भविष्य में नए प्रोत्साहन उपायों की संभावनाएं सीमित नजर आती हैं। दूसरी ओर, बुनियादी क्षेत्र की कंपनियों की मजबूत बाजार स्थिति और सेवाओं में विस्तार से सुस्त अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा।