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Ethanol Blending: ई20 पेट्रोल को लेकर फैली अफवाहों की क्या है सच्चाई? सरकार ने दिया हर सवाल का जवाब

Fri, 03 Jul 2026 08:39 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 03 Jul 2026 08:39 PM IST
सार

सरकार ने ई20 इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम पर सोशल मीडिया में फैल रही गलत सूचनाओं का खंडन किया। मंत्रालय ने पानी की खपत, इंजन को नुकसान, बीमा और पर्यावरणीय दावों को खारिज करते हुए कार्यक्रम के लाभ और वैज्ञानिक आधार के बारे में बताया। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

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Government Rejects Misinformation on E20 Ethanol Blending Program
इथेनॉल ब्लेंडिंग - फोटो : amarujala.com

विस्तार

सरकार ने शुक्रवार को देश के ई20 इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम पर सोशल मीडिया में फैल रही गलत सूचनाओं का खंडन किया। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 10 सूत्री स्पष्टीकरण जारी किया। मंत्रालय ने पानी के अत्यधिक इस्तेमाल, इंजन को नुकसान, बीमा अमान्य होने और पर्यावरणीय नुकसान जैसे दावों को खारिज किया है। यह कार्यक्रम पेट्रोल में 20 फीसदी तक इथेनॉल मिलाने जुड़ा है। मंत्रालय ने बताया कि यह कार्यक्रम वैज्ञानिक अध्ययनों, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और नियामकीय सुरक्षा उपायों पर आधारित है। 

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क्या एक लीटर इथेनॉल बनाने के लिए 10 हजार लीटर पानी का इस्तेमाल होता है?

मंत्रालय ने एक लीटर इथेनॉल उत्पादन में 10,000 लीटर पानी की खपत के दावे को भी गलत बताया। मंत्रालय ने कहा कि इथेनॉल डिस्टिलरी प्रति लीटर इथेनॉल के लिए लगभग तीन से पांच लीटर पानी का उपयोग करती हैं। ये डिस्टिलरी पानी को फिर से इस्तेमाल करने से जुड़ी प्रणाली का तेजी से संचालन कर रही हैं।

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इथेनॉल उत्पादन के लिए केवल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद बचे हुए चावल का उपयोग वह भी स्वीकृति मिलने पर होता है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि मक्का, जो कार्यक्रम के तहत 40 फीसदी से अधिक इथेनॉल की आपूर्ति करता है, उसे धान की तुलना में कम सिंचाई की जरूरत होती है। 

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क्या ई20 ईंधन वाहनों के लिए सुरक्षित है?

सरकार ने ई20 को अप्रमाणित ईंधन बताने के दावे को खारिज किया। उसने बताया कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दशकों से हो रहा है। अमेरिका, ब्राजील, कनाडा, थाईलैंड, जापान और कई यूरोपीय देशों ने इसे अपनाया है।


वाहनों से जुड़ी चिंताओं पर मंत्रालय ने कहा कि ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) ने परीक्षण किए हैं। यात्री कारों में 40,000 किलोमीटर और दोपहिया वाहनों में 20,000 किलोमीटर तक परीक्षण हुए। इनमें ड्राइविंग क्षमता या ईंधन दक्षता पर कोई महत्वपूर्ण प्रतिकूल प्रभाव नहीं पाया गया। ईंधन दक्षता में केवल मामूली बदलाव दर्ज किए गए। E20 के लिए कैलिब्रेटेड वाहन इथेनॉल की उच्च ऑक्टेन रेटिंग से लाभ उठा सकते हैं।

क्या ई20 से इंजन को नुकसान होता है या वारंटी रद्द होती है?

ई20 के कारण इंजनों को नुकसान पहुंचने या पुर्जों में जंग लगने के आरोपों पर मंत्रालय ने अध्ययन का हवाला दिया। ये अध्ययन एआरएआई, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स के सहयोग से हुए थे। अध्ययनों में धातु और प्लास्टिक घटकों की संचालन क्षमता या अनुकूलता से संबंधित कोई समस्या नहीं मिली। हालांकि, पुराने वाहनों में कुछ रबर के पुर्जों को पहले बदलने की जरूरत पड़ सकती है।

मंत्रालय ने यह दावा भी खारिज किया कि ई20 ईंधन के उपयोग से वाहनों की वारंटी या बीमा कवरेज रद्द हो सकती है। ऑटोमोबाइल निर्माताओं और बीमाकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि ई20 के लिए डिजाइन किए गए या अनुमोदित वाहन वारंटी और बीमा की शर्तों के तहत कवर होते हैं।

क्या ई20 पर्यावरण के लिए हानिकारक है और इसके क्या लाभ हैं?

पर्यावरण संबंधी चिंताओं पर सरकार ने कहा कि इथेनॉल संयंत्रों को वैधानिक पर्यावरणीय मंजूरी चाहिए। उन्हें भूजल नियमों का पालन करना होता है और शून्य तरल निर्वहन प्रणाली संचालित करनी पड़ती है। इस कार्यक्रम ने 1.9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा बचाने में योगदान दिया है और किसानों को 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान में तेजी लाई है। कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को लगभग 930 लाख मीट्रिक टन कम किया है और 2014-15 से कच्चे तेल के आयात में 310 लाख मीट्रिक टन से अधिक की कमी आई है।



भारत ने दिसंबर 2025 में पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य निर्धारित समय से पहले हासिल कर लिया है। 2013-14 में मिश्रण का स्तर लगभग 1.5 फीसदी था जो बढ़कर 20 फीसदी हो गया है। स्थापित इथेनॉल उत्पादन क्षमता लगभग 2,000 करोड़ लीटर तक पहुंच गई है, और 2025-26 के इथेनॉल आपूर्ति वर्ष के दौरान खरीद 1,200 करोड़ लीटर से अधिक होने का अनुमान है।

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