पेट्रोल-डीजल पर 15 महीने में 9 बार बढ़ा उत्पाद शुल्क, क्रूड में गिरावट के बाद भी शुल्क में बढ़ोतरी

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 17 May 2018 10:35 AM IST
government raised tax on petrol diesel by 9 times in last 15 month
ख़बर सुनें
घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के दाम भले ही आसमान छू रहे हों, लेकिन केंद्र सरकार अब भी इन पर प्रति लीटर क्रमश: करीब 20 रुपये और 15 रुपये कर वसूल रही है। केंद्र सरकार नवंबर 2014 से जनवरी 2016 के बीच पेट्रोल-डीजल पर नौ बार केंद्रीय उत्पाद शुल्क बढ़ा चुकी है।
मोदी सरकार ने जब केंद्र में सत्ता संभाली, तब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में गिरावट का रुख था, लेकिन सरकार ने कीमत घटाने के बजाय उत्पाद शुल्क नौ बार बढ़ा दिया। इस तरह डीजल पर प्रति लीटर 13.57 रुपये, जबकि पेट्रोल पर 11.77 रुपये का बोझ बढ़ गया। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बाद जब पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने लगे, तो अक्तूबर 2017 में दोनों ईंधनों पर प्रति लीटर दो रुपये का उत्पाद शुल्क घटा दिया गया।

मौजूदा केंद्रीय कर (रुपये प्रति लीटर)

कर                                            पेट्रोल                            डीजल   
बेसिक एक्साइज ड्यूटी                   4.48                             6.33    
एडिशनल एक्साइज ड्यूटी               7.00                             1.00    
रोड एंड इंफ्रा सेस                         8.00                              8.00    

स्रोत- पीपीएसी, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय

राज्य नहीं घटा रहे वैट
कुछ महीने पहले जब पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर हो-हल्ला हुआ था, तो वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख कर पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने की गुजारिश की थी। जेटली का कहना था कि उच्च वैट दर के कारण उद्यमियों की लागत बढ़ती है। इनके जीएसटी में शामिल नहीं होने के कारण उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ भी नहीं मिलता है। महाराष्ट्र में पेट्रोल पर सबसे ज्यादा 39.78 फीसदी और आंध्र प्रदेश में डीजल पर सबसे ज्यादा 28.47 फीसदी वैट वसूला जा रहा है। 
 
जीएसटी में शामिल हो पेट्रोल-डीजल : प्रधान
पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि जीएसटी में पेट्रोल और डीजल को भी जल्द शामिल किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ एक आम सहमति बनाने की कोशिश कर रही है। यह जैसे ही हो जाएगी, पेट्रोल डीजल भी जीएसटी के दायरे में आ जाएंगे।

RELATED

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Business News in Hindi related to stock exchange, sensex news, finance, breaking news from share market news in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Business and more Hindi News.

Spotlight

Most Read

Business Diary

पेट्रोल-डीजल जल्द आएं जीएसटी के दायरे में, उद्योग संगठनों ने की उत्पाद शुल्क में कटौती की मांग तेज

तेल की बढ़ती कीमतों को देश के आर्थिक विकास की राह का रोड़ा बताते हुए भारतीय कारोबार जगत ने सोमवार को केंद्र सरकार से पेट्रोल व डीजल पर उत्पाद शुल्क में तत्काल कटौती का आग्रह किया।

21 मई 2018

Related Videos

अलर्ट! इस वायरस ने ली 9 की जान, ऐसा करेंगे तो बच जाएंगे आप

केरल में एक जानलेवा वायरस ‘निपाह’ ने दस्तक दी है। अब तक इस खतरनाक वायरस की वजह से तकरीबन नौ लोगों की मौत हो गई है। अमर उजाला टीवी की स्पेशल रिपोर्ट में देखिए कि इस वायरस से कैसे बचा जा सकता है।

21 मई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen