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सितंबर-अक्तूबर में अंतिम राहत पैकेज की घोषणा कर सकती है सरकार: RBI निदेशक
Wed, 17 Jun 2020 11:22 AM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Wed, 17 Jun 2020 11:22 AM IST
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अर्थव्यवस्था
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के निदेशक एस गुरुमूर्ति ने कहा कि केंद्र सरकार कोविड-19 संकट के बाद सितंबर में अंतिम राहत पैकेज की घोषणा कर सकती है। गुरुमूर्ति ने भारत चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित एक वेबिनार में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ रुपये से अधिक के पैकेज को अंतरिम उपाय माना जा सकता है।
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घाटे को भरने के लिए मुद्रा की छपाई कर रहा अमेरिका
आरएसएस विचारक ने कहा कि, 'अंतिम प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा कोविड संकट के बाद सितंबर में या अक्तूबर में होने की उम्मीद है। यूरोपीय देश और अमेरिका घाटे को भरने के लिए मुद्रा की छपाई कर रहे हैं, जबकि भारत के लिए ऐसा करने की बहुत कम गुंजाइश है।'
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अभी तक मौद्रीकरण के विकल्प पर विचार नहीं
गुरुमूर्ति ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने अभी तक घाटे के मौद्रीकरण (नोट छापने) के विकल्प पर कोई विचार नहीं किया है। घाटे के मौद्रीकरण के तहत केंद्रीय बैंक सरकार की खर्च जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकारी बॉन्ड खरीदा है और बदले में अपनी निधि से या नए नोट छापकर सरकार को धनराशि देता है।
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तेजी से वापसी करेगी भारतीय अर्थव्यवस्था
उन्होंने कहा, 'भारत कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहा है। सरकार ने एक अप्रैल से 15 मई तक जन-धन बैंक खातों में 16,000 करोड़ रुपये जमा किए हैं। आश्चर्य की बात है कि उन खातों से बहुत कम धन निकाला गया है। इससे पता चलता है कि संकट का स्तर उतना अधिक नहीं है।' उन्होंने कहा कि कोविड संकट के बाद के युग में दुनिया 'बहुपक्षीयवाद से द्विपक्षीयवाद' में बदल जाएगी और भारतीय अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से वापसी करेगी।
20 लाख 97 हजार 53 करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज
मालूम हो कि सप्लाई चेन को दुरुस्त करने के लिए मोदी सरकार ने अब तक 20 लाख 97 हजार 53 करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार पांच दिनों तक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अर्थव्यवस्था के लिए सरकार द्वारा उठाए गए सभी महत्वपूर्ण कदमों की विस्तार से जानकारी दी थी। सरकार ने समाज के आखिरी तबके पर खड़े लोगों तक मदद पहुंचाने का दावा किया है। अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए सरकार ने किसान, प्रवासी मजदूर, कॉर्पोरेट सेक्टर, आदि के लिए हर जरूरी कदम उठाया है।