US Tariffs: 'सरकार अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ के प्रभावों का आकलन कर रही', लोकसभा में बोले पीयूष गोयल
US Tariffs: केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को लोकसभा में बताया कि सरकार हाल की घटनाओं (अमेरिकी टैरिफ) के प्रभावों की जांच कर रही है...हम अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय निर्यातकों, उद्योगों और सभी हितधारकों के साथ बातचीत कर रहा है और इस मुद्दे पर उनके आकलन के आधार पर जानकारी एकत्र कर रहा है। उन्होंने क्या-क्या कहा, आइए विस्तार से जानते हैं।
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विस्तार
केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को लोकसभा में अमेरिका की ओर लगाए गए टैरिफ पर सरकार का रुख साझा किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मार्च 2025 में, भारत और अमेरिका ने एक न्यायसंगत, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के लिए बातचीत शुरू की। इसका लक्ष्य अक्तूबर-नवंबर 2025 तक समझौते के पहले चरण को पूरा करना था। दोनों पक्षों ने 29 मार्च 2025 नई दिल्ली में आयोजित पहली डिजिटल मीटिंग में चर्चा के दौरान व्यापार वार्ता शुरू करने के लिए विस्तृत टर्म्स ऑफ रिफरेंस (टीओआर) को अंतिम रूप दिया।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसके इसके बाद, दोनों पक्षों के बीच नई दिल्ली और वाशिंगटन डीसी में चार दौर की भौतिक वार्ताएं हो चुकी हैं। इसका मकसद टीओआर के अनुसार द्वपक्षीय व्यपार वार्ता (BTA) को अंतिम रूप देना था। इसके अलावा, दोनों पक्षों के बीच कई वर्चुअल बैठकें भी हुई हैं।
गोयल बोले- हम अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे
केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, "सरकार हाल की घटनाओं के प्रभावों की जांच कर रही है...हम अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय निर्यातकों, उद्योगों और सभी हितधारकों के साथ बातचीत कर रहा है और इस मुद्दे पर उनके आकलन के आधार पर जानकारी एकत्र कर रहा है।
सरकार किसानों, मजदूरों, उद्यमियों, उद्योगपतियों, निर्यातकों, एमएसएमई और औद्योगिक क्षेत्र के हितधारकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। हम अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।"
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केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 2 अप्रैल 2025 को, अमेरिकी राष्ट्रपति ने पारस्परिक टैरिफ पर एक कार्यकारी आदेश जारी किया। 5 अप्रैल 2025 से 10% बेसलाइन शुल्क प्रभावी हुआ। 10% बेसलाइन टैरिफ के साथ, भारत के लिए कुल 26% टैरिफ की घोषणा की गई। अतिरिक्त टैरिफ 9 अप्रैल 2025 को लागू होने वाला था। लेकिन 10 अप्रैल 2025 को इसे शुरू में 90 दिनों के लिए बढ़ाया गया और फिर 1 अगस्त 2025 तक बढ़ा दिया गया।"
भारत वैश्विक विकास में लगभग 100 फीसदी का दे रहा योगदान
पीयूष गोयल ने कहा कि मात्र एक दशक से भी कम समय में, भारत पांच नाजुक अर्थव्यवस्थाओं में से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया है। हम अपने सुधारों, अपने किसानों, एमएसएमई और उद्यमियों की कड़ी मेहनत के बल पर 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से शीर्ष 5 अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गए हैं। यह भी व्यापक रूप से अपेक्षित है कि हम कुछ वर्षों में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे। आज, अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं और अर्थशास्त्री भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक उज्ज्वल बिंदु के रूप में देखते हैं। भारत वैश्विक विकास में लगभग 16% का योगदान दे रहा है।
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गोयल ने कहा, "पिछले दशक में, सरकार ने 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत भारत को विश्व के विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने हेतु परिवर्तनकारी कदम उठाए हैं। भारत का युवा, कुशल और प्रतिभाशाली कार्यबल भारतीय उद्योग के नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा दे रहा है।
पिछले 11 वर्षों में हमारे निर्यात में लगातार वृद्धि हुई है। तेजी से संरक्षणवादी होती दुनिया में, भारत ने संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और ईएफटीए देशों के साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते किए हैं। हम अन्य देशों के साथ भी इसी तरह के व्यापार समझौते करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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हम किसानों और भारतीय कृषि के कल्याण, समृद्धि को बढ़ावा देने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। सरकार को विश्वास है कि हम समावेशी विकास और सतत विकास की अपनी तेज़ गति वाली यात्रा को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर जारी रखेंगे।" पीयूष गोयल ने कहा कि आत्मनिर्भरता की ओर, भारत आत्मविश्वास के साथ बढ़ रहा है।