कस्टम, सेंट्रल एक्साइज के 15 भ्रष्ट अफसरों को जबरन रिटायरमेंट दिया
केंद्र सरकार ने कस्टम व सेंट्रल एक्साइज के भ्रष्टाचार के मामलों में घिरे 15 अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। इन अफसरों में प्रिंसिपल कमिश्नर से लेकर असिस्टेंट कमिश्नर स्तर के अफसर शामिल हैं। माेदी सरकार ने एक हफ्ते पहले ही 12 आयकर अफसरों पर ऐसी ही कार्रवाई की थी।
वित्त मंत्रालय के एक आदेश के मुताबिक नियम 56 (जे) के तहत सरकार ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड के इन अधिकारियों को रिटायर कर दिया है। इनमें से कुछ निलंबित चल रहे थे। सूत्रों ने कहा कि इनके खिलाफ सीबीआई ने भ्रष्टाचार के केस किए थे या रिश्वतखोरी, वसूली और आय से अधिक संपत्ति के मामले चल रहे थे।
वित्त मंत्रालय ने ट्वीट में कहा- 'राष्ट्रपति ने भारतीय राजस्व सेवा के 15 अफसरों को 50 साल की उम्र पूरी करने के बाद जनहित में तत्काल प्रभाव से रिटायर कर दिया है।' इन सभी 15 अधिकारियों को तीन महीने के वेतन और भत्ते दिए जाएंगे। नियम 56 (जे) के तहत जनहित में किसी भी सरकारी अधिकारी को तीन माह की नोटिस अवधि के साथ सेवामुक्त किया जा सकता है।
इन अफसरों पर भी कार्रवाई:
कमिश्नर - संसार चंद, कोलकाता (घूसखोरी), जी श्री हर्षा, चेन्नई (आय से अधिक संपत्ति केस), अतुल दीक्षित, विनय बृज सिंह
डिप्टी कमिश्नर - अमरेश जैन, दिल्ली जीएसटी जोन (आय से अधिक संपत्ति), अशोक असवाल, दिल्ली
असिस्टेंट कमिश्नर - एसएस पबाना, एसएस बिष्ट, विनोद सांगा, राजू सेकर, मोहम्मद अल्ताफ (इलाहाबाद)
रंजिश के कारण कार्रवाई : अनूप श्रीवास्तव
जबरन रिटायर किए गए कमिश्नर और भारतीय राजस्व सेवा अधिकारी संघ के प्रमुख अनूप श्रीवास्तव ने आरोप लगाया है कि राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय मुझसे रंजिश रखते हैं। भ्रष्टाचार के आरोप गलत हैं और इन मामलों में अदालतों ने उनको बरी कर दिया है। मुख्य आयुक्त के पद पर प्रमोशन की फाइल जांच पड़ताल के बाद विभाग से संघ लोक सेवा आयोग को भेजी गई थी। आयाेग ने पिछले साल 20 दिसंबर को समीक्षा बैठक भी तय कर दी थी। लेकिन नए राजस्व सचिव पांडेय ने फाइल वापस बुला ली।
प्रिंसिपल कमिश्नर अनूप श्रीवास्तव पर कई मामले थे
बर्खास्त किए गए अफसरों में प्रिंसिपल कमिश्नर अनूप श्रीवास्तव भी शामिल हैं जो दिल्ली में सीबीआईसी में प्रिंसिपल एडीजी (ऑडिट) थे। सूत्रों ने बताया कि 1996 में सीबीआई ने अनूप के खिलाफ आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया था और आरोप लगाया था कि उन्होंने बिल्डिंग सोसायटी को फायदा पहुंचाया, जो कानून के खिलाफ जाकर जमीन खरीद के लिए एनओसी पाने की कोशिश कर रही थी।
सीबीआई ने 2012 में भी अनूप श्रीवास्तव के खिलाफ कर चोरी मामले को ढंकने के लिए एक इम्पोर्टर से कथित तौर पर घूस मांगने और लेने का मामला दर्ज किया था। उनके खिलाफ उत्पीड़न व जबरन वसूली की शिकायतें भी की गई थीं। निलंबित ज्वाइंट कमिश्नर नलिन को भी छुट्टी दे दी गई है। उनके खिलाफ सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति समेत कई केस दर्ज किए थे।
इन अधिकारियों पर गिरी गाज
वित्त मंत्रालय ने इन 15 अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इनके नाम और पद इस प्रकार हैं.....पद नाम
प्रधान आयुक्त डॉक्टर अनूप श्रीवास्तव
आयुक्त अतुल दीक्षित
आयुक्त संसार चंद
आयुक्त जी श्री हर्षा
आयुक्त विनय बृज सिंह
अतिरिक्त आयुक्त अशोक आर महिदा
अतिरिक्त आयुक्त वीरेंद्र कुमार अग्रवाल
अतिरिक्त आयुक्त राजू सेकर
उपआयुक्त अमरेश जैन
उपआयुक्त अशोक कुमार असवाल
संयुक्त आयुक्त नलिन कुमार
सहायक आयुक्त एस एस पबाना
सहायक आयुक्त एस एस बिष्ट
सहायक आयुक्त विनोद कुनार सांगा
सहायक आयुक्त मोहम्मद अल्ताफ