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पीएलआई योजना: एसी व एलईडी लाइट के लिए 6238 करोड़ की योजना मंजूर, जानिए इससे कैसे होगा लाभ
Sat, 17 Apr 2021 10:23 AM IST
डिंपल अलावाधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलावाधी
Updated Sat, 17 Apr 2021 10:23 AM IST
सार
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि सरकार ने एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट के लिए व्यय से उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को मंजूरी दे दी है। 6,238 करोड़ रुपये की यह योजना वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2028-29 तक लागू रहेगी।
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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि सरकार ने एयर कंडीशनर और एलईडी लाइट के लिए व्यय से उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को मंजूरी दे दी है। 6,238 करोड़ रुपये की यह योजना वित्त वर्ष 2021-22 से वित्त वर्ष 2028-29 तक लागू रहेगी। इससे पहले सात अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी।
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घरेलू विनिर्माण को मिलेगी मजबूती
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि एसी और एलईडी के लिए पीएलआई योजना की मंजूरी से इन क्षेत्रों में घरेलू विनिर्माण को मजबूती मिलेगी। केंद्र की इस उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना का मकसद देश में विनिर्माण को बढ़ावा देना है।
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The Government has approved the Production Linked Incentive (PLI) Scheme for White Goods (Air Conditioners and LED Lights) to be implemented over FY 2021-22 to FY 2028-29 with a budgetary outlay of Rs. 6,238 crore: Ministry of Commerce and Industry pic.twitter.com/9b9GUVRE41
— ANI (@ANI) April 17, 2021
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योजना से ऐसे होगा फायदा
पूर्ण रूप से अनुकूल परिवेश तैयार करने तथा भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का अभिन्न हिस्सा बनाने के मकसद से यह योजना तैयार की गई है। योजना से वैश्विक निवेश आकर्षित होने, बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होने और सतत रूप से निर्यात बढ़ने की उम्मीद है। बयान के अनुसार उम्मीद है कि यह योजना, एसी और एलईडी लाइट उद्योग में उच्च विकास दर हासिल करने, भारत में सहायक कल-पुर्जों के संपूर्ण परिवेश को विकसित करने और भारत में विनिर्माण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर की कंपनियों को तैयार करने में प्रमुख भूमिका निभाएगी।
योजना के लिए ऐसे होगा कंपनियों का चयन
योजना के लिए कंपनियों का चयन उन कल-पुर्जों या उपकरण के हिस्से के विनिर्माण (सब असेंबलिंग) को प्रोत्साहन देने के आधार पर किया जाएगा, जिन्हें फिलहाल भारत में पूरी क्षमता के साथ नहीं बनाया जा रहा है। बयान के अनुसार तैयार वस्तुओं को सिर्फ जोड़ने (असेंबल) के लिए प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा।
इसमें कहा गया है, 'विभिन्न लक्षित क्षेत्रों के लिए पूर्व-पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाली कंपनियां योजना में भाग लेने के योग्य मानी जाएंगी। पुरानी परियोजना और नई परियोजना में निवेश करने वाली कंपनियां भी प्रोत्साहन योजना के योग्य मानी जाएंगी। प्रोत्साहन का दावा करने के लिए आधार वर्ष पर निर्मित वस्तुओं के संदर्भ में निवेश और बिक्री में वृद्धि की शर्त को पूरा करना होगा।'
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