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Go First: गो फर्स्ट के पट्टेदारों की याचिका पर फैसला 22 को, NCLT की दो सदस्यीय पीठ ने आदेश सुरक्षित रखा
Mon, 15 May 2023 06:18 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 15 May 2023 06:18 PM IST
सार
Go First insolvency: NCLAT to pass order on aircraft lessors' petitions on May 22 अपीलीय न्यायाधिकरण एसएमबीसी एविएशन कैपिटल लिमिटेड, जीवाई एविएशन और एसएफवी एयरक्राफ्ट होल्डिंग्स की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। तीनों पट्टेदारों ने गो फर्स्ट को करीब 21 विमान पट्टे पर दिए हैं।
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गो फर्स्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण गो फर्स्ट की स्वैच्छिक दिवाला समाधान प्रक्रिया के खिलाफ तीन विमान पट्टेदारों की याचिकाओं पर 22 मई को अपना आदेश पारित करेगा। न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने सोमवार को तीन याचिकाओं पर सुनवाई पूरी करने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। पीठ ने पक्षकारों से अगले 48 घंटे में अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने को भी कहा।
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अपीलीय न्यायाधिकरण एसएमबीसी एविएशन कैपिटल लिमिटेड, जीवाई एविएशन और एसएफवी एयरक्राफ्ट होल्डिंग्स की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। तीनों पट्टेदारों ने गो फर्स्ट को करीब 21 विमान पट्टे पर दिए हैं। बता दें कि इस महीने अब तक कई पट्टेदारों ने गो फर्स्ट के 45 विमानों का पंजीकरण रद्द करने और उन्हें वापस लेने के लिए विमानन नियामक डीजीसीए से संपर्क किया है।
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गो फर्स्ट के उड़ान बीते 3 मई से बंद हैं। पिछले हफ्ते एनसीएलटी की दिल्ली स्थित प्रधान पीठ ने गो फर्स्ट के मामलों को देखने के लिए एक अंतरिम समाधान पेशेवर नियुक्त किया था और दिवालिया समाधान प्रक्रिया के हिस्से के रूप में इसके बोर्ड को निलंबित कर दिया था।
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