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Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Go First crisis: In last 29 years, an airline is shutting down every year, only 5 airlines shut down in a year

Go First crisis: पिछले 29 साल में हर साल बंद हो रही एक विमानन कंपनी, एक साल में सर्वाधिक 5 एयरलाइंस हुईं बंद

Fri, 05 May 2023 05:13 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 05 May 2023 05:13 PM IST
सार

Go First crisis: आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से सामने आता है कि देश में सबसे पहले 1994 में निजी एयरलाइन को उड़ान भरने की अनुमति मिली थी। इसके बाद से 29 वर्षों में अब तक कुल 27 एयरलाइंस को या तो अपना परिचालन बंद करना पड़ा है, या फिर किसी अन्य विमानन कंपनी ने उनका अधिग्रहण कर लिया है...

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Go First crisis: In last 29 years, an airline is shutting down every year, only 5 airlines shut down in a year
Go First crisis - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

गो फर्स्ट एयरलाइन पर संकट के बादल मंडराने के साथ ही भारतीय विमानन कंपनियों की चुनौतीपूर्ण स्थितियां भी उजागर हो गई हैं। देश में करीब तीन दशक पहले निजी एयरलाइंस को परिचालन के लिए मंजूरी मिली थी। इसके बाद से अब तक हर वर्ष औसतन एक एयरलाइन बंद हो रही है।

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उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से सामने आता है कि देश में सबसे पहले 1994 में निजी एयरलाइन को उड़ान भरने की अनुमति मिली थी। इसके बाद से 29 वर्षों में अब तक कुल 27 एयरलाइंस को या तो अपना परिचालन बंद करना पड़ा है, या फिर किसी अन्य विमानन कंपनी ने उनका अधिग्रहण कर लिया है। देश में सबसे पहले परिचालन बंद करने वाली एयरलाइन कंपनी ईस्ट वेस्ट ट्रैवल्स एंड ट्रेड लिंक लिमिटेड थी। कंपनी ने परिचालन शुरू होने के महज दो साल बाद ही नवंबर 1996 में उड़ानें बंद कर दी थीं। उसी साल मोदीलुफ्त लिमिटेड को भी अपना कारोबार समेटना पड़ा था।

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मौजूद आंकड़े बताते हैं कि 1997 में दमानिया एयरवेज के नाम से चर्चित रही स्काईलाइन एनईपीसी लिमिटेड और एनईपीसी माइकॉन लिमिटेड की उड़ानें भी ठप हो गई थीं। लुफ्थांसा कार्गो इंडिया ने भी 2000 में परिचालन बंद कर दिया था। इसके अलावा किंगफिशर ने वर्ष 2008 में डेक्कन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड (एयर डेक्कन) का अधिग्रहण किया था। देश में किफायती विमानन सेवाओं की शुरुआत का श्रेय एयर डेक्कन को ही जाता है। एयरलाइंस क्षेत्र के लिए वर्ष 2017 का साल काफी बुरा साबित हुआ था। इस दौरान पांच कंपनियां बंद हुईं। एक साल में ही एयर कार्निवाल, एयर पेगासस, रेलिगेयर एविएशन, एयर कोस्टा और क्विकजेट कार्गो की हवाई सेवाएं ठप हो गई थीं। इसके अलावा डेक्कन कार्गो एंड एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स (2014), आर्यन कार्गो एक्सप्रेस (2011), पैरामाउंट एयरवेज (2010), एमडीएलआर एयरलाइंस (2009), जग्सन एयरलाइंस (2008) और इंडस एयरवेज (2007) को भी अपना हवाई परिचालन बंद करना पड़ा था।

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कभी देश की दिग्गज विमानन कंपनी रही जेट एयरवेज के लिए भी अप्रैल 2019 बंदी का संदेश लेकर आया। इसके बाद से इस एयरलाइन को दोबारा शुरू करने की तमाम कोशिशें भी नाकाम रही हैं। हालांकि, कर्ज समाधान प्रक्रिया के बाद इसे नए सिरे से खड़ा करने के प्रयास हो रहे हैं। कभी सहारा एयरलाइंस के नाम से चर्चित रही जेट लाइट ने भी वर्ष 2019 में अपना परिचालन बंद कर दिया था। इसके पहले वर्ष 2012 में किंगफिशर एयरलाइंस को अपना हवाई सेवा कारोबार बंद करना पड़ा था। वर्ष 2022 में हेरिटेज एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ने अपना परिचालन बंद कर दिया था। वर्ष 2020 में भी तीन एयरलाइंस- जेक्सस एयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, डेक्कन चार्टर्ड प्राइवेट लिमिटेड और एयर ओडिशा एविएशन लिमिटेड ने भी उड़ान सेवाएं बंद कर दी थीं।

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