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विशेषज्ञों का सुझाव: जंक फूड पैकेज पर 'हेल्थ स्टार' रेटिंग नहीं, 'वार्निंग' लेबल की जरूरत, उपभोक्ताओं को किया सचेत

Wed, 20 Apr 2022 06:11 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीपक चतुर्वेदी Updated Wed, 20 Apr 2022 06:11 PM IST
सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुधवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को इस तरह के उत्पादों पर स्वास्थ्य स्टार रेटिंग के बजाय चेतावनी लेबल जारी करना चाहिए, क्योंकि वे भ्रामक हैं और ग्राहकों को अच्छे से ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले साबित हो रहे हैं।

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Give warning label not health star rating on junk food packages experts tell to FSSAI
पैकेज्ड जंक फूड। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पैकेज्ड जंक फूड पर दी जाने वाली हेल्थ स्टार रेटिंग के प्रति देश के उपभोक्ताओं को सचेत किए जाने की जरूरत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुधवार को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को इस तरह के उत्पादों पर स्वास्थ्य स्टार रेटिंग के बजाय चेतावनी लेबल जारी करना चाहिए, क्योंकि वे भ्रामक हैं और ग्राहकों को अच्छे से ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाले साबित हो रहे हैं।
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खाद्य पदार्थों को ग्रेड करती है रेटिंग
गौरतलब है कि हेल्थ स्टार रेटिंग एक लेबलिंग प्रणाली है, जो एक से पांच स्टार के पैमाने के आधार पर पैकेज्ड खाद्य पदार्थों को ग्रेड करती है। विशेषज्ञों ने कहा है कि अगर सरकार मोटापे और गैर-संचारी रोगों की महामारी के बारे में वाकई में गंभीर है, तो उपभोक्ता को चेतावनी लेबल के माध्यम से जंक फूड के बारे में सावधान करने की जरूरत है। ये स्वास्थ्य विशेषज्ञ राजस्थान के निमली में सेंटर फॉर साइंस द्वारा आयोजित नेशनल कॉन्क्लेव ऑन सस्टेनेबल फूड सिस्टम्स में पहुंचे थे। 
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उपभोक्ताओं को करती है गुमराह  
सीएसई की महानिदेशक सुनीता नारायण ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए कहा कि पैकेज्ड जंक फूड पर मौजूद हेल्थ स्टार रेटिंग दरअसल, उपभोक्ता को गुमराह करने के लिए डिजाइन की गई है। इन पर जोर देते हुए ही भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) जंक फूड को लाइसेंस देगा, लेकिन किया इसके विपरीत जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों पर वार्निंग लेबल दिया जाना बेहद जरूरी है। 
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दूसरे देशों ने भी इसे खारिज किया
इस विचार-विमर्श कार्यक्रम में देशभर के लगभग 50 विशेषज्ञ शामिल हुए थे। यहां आपको बता दें कि स्वास्थ्य स्टार रेटिंग को बैक-एंड पर एक एल्गोरिदम के आधार पर दर्शाया जाता है। यह केवल ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे कुछ देशों में स्वेच्छा से अपनाया जाता है और महज कुछ खाद्य उत्पादों पर होती हैं। सीएसई ने कहा कि इसे कई अन्य देशों में भी इस खारिज कर दिया गया है, क्योंकि यह उपभोक्ता को गुमराह कर सकता है। विशेषज्ञों ने कहा कि फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग में सबसे अच्छा विशिष्ट चेतावनी लेबल होना रहेगा। 


इस योजना को आगे बढ़ाने की तैयारी
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण की अगुआई वाली समिति द्वारा सबसे पहले पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग की सिफारिश की गई थी। सीएसई भी इस समिति का एक हिस्सा था। खाद्य उद्योग के दबाव के कारण एफएसएसएआई 2019 में एक और मसौदा लेकर आया। खाद्य उद्योग अभी भी खुश नहीं था और इस मसौदे को निरस्त कर दिया गया था। जनवरी-जून 2021 से लेबलिंग डिजाइन को लेकर विचार-विमर्श हुआ। रिपोर्ट में कहा गया कि फरवरी में परामर्श के बाद प्राधिकरण की योजना हेल्थ स्टार रेटिंग के साथ आगे बढ़ने की है।
 
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