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गडकरी ने कहा: सड़क मंत्रालय राजमार्गों के पास शहर विकसित करने के बारे में मंत्रिमंडल की मंजूरी लेगा
Sat, 10 Jul 2021 07:27 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, दिल्ली
पीटीआई, दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 10 Jul 2021 07:27 AM IST
सार
गडकरी ने कहा कि और अब हमने राजमार्ग के किनारे टाउनशिप, स्मार्ट सिटी, लॉजिस्टिक पार्क, औद्योगिक संकुल बनाने की मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल नोट तैयार किया है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्मार्ट सिटी, टाउनशिप, लॉजिस्टिक पार्क और औद्योगिक संकुल के निर्माण की अनुमति के लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी लेगा।
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डिजिटल तरीके से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि उनका उद्देश्य वैश्विक स्तर का राजमार्ग नेटवर्क तैयार करना है। राजमार्ग मंत्रालय ने बुनियादी ढांचा के लिए पूंजी प्राप्त करने को लेकर मौजूदा राजमार्ग परियोजनाओं को बाजार पर चढ़ाने की योजना तैयार की है।
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उन्होंने कहा कि हम सड़कों के किनारे लोगों की आरामदायक यात्रा के लिए 400 से अधिक विभिन्न प्रकार की सुविधाएं तैयार कर रहे हैं।
गडकरी ने कहा कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारतमाला परियोजना के दूसरे चरण के लिए योजना सौंप रहा है। यह परियोजना 65,000 से 70,000 किलोमीटर की है जबकि 41,500 करोड़ रुपये के दावों के समाधान का प्रस्ताव है।
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मंत्री ने यह भी कहा कि हम पार्किंग प्लाजा, लॉजिस्टिक पार्क बना रहे हैं, हम अब 2.5 लाख करोड़ रुपये की सुरंगें बनाने की योजना बना रहे है। गडकरी के अनुसार नवोन्मेष और अनुसंधान के माध्यम से गुणवत्ता से समझौता किए बिना सड़क निर्माण में स्टील और सीमेंट का उपयोग कम किया जाना चाहिए।
सड़क परियोजनाओं की बढ़ती लागत से जुड़े एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आप जो कह रहे हैं, वह सही है। लेकिन मुझे नहीं पता कि अनुबंध की शर्तें क्या हैं। हम अनुबंध शर्तों को देखेंगे और उसके बाद इन मुद्दों पर गौर करेंगे।
मंत्री ने स्वीकार किया कि सड़क परियोजनाओं के लिये बढ़ती लागत गंभीर मुद्दा है। उन्होंने ठेकेदारों से मंत्रालय को प्रस्ताव देने को कहा है। उन्होंने कहा कि मैं इसको लेकर सकारात्मक हूं लेकिन हम अनुबंध से भी बंधे हैं। हम इसका रास्ता निकालने का प्रयास करेंगे।
कई परियोजनाओं के लिए बोली कीमत से कम की बोली लगाने के हाल के चलन के बारे में गडकरी ने कहा कि वह जानते हैं कि मंत्रालय द्वारा बोली मानदंडों में कुछ ढील के कारण कई बड़े ठेकेदार बहुत नाराज हैं।
उन्होंने कहा कि ठेकेदारों (सड़क परियोजनाओं के लिए) के बीच प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए। और यह भी सच नहीं है कि जो ठेकेदार काम के लिए कम कीमत देते हैं, वे काम की गुणवत्ता से समझौता करते हैं।’’ मंत्री के अनुसार ठेकेदारों को बाजार में बने रहने के लिए निर्माण लागत कम करना होगा।
गडकरी ने कहा कि यह अब बीते दिनों की बात है कि निर्माण क्षेत्र में 5-7 बड़ी कंपनियां होती थी। ये कंपनियां साठगांठ कर ठेका लेती थी और मैं तकनीकी और वित्तीय पात्रता के खेल को अच्छी तरह से समझता हूं।
उन्होंने कहा कि कोष की कमी नहीं है और लोग बुनियादी ढांचा क्षेत्र में निवेश का इंतजार कर रहे हैं। गडकरी ने यह भी कहा कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का जल्द उद्घाटन किया जाएगा।
मंत्री के अनुसार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट के जरिए 5,000 करोड़ रुपये जुटाएगा। इसमें से करीब 2,000 करोड़ रुपये बांड से और 3,000 करोड़ रुपये निवेशकों से जुटाये जाएंगे।