फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Future group and Amazon dispute Appeal to the Delhi High Court to hear his favor before granting interim order

अमेजन से विवाद मामले में फ्यूचर समूह ने लगाई कैविएट

Wed, 04 Nov 2020 01:14 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Wed, 04 Nov 2020 01:14 AM IST
विज्ञापन
Future group and Amazon dispute Appeal to the Delhi High Court to hear his favor before granting interim order
ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन - फोटो : pixabay

फ्यूचर समूह ने दिल्ली हाईकोर्ट में ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के खिलाफ कैविएट दाखिल किया है। इसमें अपील की गई है कि अगर अमेजन 24,713 करोड़ रुपये के रिलायंस-फ्यूचर समूह के सौदे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में केस दाखिल करता है तो कोई भी अंतरिम आदेश देने से पहले किशोर बियानी के नेतृत्व वाले फ्यूचर समूह की बात सुनी जाए।

विज्ञापन

 
फ्यूचर समूह ने कैविएट की एक कॉपी अमेजन को भी भेज दी है। इसमें अमेजन से कहा गया है कि मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम की धारा-9 के तहत प्रस्तावित प्रतिवादी/कैविएटर के खिलाफ कोई भी याचिका दाखिल करने से कम-से-कम 48 घंटे पहले नोटिस दिया जाए। अमेजन ने इस मामले में कोई भी टिप्पणी से इनकार कर दिया। 
विज्ञापन



पिछले दिनों सिंगापुर की अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र ने अमेजन के पक्ष में फैसला सुनाते हुए रिलायंस-फ्यूचर समूह के सौदे पर रोक लगा दी थी। इसके बाद किशोर बियानी के नेतृत्व वाले समूह ने कहा था कि वह इस फैसले को मानने के लिए बाध्य नहीं है। ऐसे में मध्यस्थता केंद्र के फैसले को लागू कराने के लिए अमेजन दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है। अमेजन के इस रुख को भांपते हुए फ्यूचर समूह ने कैविएट दाखिल किया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत के पास वोडाफोन के खिलाफ अपील करने का दिसंबर तक मौका
भारत सरकार के पास वोडाफोन के 22,100 करोड़ रुपये के रेट्रोस्पेक्टिव कर मामले में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक का समय है। अदालत ने भारत सरकार के खिलाफ अपने फैसले में कहा था कि भारतीय आयकर विभाग ने ‘निष्पक्ष और बराबरी’ से काम नहीं किया है। मामले में वित्त सचिव अजय भूषण पांडे ने कहा कि सरकार फैसले के खिलाफ अपील करने से पहले सभी पहलुओं पर विचार कर रही है।


उन्होंने पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली के उस वादे पर कुछ कहने से इनकार किया कि पिछली तिथि से जुड़े मामलों में सरकार मध्यस्थता मंचों के फैसलों का सम्मान करेगी। अपील करने की समय-सीमा के सवाल पर पांडे ने कहा कि प्रत्येक मध्यस्थता आदेश में अपील करने के लिए 90 दिनों का समय होता है। इसलिए हमारे पास निर्णय लेने के लिए समय है। हम उचित समय पर निर्णय लेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed