FTA: अमेरिका समेत कई देशों के साथ एफटीए वार्ता जारी, पीयूष गोयल ने दी जानकारी
भारत अमेरिका, न्यूजीलैंड, ओमान, पेरू, चिली और यूरोपीय संघ सहित कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर बातचीत कर रहा है। केंद्रीय मंत्री गोयल ने सोमवार को यह जानकारी दी। गोयल ने यह भी बताया कि भारत और चार यूरोपीय देशों के समूह, ईएफटीए (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ) के बीच व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौता (टीईपीए) 1 अक्तूबर से लागू होगा।
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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अमेरिका, न्यूजीलैंड, ओमान, पेरू, चिली और यूरोपीय संघ सहित कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा कि कतर और बहरीन ने भी भारत के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत करने की इच्छी जताई है। उन्होंने कहा कि अगस्त में भारत और यूरेशियन आर्थिक संघ (ईएईयू) जिसमें आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिज गणराज्य और रूस शामिल हैं, ने एफटीए पर वार्ता शुरू करने के लिए संदर्भ की शर्तों (टीओआर) पर हस्ताक्षर किए थे।
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पिछले हफ्ते हुई अमेरिका के साथ बैठक
पिछले हफ्ते, मंत्री ने व्यापार वार्ता के लिए एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व न्यूयॉर्क में किया था। उस बैठक के बाद, भारत और अमेरिका ने पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर शीघ्र निष्कर्ष निकालने के लिए बातचीत जारी रखने का निर्णय लिया। दोनों पक्षों ने व्यापार समझौते के विभिन्न पहलुओं पर रचनात्मक बैठकें कीं। इस यात्रा के दौरान, गोयल ने अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जेमीसन ग्रीर और भारत में अमेरिका के मनोनीत राजदूत सर्जियो गोर के साथ बैठकें कीं।
ये विचार-विमर्श इसलिए महत्वपूर्ण थे क्योंकि ये ऐसे समय में हुए जब अमेरिका ने रूसी कच्चा तेल खरीदने के लिए अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने वाले भारतीय सामानों पर 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क और 25 प्रतिशत अतिरिक्त जुर्माना लगाया है। वर्तमान में, भारतीय सामानों पर कुल 50 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाया जाता है। इस वर्ष फरवरी में दोनों देशों के नेताओं ने अधिकारियों को प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत करने का निर्देश दिया था।
अमेरिका के साथ हुई पांच दौर की वार्ता
समझौते के पहले चरण को 2025 की शरद ऋतु (अक्टूबर-नवंबर) तक पूरा करने की योजना थी। अब तक पांच दौर की वार्ता हो चुकी हैं। इस समझौते का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 191 अरब डॉलर से दोगुना से भी अधिक बढ़ाकर 2030 तक 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है। अमेरिका 2024-25 में लगातार चौथे वर्ष भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना रहेगा, जिसका द्विपक्षीय व्यापार 131.84 अरब डॉलर (86.5 अरब डॉलर का निर्यात) होगा। भारत के कुल वस्तु निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत, आयात में 6.22 प्रतिशत तथा देश के कुल वस्तु व्यापार में 10.73 प्रतिशत है।
चार यूरोपीय देशों के साथ 1 अक्तूबर से ईएफटीए लागू
गोयल ने यह भी बताया कि भारत और चार यूरोपीय देशों के समूह, ईएफटीए (यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ) के बीच व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौता (टीईपीए) 1 अक्तूबर से लागू होगा। इस पर 10 मार्च, 2024 को हस्ताक्षर किए गए थे। समझौते के तहत, भारत को समूह से 15 वर्षों में 100 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता प्राप्त हुई है। वहीं स्विस घड़ियों, चॉकलेट और कटे और पॉलिश किए गए हीरों जैसे कई उत्पादों को कम या शून्य शुल्क पर अनुमति दी गई है।
घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने पर जोर
उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारतीय व्यापारियों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि ये समझौते भारत के प्रति विकसित दुनिया की बढ़ती रुचि को दर्शाते हैं। इसके अलावा, वाणिज्य मंत्री ने घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए भारत में निर्मित वस्तुओं को खरीदने का आह्वान किया।