फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   FTA: India is the largest market for British whisky; 22 crore liters consumed annually

FTA: ब्रिटिश व्हिस्की का सबसे बड़ा बाजार है भारत; सालाना 22 करोड़ लीटर की खपत, एफटीए से दोनों देशों को लाभ

Sun, 27 Jul 2025 05:26 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/लंदन
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/लंदन Published by: शिव शुक्ला Updated Sun, 27 Jul 2025 05:26 AM IST
सार

स्कॉच व्हिस्की एसोसिएशन और कन्फेडरेशन का ब्रिटिश इंडस्ट्री (सीबीआई) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार भारत दुनिया में सबसे ज्यादा व्हिस्की खपत करने वाला देश है, जहां हर वर्ष करीब  22 करोड़ लीटर से अधिक व्हिस्की का उपभोग होता है।

विज्ञापन
FTA: India is the largest market for British whisky; 22 crore liters consumed annually
ब्रिटिश व्हिस्की - फोटो : freepic

विस्तार

भारत और ब्रिटेन के बीच संपन्न हुए हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के केंद्र में एक महत्वपूर्ण उत्पाद है व्हिस्की। दिलचस्प बात यह है कि भारत न केवल ब्रिटेन से बड़ी मात्रा में व्हिस्की मंगाता है बल्कि यह ब्रिटिश व्हिस्की के लिए दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार भी बन चुका है।

विज्ञापन


स्कॉच व्हिस्की एसोसिएशन और कन्फेडरेशन का ब्रिटिश इंडस्ट्री (सीबीआई) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार भारत दुनिया में सबसे ज्यादा व्हिस्की खपत करने वाला देश है, जहां हर वर्ष करीब  22 करोड़ लीटर से अधिक व्हिस्की का उपभोग होता है। भारत ब्रिटेन से हर साल करीब 13,000 करोड़ रुपए की प्रीमियम और स्टैंडर्ड स्कॉच ब्रांड्स जैसे जॉनी वॉकर, चिवास रीगल, बैलेनटाइंस, ग्लेनफिडिक और द मैकऐलन आयात करता है। 
विज्ञापन


समझौते में बनी सहमति
समझौते के तहत भारत द्वारा स्कॉच व्हिस्की पर लगाए गए 150% आयात शुल्क को चरणबद्ध रूप से 75% या उससे नीचे तक लाने पर सहमति बनी है। इससे भारतीय बाजार में स्कॉच की खुदरा कीमतों में 10 से 30 प्रतिशत तक की गिरावट आने की संभावना है। इससे जॉनी वॉकर ब्लैक लेबल, ग्लेनफिडिक जैसी प्रीमियम व्हिस्की आम ग्राहकों की पहुंच में आ सकती हैं। स्कॉच व्हिस्की एसोसिएशन के अनुसार भारत में कर कटौती के साथ स्कॉच की बिक्री में 20-25% की वृद्धि संभव है जो निर्यात लक्ष्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
विज्ञापन


राजस्व में दीर्घकालिक वृद्धि
केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के अनुसार भारत को शराब से सालाना 2.5 लाख करोड़ से अधिक का कर राजस्व प्राप्त होता है, जिसमें से बड़ा हिस्सा विदेशी ब्रांड्स से आता है। कीमतों में गिरावट से भले ही शुरुआती तौर पर कर संग्रह में कुछ कमी हो, लेकिन मांग में वृद्धि के चलते कुल बिक्री और अंततः राजस्व में दीर्घकालिक वृद्धि संभव है।


इसे भी पढ़ें- India-UK FTA: कार-चॉकलेट से लेकर स्कॉच व मछलियों तक, जानें भारत-ब्रिटेन के समझौते से क्या-क्या सस्ता होगा?
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed