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अखबार, टीवी पर नहीं दिए जाएं जंक फूड कंपनियों के विज्ञापन, FSSAI ने दिया सरकार को प्रस्ताव
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 13 Apr 2018 11:02 AM IST
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आने वाले कुछ महीनों में आपको टीवी, अखबार, रेडियो पर जंक फूड के विज्ञापन न देखने को मिले। ऐसा इसलिए क्योंकि फूड रेग्यूलेटर एफएसएसएआई ने केंद्र सरकार को ऐसे विज्ञापनों पर पूरी तरह से बैन लगाने का प्रस्ताव दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन विज्ञापनों का असर
इन कंपनियों पर पड़ेगा असर
अगर केंद्र सरकार एफएसएसएआई के प्रस्ताव को मान लेती है तो फिर इसका सबसे बुरा असर उन कंपनियों पर पड़ेगा जो चिप्स, बर्गर, पिज्जा, कोल्ड ड्रिंक आदि के विज्ञापन टीवी, अखबार और रेडियो पर देते हैं। इन कंपनियों में कोका कोला, पेप्सी, मैकडोनाल्ड, बर्गर किंग, पिज्जा हट, डोमिनोज, नेस्ले, कैलॉग, हिंदुस्तान यूनिलीवर आदि शामिल हैं।
इसलिए दिया प्रस्ताव
एफएसएसएआई का कहना है कि आलू चिप्स, कोला, अचार और सभी रेडी टू इट फूड में फैट, चीनी और नमक की बहुत ज्यादा मात्रा होती है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। वहीं इनके विज्ञापन देखकर बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
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9 कार्टून चैनलों पर पहले ही हटाये विज्ञापन
जंक फूड बच्चों से लेकर युवाओं तक सभी के जीवन में एक खास जगह बना चुका है। जंक फूड की वजह से हो रहे नुकसान से बच्चों को बचाने के लिए 9 बड़ी कंपनियों ने यह फैसला किया है कि वह अपने विज्ञापन कार्टून चैनल पर नहीं दिखाएंगी। बच्चे सबसे ज्यादा कार्टून चैनल देखते हैं और विज्ञापन उनके मन पर गहरा असर डालते हैं।
जंक फूड की वजह से बच्चों से लेकर युवाओं तक कई बीमारियां पनप रही हैं जिनमें मोटापा और ब्लड प्रेशर की समस्या आम है। एक सर्वे के मुताबिक ज्यादा जंक फूड खाने से डिप्रेशन की समस्या होने का मामला भी सामने आया था।
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इन कंपनियों पर पड़ेगा असर
अगर केंद्र सरकार एफएसएसएआई के प्रस्ताव को मान लेती है तो फिर इसका सबसे बुरा असर उन कंपनियों पर पड़ेगा जो चिप्स, बर्गर, पिज्जा, कोल्ड ड्रिंक आदि के विज्ञापन टीवी, अखबार और रेडियो पर देते हैं। इन कंपनियों में कोका कोला, पेप्सी, मैकडोनाल्ड, बर्गर किंग, पिज्जा हट, डोमिनोज, नेस्ले, कैलॉग, हिंदुस्तान यूनिलीवर आदि शामिल हैं।
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इसलिए दिया प्रस्ताव
एफएसएसएआई का कहना है कि आलू चिप्स, कोला, अचार और सभी रेडी टू इट फूड में फैट, चीनी और नमक की बहुत ज्यादा मात्रा होती है, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। वहीं इनके विज्ञापन देखकर बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं।
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9 कार्टून चैनलों पर पहले ही हटाये विज्ञापन
जंक फूड बच्चों से लेकर युवाओं तक सभी के जीवन में एक खास जगह बना चुका है। जंक फूड की वजह से हो रहे नुकसान से बच्चों को बचाने के लिए 9 बड़ी कंपनियों ने यह फैसला किया है कि वह अपने विज्ञापन कार्टून चैनल पर नहीं दिखाएंगी। बच्चे सबसे ज्यादा कार्टून चैनल देखते हैं और विज्ञापन उनके मन पर गहरा असर डालते हैं।
जंक फूड की वजह से बच्चों से लेकर युवाओं तक कई बीमारियां पनप रही हैं जिनमें मोटापा और ब्लड प्रेशर की समस्या आम है। एक सर्वे के मुताबिक ज्यादा जंक फूड खाने से डिप्रेशन की समस्या होने का मामला भी सामने आया था।