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इस आकलन वर्ष से करदाताओं को मिलेगा संशोधित फॉर्म 26AS, हुए ये बदलाव: CBDT
Sat, 18 Jul 2020 02:30 PM IST
डिंपल अलवधी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: डिंपल अलवधी
Updated Sat, 18 Jul 2020 02:30 PM IST
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- फोटो : pixabay
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अनुसार, इस आकलन वर्ष से, करदाताओं को संशोधित फॉर्म 26AS मिलेगा, जिसमें करदाताओं के वित्तीय लेनदेन (एसएफटी) पर कुछ अतिरिक्त विवरण विभिन्न श्रेणियों में शामिल होंगे।
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पैन से संबंधित फॉर्म 26AS पहले स्रोत पर कर कटौती और स्रोत पर एकत्रित कर के बारे में जानकारी देता था, इसके अलावा इसमें कुछ अतिरिक्त सूचनाओं का भुगतान, रिफंड और टीडीएस चूक की जानकारी भी शामिल होती थी।
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Form 26AS relating to a PAN earlier used to give information regarding tax deducted at source and tax collected at source besides certain additional information including details of other taxes paid, refunds and TDS defaults: Central Board of Direct Taxes (CBDT) (1/2) https://t.co/aw1Dn5PuFu
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 18, 2020
लेकिन अब इसमें स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शंस होंगे, जिससे करदाताओं को अपने सभी प्रमुख वित्तीय लेनदेन को याद दिलाने में मदद मिलेगी, ताकि आईटीआर दाखिल करते समय उसके पास एक अनुमान पहले से ही तयार हो।
सीबीडीटी ने अधिसूचित किया फॉर्म 26 AS
मालूम हो कि हाल ही में सीबीडीटी ने संशोधित फॉर्म 26एएस को अधिसूचित कर दिया था। इनमें स्रोत पर कर संग्रह या कर कटौती का ब्योरा होता है। अब इस फॉर्म में संपत्ति और शेयर लेनदेन की सूचना को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही फॉर्म 26एएस को नया रूप दिया गया है।
आयकर रिटर्न में देना होगा ब्योरा
अब इसमें टीडीएस-टीसीएस के ब्योरे के अलावा कुछ निश्चित वित्तीय लेनदेन, करों के भुगतान, किसी करदाता द्वारा एक वित्त वर्ष में डिमांड-रिफंड से संबंधित लंबित या पूरी हो चुकी प्रक्रिया की सूचना को शामिल किया गया है। इसका ब्योरा आयकर रिटर्न में देना होगा।
इसके क्रियान्वयन के लिए बजट 2020-21 में आयकर कानून में एक नई धारा 285 बीबी को शामिल किया गया था। सीबीडीटी ने कहा कि संशोधित 26एएस फॉर्म एक जून से प्रभावी होगा।