1 अप्रैल से सस्ता होगा मकान खरीदना, जीएसटी काउंसिल ने दी नए कर ढांचे को मंजूरी
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल ने आवास परियोजनाओं में मकानों पर नए कर ढांचे को लागू करने की योजना को मंगलवार को स्वीकृति दी। इससे 1 अप्रैल, 2019 से मकान खरीदना काफी सस्ता हो जाएगा।
जीएसटी परिषद ने 24 फरवरी की पिछली बैठक में किफायदी दर के निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी दर को घटा कर एक फीसदी कर दिया था। अन्य श्रेणी के मकानों पर कर की दर कम कर पांच फीसदी कर दी गयी। नई दरें एक अप्रैल से लागू होंगी।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय में राजस्व सचिव ए बी पांडे ने समिति के निर्णय की जानकारी देते हुए संवाददाताओं से कहा, ‘राज्य सरकारों के साथ बातचीत कर के आवास विकास के कारोबार में लगी कंपनियों को नए कर ढांचे के अनुपालन के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।’
चुनाव आयोग से ली थी मंजूरी
जीएसटी काउंसिल की इस 34वीं बैठक के लिए वित्त मंत्रालय ने चुनाव आयोग से मंजूरी ली थी। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। परिषद ने पिछली बैठक में निर्माणाधीन मकानों पर जीएसटी 12 से घटाकर 5 फीसदी और किफायती मकानों पर 8 से घटाकर 1 फीसदी कर दिया था। अब इसे लागू करने के लिए जरूरी बदलाव के प्रावधानों पर चर्चा की गई थी।
जीएसटी परिषद की बैठक में रीयल एस्टेट क्षेत्र पर वर्तमान कर ढांचे से नए कर ढांचे को लागू करने से जुड़े प्रावधानों पर और इसके अनुपालन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई थी। पांडे ने कहा कि नई आवास परियोजनाओं पर 1 अप्रैल से नई दरें अनिवार्य रूप से लागू होंगी।
नई लागू हुई दरों से उपभोक्ता को कोई लाभ नहीं मिलने वाला, बल्कि घरों की कीमत में इससे इजाफा होने की उम्मीद अधिक है। निर्माणाधीन अर्फोडेबल हाउसिंग में जीएसटी 1 फीसदी जबकि अन्य में 5 फीसदी रखा गया है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इन दरों पर बिल्डर को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं मिल सकेगा।
---जीएसटी विशेषज्ञ राजेश गुप्ता, निदेशक बिजी इंफोटेक