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Mumbai: हाउसिंग स्कीम के लिए निवेशकों से 27 करोड़ रुपये की ठगी, मुंबई पुलिस ने पंजाब के बिल्डर को पकड़ा
Sat, 17 Dec 2022 01:47 PM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Sat, 17 Dec 2022 01:47 PM IST
सार
Mumbai: 57 वर्षीय एक निवेशक और अन्य ने आरोपी की परियोजना में कुल 19.30 करोड़ रुपये का निवेश किया था। उन्होंने बताया, "शुरुआत में शिकायतकर्ता को उनके निवेश किए गए पैसे पर रिटर्न मिला, लेकिन बाद में पिता-पुत्र की जोड़ी ने उन्हें बताया कि उन्हें कैश रिटर्न के बजाय हाउसिंग प्रोजेक्ट में फ्लैट दिए जाएंगे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Twitter
विस्तार
मुंबई पुलिस ने आवास परियोजना में निवेश पर आकर्षक रिटर्न का वादा कर निवेशकों से कथित तौर पर 27 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने के आरोप में एक बिल्डर को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
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उन्होंने कहा कि आरोपी बिल्डर को मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने शुक्रवार को पंजाब से गिरफ्तार किया। अधिकारी ने कहा, "वह झूठे वादे कर लोगों से करोड़ों रुपये ठगने के लिए ईओडब्ल्यू में दर्ज तीन संबंधित मामलों में वांछित था।" उन्होंने कहा कि इन मामलों में आरोपी उनका बेटा फरार है।
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अधिकारी ने कहा कि 57 वर्षीय एक निवेशक और अन्य ने आरोपी की परियोजना में कुल 19.30 करोड़ रुपये का निवेश किया था। उन्होंने बताया, "शुरुआत में शिकायतकर्ता को उनके निवेश किए गए पैसे पर रिटर्न मिला, लेकिन बाद में पिता-पुत्र की जोड़ी ने उन्हें बताया कि उन्हें कैश रिटर्न के बजाय हाउसिंग प्रोजेक्ट में फ्लैट दिए जाएंगे। हाउसिंग प्रोजेक्ट शहर के सायन चूनाभट्टी इलाके में चल रहा था।"
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कुछ महीने बाद, जब बिल्डर ने वादा नहीं निभाया, तो निवेशक को एहसास हुआ कि उसे और अन्य लोगों को ठगा गया है, जिसके बाद उसने सांताक्रूज़ पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखा), 420 (धोखाधड़ी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी और ईओडब्ल्यू को जांच सौंपी गई थी।
अधिकारी ने कहा, "जांच के दौरान, यह पता चला कि आवास योजना के कुछ और निवेशकों ने पिता-पुत्र की जोड़ी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और ये शिकायतें कुल 27.57 करोड़ रुपये की गड़बड़ी से जुड़ी थी।" निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत कई मामलों में अभियुक्तों पर पहले से ही मुंबई की विभिन्न अदालतों में सुनवाई चल रही है।