खाने की क्वालिटी को सुधारेगा रेलवे, जून से यात्रियों को ट्रेन में मिलेगी एयरलाइंस जैसी सर्विस
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सुधरेगी पैंट्री कारों की हालत
जिन ट्रेनों में पैंट्री कार लगी हैं, उनकी हालत में भी रेलवे सुधार करेगा। इसके लिए पैंट्री कार में खाना बनाने के लिए अलग से भंडारण की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके साथ ही बर्तन धोने के लिए जगह बनाने पर विचार चल रहा है।
टॉयलेट के पास नहीं रखा जाएगा खाने-पीने का सामान
अभी तक कई ट्रेनों में खाने-पीने का सामान टॉयलेट्स के पास रखा जाता है, जिसके बाद इसकी सप्लाई यात्रियों को की जाती है। ऐसे में खाने का सामान दूषित होने के चांस काफी बढ़ जाता है और यात्री बीमार भी पड़ सकते हैं।
इस्तेमाल होगा हाई डेफिनेशन कैमरे का इस्तेमाल
हाई डेफिनेशन कैमरे से अब ट्रेन में परोसे जाने वाले खाने की सामग्री पर नजर रखी जाएगी। सफाई सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लेगा। इस तकनीक से ट्रेनों में खाना परोसने वाली भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) सफाई का ध्यान रखने के अलावा खाना बनाने की तकनीक में भी बदलाव करेगा।
ऐसे पैक होगा तैयार खाना
खाना पैक करने के लिए भी बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग का इस्तेमाल किया जाएगा। आईआरसीटीसी ने अपने सभी 16 बेस किचन में हाई डेफिनेशन कैमरा लगाया है। यह कैमरे बड़ी-बड़ी स्क्रीन से जुड़ी हुई है। यह सिस्टम इतना बारीक है कि खाने के सामान को दूषित करने वाले चूहों और कॉकरोच को भी ट्रैक करने में सक्षम है।
इतना ही नहीं अगर खाना बनाने वाले के हाथ में गंदगी है तो इसे भी आसानी से कैमरे में कैद कर लेगा। इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सहारे खाने पीने के सामान में होने वाली किसी भी गड़बड़ी की जानकारी सीधे आईआरसीटीसी के प्रबंध निदेशक को मिल जाएगी।
हमेशा उठते हैं सवालिया निशान
बता दें कि ट्रेन में परोसे जाने वाले खाने-पीने के हाइजिन पर बराबर सवाल उठता है। कभी खाने में कॉकरोच मिलता है तो कई बार जहां खाना बनता है वहां चूहे दौड़ते नजर आते है। सीएजी ने भी ट्रेन में परोसे जाने वाले खाने पर सवाल उठा चुका है। ऐसे में रेलवे ने इंटेलिजेंस सिस्टम का सहारा लेकर खाने की गुणवत्ता व सफाई पर नजर रख रहा है।