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महंगा होता है लो कॉस्ट एयरलाइन से सफर करना, आप ऐसे चुकाते हैं ज्यादा पैसे
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 27 Nov 2018 06:04 PM IST
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लो कॉस्ट एयरलाइन से सफर करना अब यात्रियों के लिए धीरे-धीरे महंगा सौदा साबित होता जा रहा है। घाटा होने की वजह से हवाई कंपनियां ऐसी सेवाओं पर भी अब शुल्क लगा रही हैं, जिसके चलते इनका सफर अन्य एयरलाइंस के मुकाबले में कहीं ज्यादा दाम चुकाने पर यात्रियों को मजबूर कर रहा है।
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इंडिगो ने फैसला लिया वापस
सोशल मीडिया पर शोर मचने के बाद इंडिगो ने अपने वेब चेक-इन सेवा पर शुल्क वसूलने के फैसले को वापस ले लिया था। इससे पहले रविवार को इंडिगो ने कहा था कि वो यात्रियों से वेब चेक-इन करने पर 200 से लेकर के 800 रुपये शुल्क वसूलने का फैसला किया है। हालांकि बजट एयरलाइन का टैग होने के बावजूद इंडिगो द्वारा यात्रियों से जो शुल्क वसूला जाता है वो अन्य एयरलाइंस के मुकाबले बराबर ही पड़ता है।
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जेट, विस्तारा से महंगा टिकट
इंडिगो का दिल्ली-मुंबई राउंड ट्रिप टिकट 28 से 29 नवंबर के बीच 17532 रुपये का पड़ रहा है। वहीं एयर विस्तारा का टिकट 16813 रुपये और जेट एयरवेज का टिकट 17135 रुपये का पड़ रहा है। इस हिसाब से देखा जाए तो इंडिगो के टिकट का दाम अन्य एयरलाइंस के मुकाबले महंगा है।
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सीट, खाने के लिए भी अतिरिक्त पैसा
इंडिगो के यात्रियों को सीट चुनने और खाने-पीने के लिए भी अतिरिक्त पैसा देना पड़ता है। सीट के लिए 850 रुपये और खाने के लिए 250-300 रुपये के बीच चुकाने पड़ते हैं। वहीं 450 रुपये सुविधा शुल्क होता है। इससे यात्री 800 से लेकर के 1600 रुपये अतिरिक्त देते हैं। वहीं विस्तारा पर सभी सेवाओं पर कोई चार्ज नहीं है। जेट एयरवेज 450 रुपये सुविधा शुल्क वसूलता है।
क्या होता है वेब चेक-इन
वेब चेक-इन में यात्रियों को एयरलाइन कंपनियों की वेबसाइट पर सीट लेने की सुविधा मिलती है। इससे यात्री एयरपोर्ट पर लंबी लाइन में लगने से बच जाते हैं। इस सुविधा में यात्रियों को केवल बोर्डिंग पास का प्रिंट मशीन से लेना होता है। यात्रियों को इसमें पहले बीच की सीट मिलती थी। हालांकि विंडो और असाइल सीट के नहीं मिलती थी। इसके लिए एयरपोर्ट पर आकर काउंटर पर लाइन में लगना था। वेब चेक-इन से एयरपोर्ट पर लंबी लाइन लगना कम हो गया था।
651 करोड़ का हुआ घाटा
गुरुग्राम में मुख्यालय वाली इंडिगो एयरलाइंस को जुलाई से सितंबर तक के साल की दूसरी तिमाही में करीब 651 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। हालांकि इसके लिए ईंधन के ऊंचे दामों और रुपये में गिरावट को जिम्मेदार माना गया है। बता दें कि इससे पहले यह बजट एयरलाइंस विंडो सीट, एक्स्ट्रा लेग रूम जैसी कुछ खास तरह की सीटों के लिए ही वेब चेक-इन करने पर अतिरिक्त शुल्क वसूलती थी।
क्या होता है वेब चेक-इन
वेब चेक-इन में यात्रियों को एयरलाइन कंपनियों की वेबसाइट पर सीट लेने की सुविधा मिलती है। इससे यात्री एयरपोर्ट पर लंबी लाइन में लगने से बच जाते हैं। इस सुविधा में यात्रियों को केवल बोर्डिंग पास का प्रिंट मशीन से लेना होता है। यात्रियों को इसमें पहले बीच की सीट मिलती थी। हालांकि विंडो और असाइल सीट के नहीं मिलती थी। इसके लिए एयरपोर्ट पर आकर काउंटर पर लाइन में लगना था। वेब चेक-इन से एयरपोर्ट पर लंबी लाइन लगना कम हो गया था।
651 करोड़ का हुआ घाटा
गुरुग्राम में मुख्यालय वाली इंडिगो एयरलाइंस को जुलाई से सितंबर तक के साल की दूसरी तिमाही में करीब 651 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। हालांकि इसके लिए ईंधन के ऊंचे दामों और रुपये में गिरावट को जिम्मेदार माना गया है। बता दें कि इससे पहले यह बजट एयरलाइंस विंडो सीट, एक्स्ट्रा लेग रूम जैसी कुछ खास तरह की सीटों के लिए ही वेब चेक-इन करने पर अतिरिक्त शुल्क वसूलती थी।