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Karnataka: वादों को पूरा करने में खर्च होंगे 50 हजार करोड़ रुपये, कांग्रेस नेता ने पक्ष में दिया ये तर्क

Wed, 17 May 2023 06:06 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Wed, 17 May 2023 06:06 PM IST
सार

Karnataka: चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने बार-बार कहा था कि सत्ता में आने पर उनकी सरकार अपनी पहली कैबिनेट बैठक में किए गए वादों को मंजूरी देने का आदेश पारित करेगी ताकि इन्हें तेजी से लागू किया जा सके।

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Five Congress 'guarantees' in Karnataka may cost state exchequer Rs 50,000 crore
Rahul Gandhi - फोटो : Social Media

विस्तार

कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस पार्टी की ओर से किए गए वादों के कार्यान्वयन से राज्य के खजाने पर सालाना अनुमानित 50,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ सकता है। कल्याणकारी योजनाओं की लागत के बारे में सवाल किए जाने पर पार्टी के प्रमुख नेताओं ने जोर देकर कहा कि इन्हें "मुफ्तखोरी" नहीं कहा जा सकता सकता क्योंकि ये सशक्तिकरण के उपकरण उपाय हैं। 

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राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 10 मई को हुए विधानसभा चुनावों के दौरान मतदाताओं, खासकर महिलाओं पर कांग्रेस की ओर से दी गई 'गारंटी' का असर पड़ा और इसने पार्टी की जीत सुनिश्चित की। कांग्रेस ने 224 सदस्यीय विधानसभा में 135 सीटें हासिल की और भाजपा को सत्ता से बाहर कर दिया। सत्तारूढ़ भाजपा को कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान केवल 66 सीटें मिली। जनता दल (सेक्युलर) 19 सीटों पर विजयी रही। भाजपा के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया है कांग्रेस की ओर से किए गए वादों के क्रियान्वयन से राज्य वित्तीय दिवालियापन की ओर बढ़ेगा। वे यह भी दावा करते हैं कि कांग्रेस अपने चुनाव पूर्व वादों को पूरी तरह से पूरा नहीं करेगी।
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चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने बार-बार कहा था कि सत्ता में आने पर उनकी सरकार अपनी पहली कैबिनेट बैठक में किए गए वादों को मंजूरी देने का आदेश पारित करेगी ताकि इन्हें तेजी से लागू किया जा सके।

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कांग्रेस ने पांच योजनाओं को पूरा करने की दी थी गारंटी

कांग्रेस ने जिन पांच योजनाओं को लागू करने की गारंटी दी थी, वे हैं 'गृह ज्योति'- हर घर को 200 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान करना; 'गृह लक्ष्मी'- एक परिवार की प्रत्येक महिला मुखिया को 2,000 रुपये का अनुदान; 'अन्न भाग्य' - बीपीएल परिवारों के प्रत्येक सदस्य को हर महीने 10 किलो चावल वितरित करना; 'युवा निधि'- बेरोजगार स्नातकों को 3,000 रुपये और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों को दो साल (18-25 आयु वर्ग में) के लिए 1,500 रुपये की सहायता; और 'शक्ति' - राज्य की बसों में पूरे कर्नाटक में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा। कांग्रेस घोषणापत्र मसौदा समिति के उपाध्यक्ष प्रोफेसर केई राधाकृष्ण ने बुधवार को पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा कि पांच गारंटी योजनाओं के क्रियान्वयन पर सालाना 50,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत नहीं आएगी।



उन्होंने कहा, 'मैं आधिकारिक तौर पर कह सकता हूं कि ये सभी गारंटी योजनाएं 50,000 करोड़ रुपये से अधिक की नहीं होंगी। कांग्रेस के लिए पांच घोषणापत्र तैयार करने का गौरव हासिल करने वाले राधाकृष्ण ने कहा कि कांग्रेस के कुछ नेताओं की भी यह धारणा है कि इन योजनाओं को लागू नहीं किया जा सकता।उन्होंने कहा, 'हमारे कुछ नेताओं की यह धारणा है लेकिन हमें पूरा यकीन है क्योंकि मैंने वित्तीय प्रभावों पर काम किया है। यह 50,000 करोड़ रुपये से अधिक का बोझ नहीं डालेगी। ये 50,000 करोड़ रुपया कोई दान नहीं है यह सशक्तिकरण है।

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