फिच रेटिंग्स ने घटाया जीडीपी का अनुमान, कहा- मरहमपट्टी से नहीं संभलेगी अर्थव्यवस्था
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अंतरराष्ट्रीय एजेंसी मूडीज के बाद बुधवार को एक और रेटिंग एजेंसी ने भारत की विकास दर का अनुमान घटा दिया है। फिच इंडिया रेटिंग ने इस साल जीडीपी के 6.7 फीसदी रहने की संभावना जताई है। पिछली बार यह अनुमान 7.3 फीसदी था।
मरहम पट्टी वाले तरीकों से नहीं होगा काम
इसके साथ ही एजेंसी ने कहा है कि सरकार द्वारा मरहमपट्टी वाले तरीकों से अर्थव्यवस्था को किसी तरह का कोई लाभ नहीं पहुंचेगा। हालांकि एजेंसी को उम्मीद है कि चालू खाता घाटा 3.3 फीसदी रहेगा। एजेंसी का यह भी कहना सरकार को मंदी से उबरने के लिए आरबीआई से मिलने 1.76 लाख करोड़ रुपये के पैकेज से ज्यादा लाभ नहीं मिलेगा।
मूडीज ने भी घटाया था अनुमान
इससे पहले शुक्रवार को वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने मंदी के बीच देश की विकास दर के अनुमान को घटा दिया था। एजेंसी ने वित्त वर्ष 2019 और 2020 के लिए जीडीपी अनुमान में भारी कटौती की है। एजेंसी ने वित्त वर्ष 2019 के लिए जीडीपी को 6.80 फीसदी से घटाकर के 6.20 फीसदी कर दिया है। वहीं 2020 के लिए जीडीपी को 7.30 फीसदी से घटाकर के 6.7 फीसदी कर दिया है।
एजेंसी ने बयान जारी करते हुए कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी का माहौल है, जिससे एशियाई देशों में भी असर देखने को मिला है। इससे निवेश का वातावरण भी प्रभावित हुआ है। भारत से दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था का ताज छिन गया है। साल 2018 में अर्थव्यवस्था सुस्त रहने की वजह से विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक भारत अब सातवें पायदान पर पहुंच गया है।