Fiscal Deficit: राजकोषीय घाटा अप्रैल-मई में वार्षिक अनुमान का 0.8% रहा, महालेखा नियंत्रक ने जारी किए आंकड़े
महालेखा नियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों के अनुसार केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2025-26 की पहली दो महीनों में बजट अनुमान का महज 0.8 प्रतिशत रहा। यह अप्रैल-मई की अवधि में राजकोषीय घाटा 13,163 करोड़ रुपये रहा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2025-26 की पहली दो महीनों में वार्षिक बजट अनुमान का महज 0.8 प्रतिशत रहा। सोमवार को जारी महालेखा नियंत्रक (सीजीए) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 4.4 प्रतिशत या 15.69 लाख करोड़ रुपये रहने का लक्ष्य रखा है। अप्रैल-मई की अवधि में राजकोषीय घाटा 13,163 करोड़ रुपये रहा। चालू वित्त वर्ष (2025-26) के लिए सरकार का अनुमान है कि राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडपी) का 4.4 प्रतिशत या 15.69 लाख करोड़ रुपये रहेगा।
ये भी पढ़ें: Industrial Production: मई 2025 में घटी औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार, नौ महीनों में सबसे कम 1.2 फीसदी की बढ़ोतरी
शुद्ध राजस्व कर में हुई 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त
शुद्ध कर राजस्व 3.5 लाख करोड़ रुपये या बजट अनुमान 2025-26 का 12.4 प्रतिशत दर्ज किया गया। पिछले साल इसी अवधि में यह बजट अनुमान का 12.3 प्रतिशत था।
खर्च बढ़कर 14.7 प्रतिशत हुआ
मई, 2025 के अंत तक कुल खर्च 7.46 लाख करोड़ रुपये या चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमान का 14.7 प्रतिशत रहा। एक साल पहले इसी अवधि में यह 12.9 प्रतिशत था।
वित्त वर्ष 2025 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.8 प्रतिशत रहा
पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के पहले दो महीनों में राजकोषीय घाटा और राजस्व के बीच का अंतर बजट अनुमान (बीई) का 3.1 प्रतिशत था। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 4.8 प्रतिशत था।