{"_id":"65bd90681e3904cba20c6d63","slug":"fiscal-deficit-target-achievable-tv-somanathan-dismissing-criticism-on-capital-expenditure-budget-2024-2024-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजट: टीवी सोमनाथन ने पूंजीगत खर्च बढ़ाने की आलोचनाओं को किया खारिज, कहा- राजकोषीय घाटे का लक्ष्य होगा पूरा","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
बजट: टीवी सोमनाथन ने पूंजीगत खर्च बढ़ाने की आलोचनाओं को किया खारिज, कहा- राजकोषीय घाटे का लक्ष्य होगा पूरा
Sat, 03 Feb 2024 06:31 AM IST
गुलाम अहमद
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Sat, 03 Feb 2024 06:31 AM IST
सार
बुनियादी सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए 2024-25 के अंतरिम बजट में पूंजीगत खर्च 11.1 फीसदी बढ़ाकर 11.11 लाख करोड़ रुपये किया गया है। वहीं, राजकोषीय घाटे को कम कर 2025-26 तक 4.5 फीसदी पर लाने का लक्ष्य रखा गया है।
विज्ञापन
टीवी सोमनाथन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बाहरी चुनौतियों के बीच सरकार ने अंतरिम बजट 2024-25 में लोकलुभावन घोषणाओं की जगह चौतरफा विकास को तरजीह दी है। अर्थव्यवस्था को 7 फीसदी की रफ्तार से बढ़ाने के लिए जहां एक ओर महिलाओं, ग्रामीण क्षेत्रों और सड़क-रेल जैसी बुनियादी ढांचों पर खर्च बढ़ाया गया है, वहीं, कुल खर्च को नियंत्रण में रखने के लिए राजकोषीय मोर्चे पर विवेकपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
विज्ञापन
वित्त सचिव टीवी सोमनाथन ने कहा कि 2024-25 में राजकोषीय घाटे को 0.7 फीसदी कम कर 5.1 फीसदी पर लाने का सरकार का लक्ष्य महत्वाकांक्षी होने के साथ यथार्थवादी भी है। यह तीन स्तंभों पर आधारित है। पहला, हमने कर राजस्व में लगभग 11.5 फीसदी वृद्धि का अनुमान लगाया है। दूसरा, चालू वित्त वर्ष के उच्च आधार के मुकाबले गैर-कर राजस्व में थोड़ी वृद्धि की उम्मीद है। तीसरा, पूंजीगत खर्च में 11.1 फीसदी की वृद्धि हुई है। राजस्व खर्च का यह अनुमान वास्तविक धारणा पर आधारित है।
विज्ञापन
सोमनाथन ने शुक्रवार को कहा, इन तीन स्तंभों तार्किक राजस्व वृद्धि, गैर-कर राजस्व में उचित बढ़ोतरी और पूंजीगत खर्च में एक संतुलित वृद्धि के आधार पर हमें पूरा भरोसा है कि हम राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल कर लेंगे। पूंजीगत खर्च पर आलोचना को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, बहुत ऊंचे आधार पर 11.1 फीसदी की वृद्धि हुई है। यह एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि है। पहले, एक छोटा आधार था, लेकिन अब हमारे पास बड़ा आधार है, इसलिए छोटी वृद्धि ही हो सकती है। 11.11 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च सिर्फ एक चेक पर हस्ताक्षर कर नहीं किया जा सकता है। इसके लिए जमीन पर काम करने की जरूरत है। इसमें मंजूरी, भूमि अधिग्रहण और निर्माण जैसे मसले शामिल हैं। इसके अलावा, अनाज और उर्वरक पर सब्सिडी नहीं बढ़ाई गई है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए आवंटित 1.88 लाख करोड़ की तुलना में 2024-25 के लिए उर्वरक सब्सिडी 1.64 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है। खाद्य सब्सिडी भी 2.12 लाख करोड़ की तुलना में घटाकर 2.05 लाख करोड़ की गई है।
विज्ञापन
अंतरिम बजट राजकोषीय नजरिये से सूझबूझ वाला: नीति आयोग
नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने अंतरिम बजट को ‘राजकोषीय नजरिये से सूझबूझ’ वाला बताया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा, इस साल के बजट का राजकोषीय परिणाम अनुमान से बेहतर है। अंतरिम बजट 2025-26 तक 4.5 फीसदी का राजकोषीय घाटे का लक्ष्य पाने में मददगार होगा। साथ ही, यह नया आधार तैयार करता है और जुलाई में पेश किए जाने वाले पूर्ण बजट के बारे में संकेत देता है।
बेरी ने कहा, कोविड महामारी के समय अर्थव्यवस्था की हालत खराब हो गई थी। इसलिए, पूंजीगत खर्च पर जोर दिया जा रहा है। निजी निवेश दोबारा शुरू होने के भी कई संकेत दिख रहे हैं। भारत की कृषि उत्पादकता अपेक्षा से काफी कम है। हालांकि, कृषि में उत्पादकता बढ़ाने के लिए बजट में कई घोषणाएं की गई हैं। उपाध्यक्ष ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए अगली पीढ़ी के सुधारों को जरूरी बताते हुए कहा, प्रक्रियागत सुधार मुश्किल हैं। इनमें से कुछ को राज्यों के स्तर पर अंजाम देना है।
2024-25 में 11 फीसदी बढ़ेगा जीएसटी संग्रह
राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा का कहना है कि 2024-25 में जीएसटी संग्रह करीब 11 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। अगर चालू वित्त वर्ष में मासिक संग्रह 1.67 लाख करोड़ रुपये है तो 11 फीसदी वृद्धि के साथ इसे करीब 1.85 लाख करोड़ रुपये होना चाहिए। अगले वित्त वर्ष में औसतन इतना संग्रह आराम से होगा। बजट में अगले वित्त वर्ष के दौरान 10.68 लाख करोड़ के जीएसटी संग्रह का अनुमान लगाया गया है। यह 2023-24 के 9.57 लाख करोड़ से 11.6 फीसदी अधिक है। मोबाइल कलपुर्जे और घटकों के सीमा शुल्क 15 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी करने पर सचिव ने कहा, इससे राजस्व पर 500 करोड़ रुपये से भी कम असर पड़ेगा। लेकिन, मोबाइल विनिर्माण में निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
वित्त मंत्री ने दरों में बदलाव के प्रलोभन से खुद को दूर रखा
अंतरिम बजट में कर दरों में बदलाव नहीं करने पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, यह उचित है कि वित्त मंत्री ने रियायतें देने या दरों में कोई बदलाव करने के प्रलोभन से खुद को दूर रखा है। स्टार्टअप के लिए कर प्रोत्साहन बढ़ाने के प्रस्ताव के प्रभाव पर उन्होंने कहा, इसका मकसद देश के स्टार्टअप परिवेश को प्रोत्साहित करना है। गोयल ने कहा, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को प्रभावित किया है। अमेरिका और अन्य विकसित देशों में ब्याज दरों में बड़े पैमाने पर वृद्धि देखी गई है। लेकिन, इन चुनौतियों के बावजूद भारत विदेशी कंपनियों के लिए दुनिया का उज्ज्वल स्थान बना रहेगा। मुक्त व्यापार समझौतों या द्विपक्षीय निवेश संधियों पर हस्ताक्षर करते समय सरकार हमेशा यह सुनिश्चित करती है कि सभी शर्तें भारत के लिए सर्वोत्तम हों।
खर्च और नीतियों का जीडीपी पर होगा गुणक प्रभाव : आर्थिक सचिव
आर्थिक मामलों के सचिव अजय सेठ का कहना है कि चालू वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है। नीतियों, राजकोषीय रुख और पूंजीगत खर्च पर जोर दिए जाने का जीडीपी पर बहुत अधिक गुणक प्रभाव होगा। रोजगार भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा, अंतरिम बजट में गैर-महंगाईकारी प्रस्तावों से अगले वित्त वर्ष में चौथे साल भी 7 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर हासिल करने में मदद मिलेगी। हालांकि, देशों के बीच तनाव से बाहरी जोखिम बना हुआ है। चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 7.3 फीसदी रहने का अनुमान है। सेठ ने कहा, हमने अगले वित्त वर्ष के लिए मौजूदा बाजार मूल्य पर 10.5 फीसदी वृद्धि का अनुमान लगाया है। यह अगले साल के लिए सामान्य वृद्धि दर का यथार्थवादी अनुमान है।
2024-25 में पूरी होगी आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री : दीपम
सरकार को 2024-25 में आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री पूरी होने की उम्मीद है। निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव तुहिन कांत पांडे ने कहा, आईडीबीआई बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया जारी है। नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद वित्तीय बोलियां आमंत्रित की जाएंगी। पांडे ने कहा, एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) के जरिये रुचि दिखाने वाले बोलीदाताओं को गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी व उपयुक्त एवं उचित मानदंडों को पूरा करने के लिए आरबीआई की मंजूरी लेनी होगी। सरकार एलआईसी के साथ आईडीबीआई बैंक में करीब 61 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है। अक्तूबर, 2022 में खरीदारों से बोलियां मंगाई गई थीं।
स्टार्टअप पर घोषणाओं से नवोन्मेष जीडीपी को गति: डीपीआईआईटी
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव राजेश कुमार सिंह का कहना है कि अंतरिम बजट में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप को लेकर हुईं घोषणाओं से देश की नवोन्मेष आधारित अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। अगले वित्त वर्ष के लिए पूंजीगत खर्च में 11 फीसदी वृद्धि कर 11.11 लाख करोड़ रुपये एवं राज्यों के सुधारों के समर्थन के लिए 50 वर्षों के लिए ब्याज मुक्त कर्ज के रूप में 75,000 करोड़ रुपये देने के प्रावधान से देश की लॉजिस्टिक दक्षता, संपर्क सुविधा और लॉजिस्टिक लागत में कमी लाने में मदद मिलेगी। सिंह ने कहा, अनुसंधान और विकास से संबंधित प्रावधान से उम्मीद है कि इसमें कुछ बड़े निजी निवेश को गति मिलेगी। अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों को मजबूत करने के लिए एक नई योजना की घोषणा स्टार्टअप के लिए भी अच्छी है। बजट की मुख्य बात राजकोषीय मजबूती पर ध्यान देना है। इसके साथ पूंजीगत खर्च और सड़कों, राजमार्ग व रेलवे जैसे प्रमुख बुनियादी ढांचे पर ध्यान जारी रखा गया है।
80 लाख करदाताओं के खिलाफ मामले बंद करेगा आयकर विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन नितिन गुप्ता ने कहा, आयकर विभाग 80 लाख करदाताओं के खिलाफ 3,500 करोड़ रुपये की लंबित छोटी-मोटी कर मांगों को खुद ही खत्म कर देगा। कर विभाग के रिकॉर्ड से ऐसी मांगें हटा दी जाएंगी। करदाता को कुछ भी नहीं करना है और हम उनसे कोई भी संपर्क नहीं करेंगे। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया की जानकारी देते हुए स्पष्ट आदेश जारी होगा। उन्होंने कहा, यह प्रक्रिया करदाता के लिए प्रतिकूल नहीं होगी। लेकिन, इन मांगों को व्यक्तिगत करदाताओं के ई-फाइलिंग पोर्टल पर डाला जाएगा ताकि वे भी देख सकें और उसमें समस्या होने पर विभाग समाधान करेगा।