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Ola Employee Death Row: कर्मचारी अरविंद की मौत विवाद पर ओला ने दी सफाई, कहा- कंपनी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध
Mon, 20 Oct 2025 11:56 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Mon, 20 Oct 2025 11:56 PM IST
सार
ओला के कर्मचारी अरविंद की मौत से उपजे विवाद पर कंपनी घिरती नजर आ रही है। मामला कर्नाटक हाईकोर्ट में भी लंबित है। कंपनी के सीईओ भाविश समेत अन्य अफसरों पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ओला ने इस पूरे प्रकरण में सफाई पेश की। बयान में कहा गया कि कंपनी अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। जानिए क्या है पूरा मामला
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ओला के कर्मचारी की मौत पर विवाद के बाद प्राथमिकी दर्ज (सांकेतिक)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ओला इलेक्ट्रिक के कर्मचारी अरविंद की मौत मामले में कर्नाटक पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही है। गत छह अक्तूबर को अरविंद की मौत के मामले में पुलिस ने ओला इलेक्ट्रिक के सीईओ भाविश अग्रवाल, वरिष्ठ अधिकारी सुब्रत कुमार दास और कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में अब ओला इलेक्ट्रिक ने सफाई पेश करते हुए जांच में सहयोग करने और कर्मचारियों की सुरक्षा, उनके सम्मान के प्रति प्रतिबद्ध होने का दावा किया है।
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दावा- सुसाइड से पहले अरविंद ने कभी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई
कंपनी के प्रवक्ता ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा, हमें अपने सहयोगी अरविंद के दुर्भाग्यपूर्ण निधन पर गहरा दुख है। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। अरविंद साढ़े तीन साल से ओला इलेक्ट्रिक से जुड़े थे और बैंगलोर स्थित हमारे मुख्यालय में कार्यरत थे। अपने कार्यकाल के दौरान, अरविंद ने अपनी नौकरी या किसी भी उत्पीड़न के बारे में कभी कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई।'
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क्या कर्नाटक हाईकोर्ट ने कंपनी को दी राहत?
ओला इलेक्ट्रिक ने अरविंद की मौत के बाद उपजे विवाद को लेकर कहा, अरविंद जिस भूमिका का निर्वाह कर रहे थे, उसमें प्रमोटर सहित कंपनी के शीर्ष प्रबंधन के साथ उनका कोई सीधा संपर्क नहीं होता था। कंपनी ने कहा, 'एफआईआर दर्ज करने को हमने कर्नाटक उच्च न्यायालय की पीठ के समक्ष चुनौती दी है।
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सफाई में बोली ओला इलेक्ट्रिक- कंपनी सभी कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध
कंपनी का कहना है कि हाईकोर्ट ने ओला इलेक्ट्रिक तथा उसके अधिकारियों के पक्ष में सुरक्षात्मक आदेश (protective orders) पारित किया है। अरविंद के परिवार की तरफ से लगाए गए आरोपों और कंपनी की तरफ से दी जाने वाली मदद के पहलू पर ओला इलेक्ट्रिक के प्रवक्ता ने कहा, परिवार की तत्काल मदद के लिए, कंपनी ने तुरंत उनके बैंक खाते में पूरी राशि का भुगतान किया। ओला इलेक्ट्रिक जांच अधिकारियों का पूरा सहयोग कर रही है। कंपनी अपने सभी कर्मचारियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और सौहार्दपूर्ण कार्यस्थल मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या है पूरा मामला, मौत के दो दिन बाद खाते में जमा हुए 17 लाख+ रुपये
दरअसल, ओला इलेक्ट्रिक के कर्मचारी के. अरविंद, होमोलोगेशन इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। जांच अधिकारियों के मुताबिक उन्होंने कथित तौर पर 28 सितंबर, 2025 को उन्होंने जहर खाकर खुदकुशी कर ली। मौत के दो दिन बाद कंपनी ने अरविंद के बैंक खाते में 17.46 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
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28 पेज के सुसाइड नोट में गंभीर आरोप
अरविंद के कमरे की तलाशी के दौरान, पुलिस ने 28 पन्नों का सुसाइड नोट भी बरामद किया। अरविंद ने कथित तौर पर कंपनी के सीईओ भाविश अग्रवाल और एक अन्य अधिकारी सुब्रत कुमार दास पर मानसिक उत्पीड़न, अत्यधिक काम का बोझ और वेतन के साथ-साथ बकाया राशि का भुगतान न करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।