सरकार ने फिर से घटाया विकास दर का अनुमान, 7.2 फीसदी रहने की संभावना
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केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए विकास दर का अनुमान घटा दिया है। पहले जहां सरकार ने विकास दर का 7.4 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया था, वो अब 0.2 फीसदी घटाकर के 7.2 फीसदी कर दिया है।
GDP projection for 2019-20 is kept at 7.2% , earlier projection was of 7.4%. pic.twitter.com/f2genxTP7n
— ANI (@ANI) April 4, 2019विज्ञापन
रेटिंग एजेंसी ने लगाया था यह अनुमान
इससे पहले मार्च में अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स ने भारत की इस साल की विकास दर के अनुमान को एक बार फिर से घटा दिया था। फिच रेटिंग्स ने इस वित्त वर्ष के लिये देश की आर्थिक वृद्धि दर का पूर्वानुमान सात फीसदी से घटाकर 6.80 फीसदी कर दिया है।
फिच रेटिंग्स के प्रमुख (एशिया प्रशांत) स्टीफन श्वार्ट्ज ने कहा कि रेटिंग प्रोफाइल के लिए दीर्घकालिक राजकोषीय संकेत अहम होते हैं। हम इसका मूल्यांकन चुनाव के बाद पेश होने वाले बजट के आधार पर करेंगे जिसमें मध्यम अवधि के परिदृश्य के बारे में अतिरिक्त संकेत मिलने चाहिए। फिच ने नवंबर में भारत की रेटिंग स्थिर परिदृश्य के साथ बीबीबी (नकारात्मक) बनाए रखा था। यह निवेश योग्य सबसे निचली रेटिंग है।
इससे पहले फिच ने सितंबर में वृद्धि दर के 7.8 प्रतिशत और जून में 7.4 फीसदी रहने का अनुमान जताया था। फिच का नया अनुमान चालू वित्त वर्ष के लिये आरबीआई के 7.4 फीसदी के अपने पहले लगाये गये अनुमान से काफी कम है।
फिच ने कहा, हमने जीडीपी आंकडों में अपेक्षा से कम तेजी, उच्च वित्तपोषण लागत और ऋण उपलब्धता में कमी के चलते अपने अनुमान को घटाया है। खपत कमजोर बनी हुयी है, यह 8.6 फीसदी से गिरकर 7 फीसदी पर आ गई है। घरेलू मांग के अन्य कारक बेहतर स्थिति में है, खासकर निवेश 2017 की दूसरी छमाही के बाद लगातार बढ़ा है।
रेटिंग एजेंसी का कहना है कि आम चुनावों को देखते हुए भारत की राजकोषीय नीतियां वृद्धि को बढ़ावा देने के अनुकूल रहेंगी है।