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Budget 2022: क्रिप्टोकरेंसी पर 30 फीसदी टैक्स का एलान, लेकिन इससे वर्चुअल करेंसी वैध नहीं हो जाती

Tue, 01 Feb 2022 02:06 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीपक चतुर्वेदी Updated Tue, 01 Feb 2022 02:06 PM IST
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सार
Tax On Income From Cryptocurrency: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में आभाषी मुद्रा या क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बड़ा एलान किया है। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि अब क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन को लेकर कर लगाने का फैसला किया गया है। इसके तहत क्रिप्टो से होने वाली आय पर 30 फीसदी का टैक्स देना होगा। 
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Finance Minister made big announcement 30 percent tax will be paid on income from crypto
क्रिप्टोकरेंसी पर कई बड़े एलान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आम बजट 2022-23 में जिस बारे में एलान का सबसे ज्यादा इंतजार था, उस पर ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोलने से कतराती नजर आईं। उन्होंने पूरे बजट भाषण में क्रिप्टोकरेंसी शब्द का इस्तेमाल तक नहीं किया, लेकिन वर्चुअल करेंसी और डिजिटल असेट पर हुए एलान से उनका इशारा इसी ओर माना जा रहा है। वित्त मंत्री ने वर्चुअल करेंसी या डिजिटल से होने कमाई पर 30 फीसदी टैक्स लगाने का एलान किया, जिसके बाद क्रिप्टोकरेंसी के वैध होने की अटकलें काफी तेज हो गईं। हालांकि,  विशेषज्ञ कहते हैं कि सरकार ने भले ही वर्चुअल करेंसी पर टैक्स लगा दिया है, लेकिन इसके लीगल होने के बारे में कुछ भी नहीं कहा है। ऐसे में भारत में अभी क्रिप्टोकरेंसी वैध नहीं हुई है। 

वित्त मंत्री ने किया यह एलान

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में आभाषी मुद्रा या क्रिप्टोकरेंसी को लेकर बड़ा एलान किया है। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि अब क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन को लेकर कर लगाने का फैसला किया गया है। इसके तहत क्रिप्टो से होने वाली आय पर 30 फीसदी का टैक्स देना होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि वर्चुअल डिजिटल असेट्स के टैक्सेशन में बदलाव किया गया है। ऐसी किसी भी प्रॉपर्टी के ट्रांसफर पर 30 फीसदी टैक्स लगेगा। कोई छूट नहीं मिलेगी। वित्त मंत्री के इस एलान के बाद ये सवाल खड़ा होता है कि क्या देश में क्रिप्टो को अनुमति दे दी गई है। 



काफी समय से क्रिप्टोकरेंसी बिल का इंतजार

गौरतलब है कि क्रिप्टोकरेंसी को देश में प्रबंधित करने के लिए सरकार पिछले काफी समय से कार्यरत है और इसे लेकर एक बिल का मसौदा भी तैयार किया जा चुका है। हालांकि इसे शीतकालीन सत्र में पेश नहीं किया जा सका। क्रिप्टो से आय पर टैक्स लगाते हुए वित्त मंत्री ने इसी साल देश की डिजिटल करेंसी लॉन्च किए जाने का भी एलान किया। उन्होंने कहा कि ब्लॉकचेन और अन्य टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए इसी साल आरबीआई डिजिटल रुपया जारी करेगी। इससे इकोनॉमी को बहुत अधिक बढ़ावा मिलेगा। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 10.5 करोड़ क्रिप्टो निवेशक हैं। बता दें कि भारत में काफी समय से क्रिप्टोकरेंसी बिल आने की अटकलें लग रही हैं। 

क्या कहते हैं विशेषज्ञ? 

वजीर एक्स के सीईओ निश्चल शेट्टी कहते हैं कि भारत अब क्रिप्टोकरेंसी को वैध करने के रास्ते पर चल पड़ा है। सबसे बड़ी खबर यह है कि भारत में भी ब्लॉकचेन पर आधारित डिजिटल रुपया लॉन्च किया जाएगा। इससे क्रिप्टोकरेंसी को अपनाने में मदद मिलेगी और यह कदम भारत को इनोवेशन में काफी आगे ले जाएगा। यह रोचक बात है कि सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को असेट के रूप में स्वीकार कर लिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण के दौरान वर्चुअल डिजिटल करेंसी के नाम से इसके बारे में एलान किया। इससे भारत में क्रिप्टो इकोसिस्टम की पहचान बनेगी। हमें उम्मीद है कि इस कदम से बैंकों के लिए भी अस्पष्टता की स्थिति खत्म होगी और वे क्रिप्टो इंडस्ट्री को वित्तीय सेवाएं मुहैया करा सकेंगे। क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स लगाने के कदम का स्वागत है। वहीं, लक्ष्मीकुमारन एंड श्रीधरन अटॉर्नीज के एल बद्री नारायणन का कहना है कि वर्चुअल डिजिटल असेट में एनएफटी और क्रिप्टोकरेंसी आती हैं, जिनके ट्रांसफर पर 30 फीसदी टैक्स का एलान किया गया है। अधिग्रहण की लागत को छोड़कर किसी भी तरह की कटौती नहीं की गई है। सरकार के इस कदम से क्रिप्टो करेंसी में निवेश करने वालों की चिंताएं कम हुई हैं।

ऐसे समझें पूरा गणित

मान लीजिए कि आपने एक हजार रुपये किसी वर्चुअल डिजिटल करेंसी पर लगाए हैं और उसकी कीमत 1500 रुपये हो गई है तो आपको 500 रुपये पर 30 फीसदी टैक्स देना है। ब्लॉकचेन स्टार्टअप वरदान के सीईओ अंकुर गर्ग और कंपनी फ्लूपर के सीईओ अंशुल शर्मा कहते हैं कि सरकार के एलान के बाद सवाल उठ रहा है कि क्या क्रिप्टोकरेंसी वैध हो गई है? इसका जवाब है- अभी नहीं। टैक्स तो अवैध आर्थिक गतिविधियों पर भी देना होता है। उदाहरण के लिए अगर बेहिसाब संपत्ति के मामले में छापे की कार्रवाई होती है तो उस दौरान जब्त हुए पैसे पर टैक्स वसूलने का अधिकार सरकार को होता है। अभी सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर विचार-विमर्श के दौर में है।

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