{"_id":"62c44119d72a7046356a1ff9","slug":"ficci-on-gst-ficci-raised-questions-on-imposition-of-gst-on-hospital-rooms-wrote-a-letter-to-the-finance-minister-news-in-hindi","type":"story","status":"publish","title_hn":"FICCI on GST: अस्पताल के कमरों पर जीएसटी लगाने पर FICCI ने उठाए सवाल, वित्त मंत्री को लिखी चिट्ठी","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
FICCI on GST: अस्पताल के कमरों पर जीएसटी लगाने पर FICCI ने उठाए सवाल, वित्त मंत्री को लिखी चिट्ठी
Tue, 05 Jul 2022 07:18 PM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Tue, 05 Jul 2022 07:18 PM IST
सार
देश के उद्योग क्षेत्र की अग्रणी संस्था FICCI का कहना है कि जीएसटी परिषद् के अस्पतालों के कमरों पर जीएसटी लगाने के फैसले से इलाज महंगा हो जाएगा, जिसका खामियाजा मरीजों को भी भुगतना पड़ेगा।
विज्ञापन
भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पिछले हफ्ते चंडीगढ़ में हुई जीएसटी परिषद् की बैठक में अस्पतालों में 5000 रुपये से अधिक के कमरों पर जीएसटी लगाने का फैसला लिया गया था। अब फैसले पर फेडरेान ऑफ इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) ने सवाल उठाये हैं। FICCI ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक चिट्ठी लिखकर कहा है कि यह फैसला सही नहीं है।
विज्ञापन
FICCI ने वित्त मंत्री को लिखे अपने पत्र में कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं पर जीएसटी नहीं लगनी चाहिए ताकि सेवा प्रदाताओं को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ मिल सके। FICCI का तर्क है कि इससे ITC की चेन बनी रहेगी और सेवा प्रदाताओं को सेवा देने में सहूलियत होगी। FICCI का कहना है कि अस्पतालों ने स्वास्थ्य सेवाओं पर जीरो जीएसटी रखने की मांग पहले भी सरकार के सामने उठाई है और यह मांग कतई गलत नहीं है।
विज्ञापन
देश के उद्योग क्षेत्र की अग्रणी संस्था FICCI का का कहना है कि जीएसटी परिषद् के अस्पतालों के कमरों पर जीएसटी लगाने के फैसले से इलाज महंगा हो जाएगा, जिसका खामियाजा मरीजों को भी भुगतना पड़ेगा। 5 फीसदी की दर से अस्पतालों के कमरों पर जीएसटी लगाने के फैसले से गलतफहमियां भी फैलेंगी, क्योंकि कमरे का किराया इलाज के बीमा पैकेज का भी हिस्सा होता है।
विज्ञापन
FICCI की ओर से यह भी कहा गया है कि एक तरफ केंद्र सरकार देश में इलाज को सर्वसुलभ बनाने की बात करती है तो दूसरी तरफ इस का फैसला लेने से सरकार के उसके एजेंडे पर ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसलिए, ऐसे फैसलों को वापस लिया जाना चाहिए।
आपको बता दें कि जीएसटी परिषद् की 47वीं बैठक जून के आखिरी हफ्ते में चंडीगढ़ में हुई थी जिसमें अस्पतालों के 5000 रुपये के अधिक के कमरों पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगाने की बात कही गई है।