शुरू हुआ फेस्टिव सीजन, ऑफर्स की बरसात के बीच इन बातों का रखें ध्यान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रविवार से देश भर में त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। नवरात्रि से शुरू हुआ यह सीजन दिवाली, छठ पूजा के बाद भी दिसंबर महीने तक चलता रहेगा। इस सीजन में ही सबसे ज्यादा कारोबार भी देखने को मिलता है। छोटे से लेकर के बड़े कारोबारी भी इन दो माह में पूरे साल की कमाई को निकाल लेते हैं। ऑनलाइन के युग में अब लोग मोबाइल एप या फिर वेबसाइट से शॉपिंग करने लगे हैं। इसके अलावा रियल एस्टेट, बैंकिंग, फर्नीचर, गारमेंट और अन्य सेक्टर्स में भी कई सारे ऑफर्स निकलते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप किसी डील को पसंद करने व खरीदने से पहले कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है।
मौके को भुनाएं
त्योहारी सीजन सेल के दौरान खरीदारी करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप जरूरी सामानों की सूची बना लें। सेल के दौरान आप उन सभी सामानों की कीमतों की जांच करें। अगर आपको लगता है कि किसी सामान की कीमत अब भी उतनी ही है, जितनी नॉन-सीजन सेल के दौरान रहती है तो उसकी खरीदारी न करें। उसके बदले उन जरूरी सामानों की खरीदारी करें, जिस पर अच्छी छूट मिल रही हो। जानकारों का कहना है कि त्योहारी सीजन सेल के दौरान इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं खरीदने का अच्छा समय होता है। इस दौरान इन वस्तुओं पर अच्छी छूट मिलती है।
सुस्ती के दौर में फेस्टिव सीजन
इस बार का जो फेस्टिव सीजन शुरू हो रहा है उस समय कारोबारी माहौल में सुस्ती है और पिछली कुछ तिमाहियों में ग्राहकों की धारणा कमजोर हुई है। ग्राहकों को खरीदारी करने के लिए दोबारा बाजार में उतारने के हिसाब से इस साल ई-कॉमर्स कंपनियां साल की सबसे बड़ी सेल में भारी-भरकम छूट देने की योजना बना रही हैं। कंपनियों की ओर से मिलने वाली छूट के अलावा कई और तरीके भी हैं, जिनके जरिए अतिरिक्त छूट पाई जा सकती है। इसके लिए जरूरी है कि ग्राहक अच्छी डील पाने के लिए समझदारी से खरीदारी करें। इस सेल के दौरान भारी-भरकम छूट के अलावा ग्राहकों को अन्य बातों पर भी ध्यान देना चाहिए।
छूट मिलने के तरीकों पर करें गौर
इसमें कोई संदेह नहीं है कि त्योहारी सीजन सेल के दौरान आपको अच्छी डील मिल सकती हैं। लेकिन इसके लिए आपको स्मार्ट होने की जरूरत है। मान लीजिए आपको एक जोड़ी ईयरफोन खरीदना है, जिसकी कीमत 4,999 रुपये है। लेकिन आपका अधिकतम बजट 1,000 रुपये है। ऐसे में इस पर अच्छी डील पाने के लिए आपको यह देखना चाहिए कि ईयरफोन पर किस-किस तरीके से छूट मिल रही है। कूपन का इस्तेमाल करने से कितना कैशबैक मिल रहा है। किस बैंक के डेबिट या क्रेडिट कार्ड से खरीदारी पर अतिरिक्त छूट मिल रही है। इन बातों को ध्यान में रखकर खरीदारी करने से आप ईयरफोन को 799 रुपये तक में खरीद सकते हैं।
अमेजन, फ्लिपकार्ट से लेकर के रिटेल चेन में ऑफर्स
रविवार से फेस्टिव सीजन शुरू हो रहा है। अमेजन, पेटीएम मॉल, मिंत्रा, जबोंग और फ्लिपकार्ट जैसी दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनियों के अलावा मॉल में मौजूद बड़े रिटेल स्टोर्स जैसे कि बिग बाजार, रिलायंस डिजिटल, मोर, शॉपर स्टॉप, रिलायंस ट्रेंड्स, स्पेंसर्स, मेट्रो कैश एंड कैरी, वॉलमार्ट, स्पार हाईपर, डी-मार्ट सिटी ने अपने ऑफर्स की घोषणा पहले से कर दी है।
अमेजन और फ्लिपकार्ट ने अपने फेस्टिव सीजन सेल की तैयारी शुरू कर दी है। दिवाली से पहले दोनों कंपनियों की साल की सबसे बड़ी सेल एक ही दिन शुरू होने वाली है। अमेजन की ‘ग्रेट इंडियन फेस्टिव’ और फ्लिपकार्ट की ‘बिग बिलियन डेज’ सेल 29 सितंबर से शुरू हो रही है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
-
बजट तय करें: त्योहारी सीजन सेल के दौरान छूट के लालच में आकर अधिक खरीदारी न करें। इससे आपका बजट बिगड़ सकता है।
- कीमतें की तुलना जरूरी: खरीदारी करते समय वस्तुओं की कीमतों की तुलना जरूर करें। कई बार ऐसा होता है कि नॉन-सेल सीजन के मुकाबले त्योहारी सीजन सेल के दौरान कीमतें अधिक होती हैं।
- नई वस्तुओं पर छूट नहीं : इस दौरान नए लॉन्च सामानों पर छूट मुश्किल से मिलती है। जैसे फ्लिपकार्ट पर एपल आईफोन सीरीज पर छूट उपलब्ध होगी, लेकिन इसमें नए लॉन्च किए गए आईफोन-11 सीरीज शामिल नहीं है।
- कैश-ऑन डिलीवरी ऑफर : खरीदारी करते समय ऑफर में कैश-ऑन डिलीवरी विकल्प पर जरूर ध्यान दें।
- रिटर्न और एक्सचेंज पॉलिसी : ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म या विक्रेता की रिटर्न और एक्सचेंज पॉलिसी अलग-अलग होती है। इसलिए खरीदने से पूर्व नियम और शर्तें ध्यान से पढ़ें।
बैंकों के लोन ऑफर्स
बैंक भी इस मौके को भुनाने से पीछे नहीं रहते हैं। नवरात्र की शुरुआत के साथ ही लोग नया घर, कार, ज्वेलरी और अन्य जरुरत का सामान खरीदने लगते हैं। अगर आपने भी इस तरह का मन बनाया है तो फिर लोन से पहले कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इससे आपको लोन की ईएमआई का बोझ काफी कम पड़ेगा।
कैसे कम होगी लोन की ईएमआई
जब भी कोई व्यक्ति होम लोन लेने की सोचता है या फिर उस व्यक्ति का लोन पहले से चल रहा होता है, तो वो हमेशा यह सोचता रहता है कि उसके लोन की ईएमआई में कमी रहे। इसमें ब्याज के अलावा लोन प्रोसेस करने का चार्ज और क्लोजर चार्ज भी शामिल है, जो कि प्रत्येक बैंक में काफी अलग है।
नए लोन ग्राहक अपनाएं यह तरीके
नए लोन ग्राहकों को यह जानना बेहद जरूरी है कि कहां से उनको लोन सस्ता मिल सकता है। सबसे पहले यह जान लें कि लोन लेना हमेशा जोखिम भरा कदम होता है। इसलिए कभी भी लोन लेना हो तो आंख बंद करके न लें। ऐसा करने से आप आगे चलकर मुश्किलों में फंस सकते हैं। आपके पास लोन को बाद में चुकाने के लिए एक अलग से प्लान होना चाहिए, जिससे भविष्य में किसी तरह की दिक्कत न हो। हम आपको ऐसे कुछ टिप्स दे रहे हैं, जिनसे लोन लेने से पहले आपको जानना बेहद जरूरी है।
ब्याज दर का करें चुनाव
लोन से पहले सभी तरह का ऑफर का बखूबी अध्ययन करें। इसमें यह देंखे कि कंपनी या फिर बैंक आपको लोन पर ब्याज दर कैसे देगा। अमूमन दो तरह से बैंक और कंपनियां ग्राहकों को लोन पर ब्याज देती हैं। एक एमसीएलआर और दूसरा रेपो रेट से लिंक। अगले महीने से आरबीआई द्वारा रेपो रेट लिंक बेस्ड होम लोन रेट लागू हो जाएगा।
नेट इनकम के अलावा यह भी होना जरूरी
किसी को भी लोन उसकी आमदनी और कर्ज चुकाने की क्षमता के आधार पर मिलता है। होम लोन देने वाले बैंक और लोन की राशि के रुप में ज्यादातर प्रॉपर्टी की 80 फीसदी वैल्यू के बराबर लोन देते हैं। आमदनी को जांचते समय वो आपकी नेट इनकम को नहीं देखते जो पे स्लिप पर लिखी हो बल्कि वो आमदनी देखते हैं जो लोन चुकाने के लिए उपयोग की जाएगी।
सिबिल स्कोर होगा कम तो नहीं मिलेगा लोन
लोन किसी इंसान की क्रेडिट काबिलियत के आधार पर मिलता है। क्रेडिट इनफॉर्मेशन ब्यूरो इंडिया लिमिटेड (सिबिल) आपको 300 से 900 अंकों के बीच एक स्कोर प्रदान करता है। ये इस आधार पर तय होता है कि आपका पहले का क्रेडिट कार्ड उपयोग कितना है, आप अपना बैंक अकाउंट कैसे रखते हैं, कोई चेक तो बाउंस नहीं हुआ है, मौजूदा लोन, बिना इंश्योरेंस के मौजूदा लोन, लोन के रीपेमेंट और आपने कितनी बार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन दिया है। जिन लोगों को सिबिल स्कोर 700 से ज्यादा होता है उन्हें लोन आसानी से मिल जाता है।
लोन की अवधि
लोन की राशि, ब्याज दर और इसकी कुल अवधि के आधार पर ईएमआई तय होती है। ईएमआई लोन अवधि के विपरीत संबंध में होती है। जैसे जितनी ज्यादा लोन की अवधि होगी उतनी ही कम ईएमआई होगी और जितनी कम लोन अवधि होगी, उतनी महंगी ईएमआई होगी। इसी तरह कुल ब्याज दर भी लोन की अवधि के आधार पर तय किया जाता है। जितनी ज्यादा लोन अवधि होगी उतनी ही ऊंची ब्याज दर होगी और जितनी कम लोन अवधि होगी उतनी ही कम ब्याज दर होगी।
रियल एस्टेट सेक्टर
दिवाली पर इस साल सबसे ज्यादा छूट और ऑफर की भरमार इस वक्त रियल एस्टेट सेक्टर में देखने को मिल रही है। बिल्डर्स त्योहारी सीजन में इस मौके को चूकना नहीं चाहते हैं। ऐसे में बिल्डर्स का पहला जोर अपने पहले से पूरे नहीं हो चुके प्रोजेक्ट को बेचने का है। किसी भी हाल में उनके द्वारा बनाए गए फ्लैट बिक जाएं इसके लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। हालांकि कई बार यह सभी तरह के वादे झूठ के ऑफर लग रहे हैं।
एनसीआर में सबसे मारा मारी
देश के सभी भागों में दिल्ली एनसीआर में सबसे ज्यादा अनबिके प्रोजेक्ट हैं। ऐसे में यहां पर बिल्डर्स जीएसटी में छूट के अलावा पॉजेशन से पहले ईएमआई न लेने का ऑफर दे रहे हैं। इसके अलावा घर की जरूरत का सामान, पार्किंग, आईफोन भी मुफ्त में देने का ऐलान किया जा रहा है।
रेडी टू मूव फ्लैट पर जीएसटी छूट नहीं
अगर कोई बिल्डर जीएसटी छूट देने का वादा कर रहा है तो एक बात ध्यान रखें। केवल अंडर कस्ट्रक्शन इमारतों पर ही 12 फीसदी जीएसटी छूट का प्रावधान है। अगर आप रेडी टू मूव फ्लैट खरीद रहे हैं, तो फिर इस पर किसी तरह की कोई छूट नहीं मिलेगी।
यह हैं ऑफर में शामिल
मुंबई में कैशबैक के साथ 20 फीसदी छूट, हर खरीद के साथ एक स्कूटी और 3 लाख के इंटीरियर्स फ्री मिलेंगे जैसे ऑफर बिल्डर ग्राहकों को दे रहे हैं। वहीं दिल्ली एनसीआर में फ्री रजिस्ट्री के साथ 1 करोड़ रुपये तक के उपहार, कार पावर बैकअप, मॉड्यूलर किचन, अलमारी, 75 हजार में बुकिंग दे रहा है। बाकी का पैसा आपको घर मिलने के बाद देना है।