फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Experts said, due to the lockdown surge in unemployment rate could reduce the total number of telecom subscribers

लॉकडाउन की मार: रोजगार नहीं मिले तो टेलीकॉम उपभोक्ताओं की कुल संख्या में भी आ सकती है गिरावट

Tue, 08 Jun 2021 04:18 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 08 Jun 2021 04:18 PM IST
सार

लॉकडाउन के प्रभाव के कारण अवांछित टेलीकॉम सेवाओं में कमी आने की संभावना, महंगी सेवाएं अभी भी लोगों की पहुंच में बन रहीं बड़ी बाधा...

विज्ञापन
Experts said, due to the lockdown surge in unemployment rate could reduce the total number of telecom subscribers
स्मार्टफोन यूजर्स - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

लॉकडाउन के दौरान अधिकतम सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से मिल रही हैं। ऑनलाइन के बढ़ते चलन के कारण देश में स्मार्टफोन, लैपटॉप और अन्य संबंधित उपकरणों की बिक्री में बढ़ावा दर्ज किया गया था। अनुमान था कि स्मार्टफोन और लैपटॉप की तरह टेलीकॉम सेवाओं में भी बढ़ोतरी होगी। लेकिन विशेषज्ञों का अनुमान है कि लॉकडाउन में कामबंदी के कारण भारी संख्या में लोगों की बेरोजगारी बढ़ने, नौकरियों के अवसर कम होने से कुल टेलीकॉम उपभोक्ताओं की संख्या में कमी आ सकती है।   

विज्ञापन


देश में पहले लॉकडाउन 1.0 के बाद की तिमाही (जून 2020) में ख़त्म तिमाही में लोगों के अनुमान के उलट कुल टेलीकॉम उपभोक्ताओं की संख्या में कमी आई थी। लेकिन यह संख्या इसके पहले क्वार्टर की तुलना में लगभग 1.48 फीसदी कम थी। अनुमान है कि अगर रोजगार की स्थिति में सुधार न हुआ तो इस तिमाही में भी इसी तरह की गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं जून 2020 में कुल टेलीकॉम उपभोक्ताओं की संख्या 116 करोड़ थी, जो इसके पूर्व की तिमाही से 1.48 फीसदी कम थी।

विज्ञापन

इतनी थी उपभोक्ताओं की संख्या

ट्राई की जून 2020 की रिपोर्ट के अनुसार देश में कुल टेलीकॉम उपभोक्ताओं की संख्या 116 करोड़ से ऊपर थी। इसमें शहरी उपभोक्ताओं की संख्या 63.6 करोड़ और ग्रामीण क्षेत्र में उपभोक्ताओं की संख्या 52.3 करोड़ हो चुकी थी। कुल उपभोक्ताओं की संख्या में प्राइवेट ऑपरेटर्स सेवाओं के उपभोक्ताओं की संख्या 88.55 फीसदी और पब्लिक कंपनियों के उपभोक्ताओं की संख्या 11.45 फीसदी है। पब्लिक कंपनियों के उपभोक्ताओं की संख्या में लगातार गिरावट हो रही है।      

शहरी क्षेत्रों में टेली घनत्व 137.35 और ग्रामीण क्षेत्रों में 58.96 हो चुकी है। यानी शहरी क्षेत्रों में भारी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं जो एक से अधिक माध्यमों से टेलीकॉम सेवाओं का उपयोग करते हैं। देश में वायरलेस टेलीकॉम सेवाओं के उपयोग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। यह संख्या 114 करोड़ हो चुकी है, जबकि लाइन आधारित सेवाओं के उपयोग में कमी आ रही है। इन उपभोक्ताओं ने उक्त अवधि में 2597.9 करोड़ जीबी डाटा का इस्तेमाल किया।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ

टेलीकॉम विशेषज्ञ अरविंद सब्बारवाल के मुताबिक़ देश में इस समय बेरोजगारी की दर लगभग 13 फीसदी पर पहुंच गई है। इस बार की बेरोजगारी में बड़ा हिस्सा सेवा क्षेत्र के लोगों का है, जो टेलीकॉम सेवाओं के सबसे महत्वपूर्ण उपभोक्ता होते हैं। अगर जॉब सेक्टर में जल्द ही कोई बड़ा सुधार नहीं दिखाई पड़ता है तो इसका सीधा असर टेलीकॉम सेवाओं के कुल उपभोक्ताओं के रूप में देखने को मिल सकता है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि इसका सबसे नकारात्मक असर ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है, जहां स्मार्टफोन की ऊंची कीमत और इंटरनेट सेवाओं की महंगू दरें अभी भी इसके विस्तार में बड़ी बाधा बना हुई हैं। ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ने से प्रति व्यक्ति इंटरनेट डाटा की खपत में भी वृद्धि हुई थी। इससे ब्रॉडबैंड सेवाओं के विस्तार में भी बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन अगर बाज़ार की स्थिति में सुधार नहीं आता है, तो इसके इंटरनेट डाटा खपत के मामले में भी कमी आने की संभावना बन सकती है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि भारत में इंटरनेट खपत का सबसे बड़ा उपभोक्ता वर्ग स्मार्टफोन के जरिये ही इंटरनेट सेवाओं का उपभोग करता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed