हर दूसरे साल होती है प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी, इन तरीकों से कम हो सकती हैं कीमतें
देश भर में प्याज की कीमतें इस वक्त 100 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई हैं। कीमतों में बढ़ोतरी का मामला संसद में गूंज गया है। हर दूसरे साल प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी होती है। प्याज एक ऐसी सब्जी है जो लोगों के साथ ही सरकार को रूला देती है। इसकी कीमतों में बढ़ोतरी होने से सरकारें गिर और बन तक गई हैं।
जुलाई-सितंबर में हमेशा बढ़ती है कीमत
बारिश और बाढ़ की वजह से हर साल जुलाई-सितंबर के महीनों में लगभग सभी सब्जियों की कीमतों में इजाफा होता है। बारिश से इनकी मंडियों में होने वाली आवक पर असर पड़ा है।इस साल प्याज की फसल बारिश और बाढ़ के चलते महाराष्ट्र में पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। नई फसल जनवरी तक आएगी।
इस तरह से लग सकती है कीमतों पर लगाम
अगर सरकार कोल्ड चेन स्टोरेज और फूड प्रोसेसिंग में निवेश को बढ़ाए तो फिर इस दिक्कत से निपटा जा सकता है। प्याज का स्टोरेज करके इसको मानसून और गर्मियों के सीजन में बेचने के लिए निकाला जा सकता है। इससे प्याज की कीमतों पर लगाम लगी रहेगी।
1100 रुपये प्रति क्विंटल पहुंची कीमत
महाराष्ट्र में कलवान कृषि उत्पाद विपणन समिति (एपीएमसी) की सोमवार को हुई नीलामी में प्याज की थोक कीमत 11 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई। अन्य प्रमुख शहरों में भी प्याज 75 से 100 रुपये किलो में बिक रहा है। प्याज की औसत कीमत 10,000 से 10,300 रुपये रही।
एपीएमसी सूत्रों ने बताया कि सोमवार दिसंबर का पहला कारोबारी दिन था। प्याज की ग्रीष्मकालीन फसल का थोक मूल्य नासिक में इस सीजन में सबसे अधिक था। यहां प्याज का पिछला उच्चतम थोक नीलामी मूल्य पिछले महीने नौ हजार रुपये प्रति क्विंटल रहा था
बता दें कि अगस्त में प्याज की कीमत 1000 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल रही थी, वहीं औसत कीमत 2400 रुपये रही। सितंबर में प्याज की कीमत में बढ़त हुई और यह बढ़ कर 3000 से 4000 रुपये प्रति क्विंटल हो गई। इस महीने प्याज की औसत कीमत 3200 रुपये रही।
वहीं, अक्तूबर में प्याज की कीमत 4500 रुपये प्रति क्विंटल रही, इस दौरान प्याज की प्रति क्विंटल औसत कीमत 3800 रुपये रही। इसके बाद नवंबर में 9000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई। नवंबर में प्याज की औसत कीमत 4900 रुपये प्रति क्विंटल रही।
वहीं, देश में प्याज के सबसे बड़े थोक बाजार लासलगांव एपीएमसी में सोमवार को ग्रीष्मकालीन प्याज की बोली नहीं लगाई गई। इसके स्थान पर वहां 250 वाहनों में लाल प्याज पहुंचा जिसकी नीलामी की गई।