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Engineering goods exports: नवंबर में चीन को इंजीनियरिंग सामान का निर्यात दोगुने से ज्यादा, अमेरिका शीर्ष पर काबिज
Fri, 24 Dec 2021 06:52 PM IST
दीपक चतुर्वेदी
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक चतुर्वेदी
Updated Fri, 24 Dec 2021 06:52 PM IST
सार
EEPC Report ON Engineering Goods Exports : चीन को भारत से इंजीनियरिंग के सामान का निर्यात नवंबर 2021 में दोगुने से अधिक बढ़कर 434.6 मिलियन डॉलर हो गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 205.3 मिलियन डॉलर था। इस बार भी अमेरिका इस मामले में शीर्ष पर रहा।
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EXPORT
विस्तार
चीन को भारत से इंजीनियरिंग के सामान का निर्यात नवंबर 2021 में दोगुने से अधिक बढ़कर 434.6 मिलियन डॉलर हो गया, जबकि पिछले साल इसी महीने में यह 205.3 मिलियन डॉलर था। इस बार भी अमेरिका इस मामले में शीर्ष पर रहा।
इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी) ने कहा कि मासिक डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि नवंबर 2021 में इंजीनियरिंग निर्यात अक्तूबर 2021 में 9.03 बिलियन से घटकर 7.7 बिलियन डॉलर रह गया। हालांकि, नवंबर 2020 के 5.62 बिलियन डॉलर के निर्यात की तुलना में इस माह वृद्धि अभी भी 37.12 प्रतिशत थी। अमेरिका इस अवधि के दौरान 1196 मिलियन डॉलर के साथ भारतीय इंजीनियरिंग सामानों का शीर्ष आयातक बना रहा, जो नवंबर, 2020 में 875 मिलियन डॉलर से 36.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज करता है।
संयुक्त अरब अमीरात की बात करें तो यूएई भारतीय इंजीनियरिंग सामानों के लिए तीसरा सबसे बड़ा बाजार था, जिसका पिछले महीने कुल शिपमेंट मूल्य 404.4 मिलियन डॉलर था। रिपोर्ट के अनुसार, चार महीनों के लगातार लगभग 9 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने के बाद, नवंबर में इंजीनियरिंग निर्यात घटकर लगभग 7.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। ईईपीसी इंडिया के अध्यक्ष महेश देसाई ने कहा कि आंकड़ों से पता चलता है कि निर्यातकों को दुनिया की मांग में अस्थिरता और महामारी के बारे में अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है, जिसे कोविड-19 के नए संस्करण ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रकोप ने और भी बढ़ा दिया है।
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देसाई ने कहा कि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) और व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन और यूएनसीटीएडी की हालिया रिपोर्टों ने चीन की 'उम्मीद से नीचे' वृद्धि, प्रमुख बाजारों में बड़े और अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव जैसे अनिश्चितता के कारकों को चिह्नित किया है जो आने वाले दिनों में वैश्विक विकास की गति को प्रभावित कर सकते हैं।
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इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (ईईपीसी) ने कहा कि मासिक डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि नवंबर 2021 में इंजीनियरिंग निर्यात अक्तूबर 2021 में 9.03 बिलियन से घटकर 7.7 बिलियन डॉलर रह गया। हालांकि, नवंबर 2020 के 5.62 बिलियन डॉलर के निर्यात की तुलना में इस माह वृद्धि अभी भी 37.12 प्रतिशत थी। अमेरिका इस अवधि के दौरान 1196 मिलियन डॉलर के साथ भारतीय इंजीनियरिंग सामानों का शीर्ष आयातक बना रहा, जो नवंबर, 2020 में 875 मिलियन डॉलर से 36.6 फीसदी की वृद्धि दर्ज करता है।
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संयुक्त अरब अमीरात की बात करें तो यूएई भारतीय इंजीनियरिंग सामानों के लिए तीसरा सबसे बड़ा बाजार था, जिसका पिछले महीने कुल शिपमेंट मूल्य 404.4 मिलियन डॉलर था। रिपोर्ट के अनुसार, चार महीनों के लगातार लगभग 9 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने के बाद, नवंबर में इंजीनियरिंग निर्यात घटकर लगभग 7.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया। ईईपीसी इंडिया के अध्यक्ष महेश देसाई ने कहा कि आंकड़ों से पता चलता है कि निर्यातकों को दुनिया की मांग में अस्थिरता और महामारी के बारे में अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है, जिसे कोविड-19 के नए संस्करण ओमिक्रॉन के बढ़ते प्रकोप ने और भी बढ़ा दिया है।
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देसाई ने कहा कि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) और व्यापार और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन और यूएनसीटीएडी की हालिया रिपोर्टों ने चीन की 'उम्मीद से नीचे' वृद्धि, प्रमुख बाजारों में बड़े और अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव जैसे अनिश्चितता के कारकों को चिह्नित किया है जो आने वाले दिनों में वैश्विक विकास की गति को प्रभावित कर सकते हैं।