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Enforcement Directorate: जीडीआर धोखाधड़ी मामले में ईडी ने की कार्रवाई; 59 करोड़ की संपत्ति जब्त
Fri, 21 Jul 2023 11:04 PM IST
शिव शरण शुक्ला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Fri, 21 Jul 2023 11:04 PM IST
सार
जीडीआर, डिपॉजिटरी बैंक की ओर से जारी एक वित्तीय साधन है। इससे किसी कंपनी को विदेशों में पूंजी बाजार में निवेशक तक पहुंचने की अनुमति मिलती है। ईडी के बयान के अनुसार, लंदन में रहने वाले अरुण पंचारिया, संजय अग्रवाल और इंडिया फोकस कार्डिनल फंड से जुड़ी संपत्तियां जब्त की गई हैं।
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प्रवर्तन निदेशालय।
- फोटो : ANI
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जीडीआर धोखाधड़ी मामले में 59 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। निदेशालय के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कथित तौर पर फर्जी ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसिप्ट (जीडीआर) जारी करने के मामले में भारतीय मूल के नागरिकों (पीआईओ) की 59.37 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है।
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बता दें कि जीडीआर, डिपॉजिटरी बैंक की ओर से जारी एक वित्तीय साधन है। इससे किसी कंपनी को विदेशों में पूंजी बाजार में निवेशक तक पहुंचने की अनुमति मिलती है। ईडी के बयान के अनुसार, लंदन में रहने वाले अरुण पंचारिया, संजय अग्रवाल और इंडिया फोकस कार्डिनल फंड से जुड़ी संपत्तियां जब्त की गई हैं।
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जांच एजेंसी की ओर से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि हैदराबाद की कंपनी फारमैक्स इंडिया लिमिटेड से जुड़ी जांच के संबंध में 59.37 करोड़ की संपत्तियां जब्त की गई हैं। ईडी के मुताबिक भारतीय निवेशकों को ठगने के लिए पंचारिया एवं उससे जुड़े प्रतिष्ठानों, जैसे पैन एशिया एडवाइजर्स लिमिटेड (अब उसे ग्लोबल फाइनेंस और कैपिटल लिमिटेड के नाम से जाना जाता है), इंडिया फोकस कार्डिनल फंड, विंटेज एफजेडई ने अग्रवाल, जलज बत्रा और अन्य के संग मिलकर फर्जी जीडीआर योजना बनाई एवं उसे अमल में लाया तथा उसमें उसे फार्मैक्स इंडिया लिमिटेड के प्रवर्तकों / निदेशकों मोर्थला श्री निवास रेड्डी और मोर्थला मल्ला रेड्डी ने साथ दिया।
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