{"_id":"65fc0d1f9e0222dd3907d163","slug":"election-year-2024-real-estate-housing-strong-residential-market-likely-to-repeat-2014-and-2019-2024-03-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"रियल एस्टेट: आवासीय बाजार में बहार के संकेत; लोकसभा चुनाव 2024 से पहले 10 साल पहले जैसी मजबूती दिखने से उत्साह","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
रियल एस्टेट: आवासीय बाजार में बहार के संकेत; लोकसभा चुनाव 2024 से पहले 10 साल पहले जैसी मजबूती दिखने से उत्साह
Thu, 21 Mar 2024 04:04 PM IST
ज्योति भास्कर
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 21 Mar 2024 04:04 PM IST
सार
रियल एस्टेट से जुड़ी अहम सूचना सामने आई है। बिजनेस वर्ल्ड के आंकड़ों पर नजर रखने वाली फर्म का दावा है कि आवासीय बाजार में बहार के साफ संकेत मिल रहे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले 10 साल पहले (2014 और 2019) जैसी मजबूती दिखने से उत्साह का माहौल बन रहा है।
विज्ञापन
हाउसिंग और रियल एस्टेट सेक्टर में बहार के संकेत (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Real Estate
विस्तार
चुनावी साल में शेयर बाजार के साथ-साथ रियल एस्टेट पर भी नजरें होती हैं। एक कंसल्टेंसी फर्म का दावा है कि चुनावी साल में भारत का रियल एस्टेट (आवासीय क्षेत्र) बेहद मजबूत दिख रहा है। इन संकेतों के आधार पर माना जा रहा है कि 2024 में बाजार में वैसी ही तेजी दिखेगी जैसी, 2014 और 2019 में देखी गई थी। कंसल्टेंसी फर्म एनारॉक के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि आम चुनाव और रियल एस्टेट आपस में जुड़े हुए लगते हैं। फर्म के मुताबिक, कम से कम बीते 10 साल में हुए दो लोकसभा चुनाव- 2014 और 2019 के आंकड़े तो यही बताते हैं कि देश के आम चुनाव और रियल एस्टेट एक दूसरे को प्रभावित करते हैं।
रेरा-जीएसटी और नोटबंदी जैसे फैसलों से बड़ा लाभ हुआ
आंकड़ों के मुताबिक 2014 और 2019 में आवास की बिक्री के नए कीर्तिमान स्थापित हुए। 2014 में शीर्ष सात शहरों में आवास की बिक्री लगभग 3.45 लाख यूनिट तक पहुंच गई। इन दो वर्षों में नए आवासों को लॉन्च करने की संख्या भी बढ़कर 2.37 लाख यूनिट तक जा पहुंची। एनारॉक का मानना है कि नोटबंदी, रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जैसे फैसले प्रमुख संरचनात्मक सुधार हैं। 2016 और 2017 में पेश इन सुधारों की मदद से भारत का रियल एस्टेट संगठित और विनियमित उद्योग में बदल गया।
बाजार में तेजी का कारण; रियल एस्टेट बाजार में आशावाद कैसे बरकरार?
आवासीय बाजार में बहार के संकेत पर एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, रातों-रात दस्तक देकर ग्राहकों को अंधेरे में रखने वाले अधिकांश फ्लाई-बाय-नाइट डेवलपर्स की विदाई हो चुकी है। संगठित खिलाड़ियों के रूप में उभरने के कारण ग्राहकों के बीच भरोसा बहाल हुआ है। यही कारण है कि चुनाव की तारीखों का एलान होने के बाद शहरी इलाकों में आवास की मांग में तेजी बनी हुई है। घर खरीदने के शौकीन लोग रियल एस्टेट बाजार को लेकर काफी आशावादी बने हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
रेरा-जीएसटी और नोटबंदी जैसे फैसलों से बड़ा लाभ हुआ
आंकड़ों के मुताबिक 2014 और 2019 में आवास की बिक्री के नए कीर्तिमान स्थापित हुए। 2014 में शीर्ष सात शहरों में आवास की बिक्री लगभग 3.45 लाख यूनिट तक पहुंच गई। इन दो वर्षों में नए आवासों को लॉन्च करने की संख्या भी बढ़कर 2.37 लाख यूनिट तक जा पहुंची। एनारॉक का मानना है कि नोटबंदी, रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जैसे फैसले प्रमुख संरचनात्मक सुधार हैं। 2016 और 2017 में पेश इन सुधारों की मदद से भारत का रियल एस्टेट संगठित और विनियमित उद्योग में बदल गया।
विज्ञापन
बाजार में तेजी का कारण; रियल एस्टेट बाजार में आशावाद कैसे बरकरार?
आवासीय बाजार में बहार के संकेत पर एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, रातों-रात दस्तक देकर ग्राहकों को अंधेरे में रखने वाले अधिकांश फ्लाई-बाय-नाइट डेवलपर्स की विदाई हो चुकी है। संगठित खिलाड़ियों के रूप में उभरने के कारण ग्राहकों के बीच भरोसा बहाल हुआ है। यही कारण है कि चुनाव की तारीखों का एलान होने के बाद शहरी इलाकों में आवास की मांग में तेजी बनी हुई है। घर खरीदने के शौकीन लोग रियल एस्टेट बाजार को लेकर काफी आशावादी बने हुए हैं।
विज्ञापन