Mobile Phone Export: सरकारी योजना का असर, 10 अरब डॉलर होगा मोबाइल फोन निर्यात
इंडिया सेल्यूलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) के आंकड़ों के मुताबिक, इस निर्यात में एपल के मेक इन इंडिया स्मार्टफोन का हिस्सा 50 फीसदी होगा। सेमसंग का हिस्सा 40 फीसदी जबकि अन्य कंपनियों का हिस्सा 10 फीसदी होगा।
विस्तार
स्थानीय विनिर्माण को आकर्षित करने के लिए सरकार की योजना का असर दिखने लगा है। चालू वित्त वर्ष में देश से 10 अरब डॉलर यानी 82,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्मार्ट मोबाइल फोन का निर्यात होगा। फरवरी तक यह 9.5 अरब डॉलर था।
इंडिया सेल्यूलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) के आंकड़ों के मुताबिक, इस निर्यात में एपल के मेक इन इंडिया स्मार्टफोन का हिस्सा 50 फीसदी होगा। सेमसंग का हिस्सा 40 फीसदी जबकि अन्य कंपनियों का हिस्सा 10 फीसदी होगा।
इस साल में स्मार्टफोन के निर्यात में तेजी इसलिए आई है क्योंकि कंपनियां उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का फायदा उठा रही हैं। इसके लिए वे बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं। एपल चीन की अपनी विनिर्माण इकाई को अगले दो से तीन साल में भारत और वियतनाम में लाने की कोशिश कर रही है। भारत के शीर्ष पांच निर्यात देशों में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), अमेरिका, नीदरलैंड, ब्रिटेन और इटली शामिल हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, मोबाइल फोन उद्योग 40 अरब डॉलर के विनिर्माण उत्पादन को पार कर जाएगा। इसका 25 फीसदी यानी 10 अरब डॉलर का निर्यात होगा। सरकार मोबाइल से इतर इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण परिवेश को मजबूत करने के लिए भी काम कर रही है, ताकि इसके अन्य कलपुर्जों का भी बड़े पैमाने पर भारत हब बन सके, क्योंकि स्मार्टफोन के अलावा इनकी भी बिक्री बहुत ज्यादा होती है। भारत में एपल की तीन कंपनियां फोन का निर्माण करती हैं।
वैश्विक सुस्ती व मेटल की कम मांग के कारण देश का इंजीनियरिंग निर्यात फरवरी में 25 प्रमुख देशों में से 17 देशों में घट गया है। इस दौरान कुल निर्यात 9.68% घटकर 8.58 अरब डॉलर रहा जो एक साल पहले 9.50 अरब डॉलर था।
- चीन को होने वाले निर्यात में फरवरी में 33.3% की गिरावट आई और यह 20.5 करोड़ डॉलर रहा, अप्रैल, 2022 से फरवरी, 2023 में यह 54% घटकर 2.4 अरब डॉलर रह गया। 2021-22 में यह 5.21 अरब डॉलर था।
- अमेरिका में सालाना आधार पर यह 9.1% घटकर 1.35 अरब डॉलर रहा, हालांकि चालू वित्त वर्ष के 11 महीनों में इसमें 10.8% की तेजी आई है।
इनके निर्यात में रही तेजी
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सिंगापुर, सऊदी अरबिया, मैक्सिको और इंडोनेशिया।
ये हैं प्रमुख निर्यात उत्पादन
लोहा और स्टील जैसे प्रमुख इंजीनियरिंग उत्पाद, सीसा, टिन और अन्य उत्पाद, औद्योगिक बॉयलर, एसी, डेयरी मशीनरी।