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अवैध खनन मामला : ईडी का मेघालय और असम में कई स्थानों पर छाप, 1.58 करोड़ कैश जब्त
Fri, 25 Apr 2025 11:42 PM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शुक्ला
Updated Fri, 25 Apr 2025 11:42 PM IST
सार
ईडी ने बताया कि प्रतिबंध के बावजूद राज्य में अवैध रूप से 'रैट मानिंग' (कोयला निकालने के लिए बेहद छोटे-छोटे गड्ढे खोदना) जोर-शोर से चल रहा है। इस तरीके से प्रतिदिन करीब 1,200 टन कोयला निकाला जा रहा था। संघीय एजेंसी ने कहा कि एरा एनिंग और गोरेंग क्षेत्रों में लगभग 20 खदानें अवैध रूप से चल रही थीं।
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प्रवर्तन निदेशालय।
- फोटो : ANI
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध कोयला खनन से जुड़े धन शोधन जांच के तहत बृहस्पतिवार को मेघालय के जादिगिट्टिम और नोंगलबिबरा के अलावा असम के जोगीघोपा (बोंगाईगांव), मार्गेरिटा (तिनसुकिया) और गुवाहाटी में स्थित 15 परिसरों पर छापा मारा। छापे के दौरान 1.58 करोड़ रुपये नकद, लैपटॉप, मोबाइल फोन और दो हाई-एंड वाहन जब्त किए गए हैं। ईडी की यह कार्रवाई मेघालय पुलिस की एफआईआर से संबंधित है।
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शुक्रवार को जारी बयान में ईडी ने बताया कि प्रतिबंध के बावजूद राज्य में अवैध रूप से 'रैट मानिंग' (कोयला निकालने के लिए बेहद छोटे-छोटे गड्ढे खोदना) जोर-शोर से चल रहा है। इस तरीके से प्रतिदिन करीब 1,200 टन कोयला निकाला जा रहा था। संघीय एजेंसी ने कहा कि एरा एनिंग और गोरेंग क्षेत्रों में लगभग 20 खदानें अवैध रूप से चल रही थीं। खदान में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। एजेंसी ने तलाशी के दौरान, साइट पर पाए गए कुछ मजदूरों को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया। ईडी ने कहा कि उसने पाया है कि मेघालय और असम में एक सिंडिकेट इन अवैध रैट माइनिंग में शामिल है। यह सिंडिकेट अवैध कोयले से लदे ट्रक मेघालय की सीमाओं को पार कर असम में प्रवेश करवाता है। सिंडिकेट कमीशन के नाम पर खदान मालिकों से प्रति ट्रक 1.27 लाख रुपये से 1.5 लाख रुपये नकद लेता है। अवैध रूप से खनन किए गए कोयले को जोगीघोपा स्थित डिपो में संग्रहीत किया जाता है।
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खदान मालिक और सिंडिकेट के सदस्य में है मिलीभगत
एजेंसी ने पाया कि कुछ कोयला खदान मालिक और सिंडिकेट के सदस्य मार्घेरिटा में अवैध कोयला खदान संचालकों के साथ मिलकर काम करते थे। ताकि यह लगे कि यह कोयला वैध स्रोतों से प्राप्त खदानों से निकाला जा रहा है। ईडी ने कहा कि तलाशी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेज, प्रबंधकों, खदान मालिकों और मजदूरों के बयानों से पता चला है कि प्रत्येक खदान से प्रतिदिन पांच से सात ट्रक लोड किए जाते थे और प्रत्येक ट्रक में 12 से 16 टन अवैध रूप से खनन किया गया कोयला होता था। ईडी ने कहा कि दक्षिण गारो हिल्स के एरा एनिंग और गोरेंग क्षेत्रों से प्रतिदिन अवैध रूप से खनन किए गए कोयले की मात्रा का अनुमान लगभग 1,200 टन था और खदान मालिकों को सभी खर्चों का ध्यान रखने के बाद प्रति ट्रक 5,000 से 10,000 रुपये का शुद्ध लाभ मिलता था।
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