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बैंक ऋण धोखाधड़ी: भूषण स्टील लिमिटेड के 30 ठिकानों पर ED की छापेमारी, मुखौटा कंपनियों में पैसा लगाने का आरोप

Mon, 16 Oct 2023 10:02 PM IST
निर्मल कांत बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 16 Oct 2023 10:02 PM IST
सार

Bank Fraud Case: ईडी ने 56 हजार करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में पूर्ववर्ती भूषण स्टील लिमिटेड के प्रवर्तकों और इकाइयों के खिलाफ धनशोधन की जांच के तहत नए सिरे से तलाशी ली है। एजेंसी ने सोमवार को यह जानकारी दी। 

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ED conducts raids against erstwhile Bhushan Steel Ltd. in Rs 56,000 cr bank loan 'fraud' case
प्रवर्तन निदेशालय। - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 56 हजार करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में पूर्ववर्ती भूषण स्टील लिमिटेड के प्रवर्तकों और इकाइयों के खिलाफ धनशोधन की जांच के तहत नए सिरे से तलाशी ली है। एजेंसी ने सोमवार को यह जानकारी दी। 

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अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, हरियाणा, कोलकाता, मुंबई और भुवनेश्वर (ओडिशा) में 30 स्थानों पर पिछले सप्ताह 13 अक्तूबर को छापे मारे गए और उनका सर्वेक्षण किया गया। धनशोधन का यह मामला कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाली जांच एजेंसी, गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) द्वारा दायर आरोपपत्र से उपजा है।

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एजेंसी ने एक बयान में आरोप लगाया कि जांच में पाया गया कि पूर्ववर्ती भूषण स्टील लिमिटेड (बीएसएल) और उसके प्रबंध निदेशक नीरज सिंघल और उनके सहयोगियों ने कई मुखौटा कंपनियां बनाईं। कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) को पूरा करने के बाद 2018 में भूषण स्टील का टाटा स्टील लिमिटेड ने अधिग्रहण कर लिया था। 

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ईडी ने आरोप लगाया कि बीएसएल से जुड़े प्रवर्तकों और इकाइयों ने कई इकाइयों के माध्यम से एक कंपनी से दूसरी कंपनी में धन को इधर-उधर किया। इसमें दावा किया गया है, 'धन को पूंजी डालने, संपत्ति खरीदने और अन्य व्यक्तिगत उद्देश्यों के लिए वितरित किया गया था।' 

बीएसएल के प्रवर्तकों, निदेशकों और अधिकारियों ने जाली दस्तावेज तैयार किए और बैंकों के समक्ष धोखाधड़ी से एलसी (साख पत्र) में छूट दी और गलत इरादे से धन को अपनी कंपनियों के जाल में वापस भेज दिया, जिससे भारतीय स्टेट बैंक और पंजाब नेशनल बैंक को गलत तरीके से नुकसान हुआ। 

उन्होंने कहा, 'तलाशी अभियान के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए। डिजिटल साक्ष्य नीरज सिंघल के प्रमुख कर्मचारियों/विश्वासपात्रों के पास छिपे हुए पाए गए।' एजेंसी ने छापेमारी के दौरान 72 लाख रुपये नकद, करीब 52 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा/यात्री चेक और चार करोड़ रुपये मूल्य की तीन लग्जरी कारें (मर्सिडीज बेंज) भी जब्त की।

सिंघल को ईडी ने इस साल जून में गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। ईडी ने इस मामले में 61.38 करोड़ रुपये की संपत्ति भी कुर्क की थी।

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