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ED: पांच राज्यों में 503 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क, 4037 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी का मामला
Mon, 28 Oct 2024 02:23 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 28 Oct 2024 02:23 PM IST
सार
Enforcement Directorate: ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा कॉरपोरेट पावर लिमिटेड और उसके प्रमोटरों और निदेशकों तथा अन्य के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के कथित अपराधों के लिए दर्ज की गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के आधार पर जांच शुरू की है। आइए विस्तार से इस खबर के बारे में जानें।
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ED
- फोटो : ANI
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 4,037 करोड़ रुपये के कथित बैंक धोखाधड़ी मामले में महाराष्ट्र , पश्चिम बंगाल , बिहार , झारखंड और आंध्र प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर स्थित 503.16 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां जब्त की हैं। एजेंसी ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।
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यह मामला कॉरपोरेट पावर लिमिटेड और उनके प्रमोटरों और निदेशकों मनोज जायसवाल, अभिजीत जायसवाल, अभिषेक जायसवाल और अन्य के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत दर्ज एक एक पहले से चल रही जांच पर आधारित है।
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कुर्क की गई संपत्तियों में बैंक बैलेंस, म्यूचुअल फंड, शेयर, विभिन्न भूमि संपत्तियां और भवन शामिल हैं, जो कॉरपोरेट पावर लिमिटेड और मनोज कुमार जायसवाल और अन्य के परिवार के सदस्यों के अलावा विभिन्न शेल कंपनियों के नाम पर अर्जित किए गए हैं।
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ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा कॉरपोरेट पावर लिमिटेड और उसके प्रमोटरों और निदेशकों तथा अन्य के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के कथित अपराधों के लिए दर्ज की गई प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) के आधार पर जांच शुरू की है।
शिकायतकर्ता, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार, आरोपितों ने कथित तौर पर ऋण प्राप्त करने के लिए हेरफेर कर प्रोजेक्ट लागत विवरण प्रस्तुत किए थे और बैंक के फंड को भी डायवर्ट किया था, जिससे 4,037 करोड़ रुपये (ब्याज सहित 11,379 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ।
इससे पहले इस मामले में, ईडी ने नागपुर, कोलकाता और विशाखापत्तनम में विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया था और विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए थे और कथित अपराध की आय भी जब्त की थी जिसमें 223.33 करोड़ रुपये मूल्य के सूचीबद्ध शेयर और प्रतिभूतियां, म्यूचुअल फंड, सावधि जमा और बैंक बैलेंस शामिल थे और 55.85 लाख रुपये की नकदी भी जब्त की थी।